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Sambhal News: बंद होने लगे क्रय केंद्र, अभी तक 44.42 प्रतिशत गेहूं की खरीद
Fri, 23 May 2025 11:31 PM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Fri, 23 May 2025 11:31 PM IST
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संभल।
सरकारी से बाजार भाव अधिक होने के कारण आढ़तों ने सरकारी गेहूं खरीद केंद्रों की रौनक छीन ली है। जिले में रबी विपणन योजना के तहत गेहूं की खरीद 15 जून तक होनी है, लेकिन गेहूं की आवक कम होने से क्रय केंद्र सूने पड़े हैं। कई केंद्र बंद हो चुके हैं। सिर्फ कागजों में संचालित हैं। हालांकि विभाग केंद्र बंद होने से इन्कार कर रहा है। साथ ही लक्ष्य को पूरा करने में प्रयासरत है। जनपद में लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 44.42 प्रतिशत गेहूं की खरीद हुई है। विभाग खरीद कम होने पर बाजार में मिल रहे गेहूं के अधिक भाव का तर्क दे रहा है। साथ ही लक्ष्य पूरा करने को लेकर चिंतित हैं। इस बार गेहूं खरीद के लिए विभिन्न एजेंसियों के 73 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। इनके माध्यम से 48 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद होनी है, लेकिन अभी तक 21322.60 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया है। जोकि लक्ष्य के मुकाबले 44.42 प्रतिशत है। 17 मार्च से अब तक 2932 किसानाें ने गेहूं बेचा है।
वर्तमान में क्रय केंद्र सूने पड़े हैं। ग्रामीण क्षेत्र में अधिकांश क्रय केंद्र बंद हो चुके हैं। हालांकि विभाग सभी केंद्र संचालित होने का दावा कर रहा है। साथ ही गेहूं की आवक कम होने की बात स्वीकार की है। बाजार में भाव बढ़ने के बाद से क्रय केंद्रों पर गेहूं पहुंचना कम हुआ है। शुरुआत में सरकारी और आढ़त का भाव लगभग बराबर था, लेकिन अब बाजार में 2550 रुपये प्रति क्विंटल का भाव मिल रहा है, जबकि सरकारी भाव 2425 रुपये हैं। ऐसे में किसान बाजार में गेहूं बेचना पसंद कर रहे हैं। हालांकि विभाग अब भी किसानों से संपर्क कर गेहूं खरीद बढ़ाने का प्रयास में हैं।
वर्जन
- बाजार में भाव बढ़ने से आवक कम हुई है, इसके बाद भी लगातार खरीद बढ़ाने को प्रयास किया जा रहा है। कोई भी क्रय केंद्र बंद नहीं है। 15 जून तक सभी क्रय केंद्रों पर खरीद होगी। -संजीव कुमार राय, जिला खाद्य विपणन अधिकारी संभल
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सरकारी से बाजार भाव अधिक होने के कारण आढ़तों ने सरकारी गेहूं खरीद केंद्रों की रौनक छीन ली है। जिले में रबी विपणन योजना के तहत गेहूं की खरीद 15 जून तक होनी है, लेकिन गेहूं की आवक कम होने से क्रय केंद्र सूने पड़े हैं। कई केंद्र बंद हो चुके हैं। सिर्फ कागजों में संचालित हैं। हालांकि विभाग केंद्र बंद होने से इन्कार कर रहा है। साथ ही लक्ष्य को पूरा करने में प्रयासरत है। जनपद में लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 44.42 प्रतिशत गेहूं की खरीद हुई है। विभाग खरीद कम होने पर बाजार में मिल रहे गेहूं के अधिक भाव का तर्क दे रहा है। साथ ही लक्ष्य पूरा करने को लेकर चिंतित हैं। इस बार गेहूं खरीद के लिए विभिन्न एजेंसियों के 73 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। इनके माध्यम से 48 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद होनी है, लेकिन अभी तक 21322.60 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया है। जोकि लक्ष्य के मुकाबले 44.42 प्रतिशत है। 17 मार्च से अब तक 2932 किसानाें ने गेहूं बेचा है।
वर्तमान में क्रय केंद्र सूने पड़े हैं। ग्रामीण क्षेत्र में अधिकांश क्रय केंद्र बंद हो चुके हैं। हालांकि विभाग सभी केंद्र संचालित होने का दावा कर रहा है। साथ ही गेहूं की आवक कम होने की बात स्वीकार की है। बाजार में भाव बढ़ने के बाद से क्रय केंद्रों पर गेहूं पहुंचना कम हुआ है। शुरुआत में सरकारी और आढ़त का भाव लगभग बराबर था, लेकिन अब बाजार में 2550 रुपये प्रति क्विंटल का भाव मिल रहा है, जबकि सरकारी भाव 2425 रुपये हैं। ऐसे में किसान बाजार में गेहूं बेचना पसंद कर रहे हैं। हालांकि विभाग अब भी किसानों से संपर्क कर गेहूं खरीद बढ़ाने का प्रयास में हैं।
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वर्जन
- बाजार में भाव बढ़ने से आवक कम हुई है, इसके बाद भी लगातार खरीद बढ़ाने को प्रयास किया जा रहा है। कोई भी क्रय केंद्र बंद नहीं है। 15 जून तक सभी क्रय केंद्रों पर खरीद होगी। -संजीव कुमार राय, जिला खाद्य विपणन अधिकारी संभल
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