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Sambhal News: विद्यार्थियों की राह में खतरे तमाम...बच्चों की सुरक्षा के नहीं इंतजाम
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संभल। जिले में भी स्कूलों की राह में तमाम खतरे हैं। कई स्कूलों के परिसर तक दमकल टीम वाहन लेकर नहीं पहुंच सकती है तो कई स्कूलों के ऊपर हाईटेंशन लाइन के तारों का जाल फैला है। हाल ही में लखनऊ में हुई घटना के बाद अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। वह अपने बच्चों के स्कूल से लेकर कोचिंग सेंटरों तक की आवाजाही पर चिंतित हो गए हैं। जो जाहिरी तौर पर चिंता का भी विषय है। सोमवार को अमर उजाला की टीम ने शहर से लेकर देहात तक पड़ताल की। इस पड़ताल में चौंकाने वाली स्थिति सामने आई है।
संभल में सरथल चौकी के निकट स्कूल संचालित है। इस स्कूल तक दमकल के वाहन नहीं पहुंच सकते। इसके नजदीक ही परिषदीय स्कूल की दीवार से सटा बिजली का खंभा है। इससे भी हादसे का अंदेशा है। चंदौसी मार्ग पर संचालित एक निजी स्कूल तक भी दमकल वाहन नहीं पहुंच पाएंगे। वहीं दूसरी ओर सिरसी में प्राथमिक विद्यालय उत्तरी के पास ट्रांसफार्मर रखा है।
इसी तरह गवां कस्बे में पीएमश्री विद्यालय की दीवार के पास खुले में ट्रांसफार्मर रखा है। आपात स्थिति में बड़े दमकल वाहन इन स्कूलों तक नहीं पहुंच पाएंगे। यह स्कूल घनी आबादी वाले क्षेत्रों या संकरी गलियों में स्थित हैं। यह स्थिति आपातकालीन स्थिति में बचाव कार्यों को बेहद चुनौतीपूर्ण बना सकती है। दमकल विभाग के अग्निशमन अधिकारी सनद कुमार का कहना है कि हमने बीएसए से विद्यालयों की सूची मांगी है। यदि वह उपलब्ध करा दें तो हम जांच पड़ताल शुरू कर देंगे।
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प्रशासन चेता, जांच पड़ताल शुरू
जिला प्रशासन ने इस गंभीर मुद्दे पर विचार-विमर्श शुरू कर दिया है। डीएम अंकित खंडेलवाल ने शिक्षा विभाग और अग्निशमन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। स्कूलों को छोटे अग्निशमन उपकरण रखने और कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने का निर्देश दिया है। साथ ही, स्कूलों को अपने परिसर के आसपास अतिक्रमण हटाने के लिए भी कहा है।
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परिषदीय विद्यालयों से गुजर रही हाईटेंशन लाइन, जिम्मेदार नहीं चेत रहे
जिले के देहात क्षेत्र में स्थित परिषदीय विद्यालयों में हाईटेंशन लाइन बड़ा खतरा है। शासन ने संज्ञान लेकर हाईटेंशन लाइन शिफ्ट कराने की प्रक्रिया शुरू कराई और शिफ्ट के लिए खर्च होने वाले एस्टीमेट की धनराशि भी दे दी गई। बेसिक शिक्षा विभाग ने बिजली निगम को एस्टीमेट की धनराशि भी जमा कर दी लेकिन हाईटेंशन लाइन अभी भी नहीं हटी है।
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इन विद्यालयों से गुजर रही है हाईटेंशन लाइन
प्राथमिक विद्यालय गंदूपुरा, प्राथमिक विद्यालय अजीमाबाद, कंपोजिट विद्यालय करछली, प्राथमिक विद्यालय महोरा लघुपुरा, मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय भवानीपुर, प्राथमिक विद्यालय शर्की सिरसी, प्राथमिक विद्यालय ईसापुर सानी, कंपोजिट विद्यालय ततारपुर रोड, प्राथमिक विद्यालय ततारपुर संदल, उच्च प्राथमिक विद्यालय मौजजमपुर उर्फ बिशनपुर, प्राथमिक विद्यालय मजरा मोहम्मदपुर मालनी, कंपोजिट विद्यालय भारतल मदापुर, उच्च प्राथमिक विद्यालय रामपुर मोहकम, प्राथमिक विद्यालय नहरौला।
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जिन विद्यालयों के नजदीक से लाइन या ट्रांसफार्मर हटवाने की स्थिति मिलती है तो उनको हटवाया जाएगा। टीम को भेजकर जांच कराई जाएगी।
रघुनाथ तित्तल, एक्सईएन, विद्युत, संभल
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बिजली निगम को फिर से पत्राचार किया गया है। डीएम की ओर से सात दिन का समय दिया है। इस अवधि में हाईटेंशन लाइन हटनी है।
सचिन सक्सेना, डीसी (सिविल) , संभल
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हमने बीएसए से विद्यालयों की सूची मांगी है। सूची के आधार पर जांच पड़ताल की जाएगी। जहां मानक अधूरे मिलेंगे सुधार कराया जाएगा।
सनद कुमार, अग्निशमन अधिकारी, संभल
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संभल में सरथल चौकी के निकट स्कूल संचालित है। इस स्कूल तक दमकल के वाहन नहीं पहुंच सकते। इसके नजदीक ही परिषदीय स्कूल की दीवार से सटा बिजली का खंभा है। इससे भी हादसे का अंदेशा है। चंदौसी मार्ग पर संचालित एक निजी स्कूल तक भी दमकल वाहन नहीं पहुंच पाएंगे। वहीं दूसरी ओर सिरसी में प्राथमिक विद्यालय उत्तरी के पास ट्रांसफार्मर रखा है।
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इसी तरह गवां कस्बे में पीएमश्री विद्यालय की दीवार के पास खुले में ट्रांसफार्मर रखा है। आपात स्थिति में बड़े दमकल वाहन इन स्कूलों तक नहीं पहुंच पाएंगे। यह स्कूल घनी आबादी वाले क्षेत्रों या संकरी गलियों में स्थित हैं। यह स्थिति आपातकालीन स्थिति में बचाव कार्यों को बेहद चुनौतीपूर्ण बना सकती है। दमकल विभाग के अग्निशमन अधिकारी सनद कुमार का कहना है कि हमने बीएसए से विद्यालयों की सूची मांगी है। यदि वह उपलब्ध करा दें तो हम जांच पड़ताल शुरू कर देंगे।
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प्रशासन चेता, जांच पड़ताल शुरू
जिला प्रशासन ने इस गंभीर मुद्दे पर विचार-विमर्श शुरू कर दिया है। डीएम अंकित खंडेलवाल ने शिक्षा विभाग और अग्निशमन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। स्कूलों को छोटे अग्निशमन उपकरण रखने और कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने का निर्देश दिया है। साथ ही, स्कूलों को अपने परिसर के आसपास अतिक्रमण हटाने के लिए भी कहा है।
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परिषदीय विद्यालयों से गुजर रही हाईटेंशन लाइन, जिम्मेदार नहीं चेत रहे
जिले के देहात क्षेत्र में स्थित परिषदीय विद्यालयों में हाईटेंशन लाइन बड़ा खतरा है। शासन ने संज्ञान लेकर हाईटेंशन लाइन शिफ्ट कराने की प्रक्रिया शुरू कराई और शिफ्ट के लिए खर्च होने वाले एस्टीमेट की धनराशि भी दे दी गई। बेसिक शिक्षा विभाग ने बिजली निगम को एस्टीमेट की धनराशि भी जमा कर दी लेकिन हाईटेंशन लाइन अभी भी नहीं हटी है।
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इन विद्यालयों से गुजर रही है हाईटेंशन लाइन
प्राथमिक विद्यालय गंदूपुरा, प्राथमिक विद्यालय अजीमाबाद, कंपोजिट विद्यालय करछली, प्राथमिक विद्यालय महोरा लघुपुरा, मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय भवानीपुर, प्राथमिक विद्यालय शर्की सिरसी, प्राथमिक विद्यालय ईसापुर सानी, कंपोजिट विद्यालय ततारपुर रोड, प्राथमिक विद्यालय ततारपुर संदल, उच्च प्राथमिक विद्यालय मौजजमपुर उर्फ बिशनपुर, प्राथमिक विद्यालय मजरा मोहम्मदपुर मालनी, कंपोजिट विद्यालय भारतल मदापुर, उच्च प्राथमिक विद्यालय रामपुर मोहकम, प्राथमिक विद्यालय नहरौला।
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जिन विद्यालयों के नजदीक से लाइन या ट्रांसफार्मर हटवाने की स्थिति मिलती है तो उनको हटवाया जाएगा। टीम को भेजकर जांच कराई जाएगी।
रघुनाथ तित्तल, एक्सईएन, विद्युत, संभल
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बिजली निगम को फिर से पत्राचार किया गया है। डीएम की ओर से सात दिन का समय दिया है। इस अवधि में हाईटेंशन लाइन हटनी है।
सचिन सक्सेना, डीसी (सिविल) , संभल
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हमने बीएसए से विद्यालयों की सूची मांगी है। सूची के आधार पर जांच पड़ताल की जाएगी। जहां मानक अधूरे मिलेंगे सुधार कराया जाएगा।
सनद कुमार, अग्निशमन अधिकारी, संभल