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सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाकर आंगनवाड़ी और सहायिकाओं ने किया प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापन
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संभल तहसील परिसर में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करतीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ती।
- फोटो : SAMBHAL
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संभल। आंगनबाड़ी वर्कर और सहायिकाओं ने तहसील परिसर में विरोध प्रदर्शन कर सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपा। इसमें उन्होंने विभिन्न मांगें रखी हैं। मांगे पूरी न होने पर आगामी चुनाव में सरकार को सबक सिखाए जाने की बात कही है।
गुरुवार को नई तहसील परिसर में आंगनबाड़ी वर्करों और सहायिकाओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन उपजिलाधिकारी दीपेंद्र यादव को सौंपते हुए कहा कि चुनाव से पहले आंगनबाड़ी वर्करों को तमाम प्रलोभन दिए गए। लेकिन एक भी वादे को भाजपा सरकार पूरा नहीं कर पाई।
कहा कि अपना हक लेकर ही लड़ाई को समाप्त किया जाएगा। आगामी विधानसभा चुनाव में नोटा का इस्तेमाल कर अपनी ताकत का एहसास भी सरकार को कराया जाएगा। दिए ज्ञापन में उन्होंने कहा कि 1 जून 2018 का समझौता व 21 फरवरी 2015 में की गई घोषणा पूरी की जाए। सरकारी कर्मचारियों का दर्जा व न्यूनतम 24 हजार रुपये मासिक वेतन दिया जाए। रिटायरमेंट पर दस हजार रुपये मासिक पेंशन दी जाए।
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राशन सीधा आंगनबाड़ी केंद्र पर भेजा जाए। प्रमोशन व नई भर्ती तत्काल पूरी की जाए। बिना मोबाइल द्वारा ऑनलाइन फीडिंग न कराई जाए। कोरोना काल में कार्य करने पर अतिरिक्त बारह हजार रुपये मासिक व जोखिम भत्ता दिया जाए। इन मांगों को पूरा करने की मांग की गई है। इस दौरान सुधा, सोमवती, रेखा, विनीता, अर्चना, शर्मा, मिथिलेश, शांति, विनेश, कमलेश, प्रतीक्षा त्यागी, कौशल्या शर्मा आदि मौजूद रहीं।
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गुरुवार को नई तहसील परिसर में आंगनबाड़ी वर्करों और सहायिकाओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन उपजिलाधिकारी दीपेंद्र यादव को सौंपते हुए कहा कि चुनाव से पहले आंगनबाड़ी वर्करों को तमाम प्रलोभन दिए गए। लेकिन एक भी वादे को भाजपा सरकार पूरा नहीं कर पाई।
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कहा कि अपना हक लेकर ही लड़ाई को समाप्त किया जाएगा। आगामी विधानसभा चुनाव में नोटा का इस्तेमाल कर अपनी ताकत का एहसास भी सरकार को कराया जाएगा। दिए ज्ञापन में उन्होंने कहा कि 1 जून 2018 का समझौता व 21 फरवरी 2015 में की गई घोषणा पूरी की जाए। सरकारी कर्मचारियों का दर्जा व न्यूनतम 24 हजार रुपये मासिक वेतन दिया जाए। रिटायरमेंट पर दस हजार रुपये मासिक पेंशन दी जाए।
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राशन सीधा आंगनबाड़ी केंद्र पर भेजा जाए। प्रमोशन व नई भर्ती तत्काल पूरी की जाए। बिना मोबाइल द्वारा ऑनलाइन फीडिंग न कराई जाए। कोरोना काल में कार्य करने पर अतिरिक्त बारह हजार रुपये मासिक व जोखिम भत्ता दिया जाए। इन मांगों को पूरा करने की मांग की गई है। इस दौरान सुधा, सोमवती, रेखा, विनीता, अर्चना, शर्मा, मिथिलेश, शांति, विनेश, कमलेश, प्रतीक्षा त्यागी, कौशल्या शर्मा आदि मौजूद रहीं।