{"_id":"6ada71df2cc57215f70df588","slug":"no-escape-now-for-those-burning-stubble-being-monitored-via-satellite-sambhal-news-c-204-1-chn1011-134005-2026-10-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sambhal News: पराली जलाने पर अब खैर नहीं, सेटेलाइट से रखी जा रही नजर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sambhal News: पराली जलाने पर अब खैर नहीं, सेटेलाइट से रखी जा रही नजर
Fri, 23 Oct 2026 01:58 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Fri, 23 Oct 2026 01:58 AM IST
विज्ञापन
चंदौसी। जिलाधिकारी के निर्देश पर पराली जलाने पर रोक लगाने के लिए 15 सितंबर से सख्त निगरानी और जागरूकता अभियान शुरू हुआ है। सेटेलाइट के माध्यम से नजर रखी जा रही है।
उप कृषि निदेशक अरुण कुमार त्रिपाठी ने बताया कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण के निर्देशों के तहत पराली जलाने पर जुर्माना लगेगा। दो एकड़ से कम क्षेत्र में पांच हजार रुपये, दो से पांच एकड़ तक 10 हजार रुपये और पांच एकड़ से अधिक क्षेत्र में 30 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। संबंधित किसान विभागीय योजनाओं के लाभ से भी वंचित हो सकते हैं।
उन्होंने किसानों से फसल अवशेष न जलाने की अपील की। अवशेष को खेत में पलटकर जोताई करें, जिससे भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़े। अधिक पराली होने पर उसे नजदीकी गौशाला में पहुंचाएं। कृषि विभाग के अधिकारियों को किसानों को जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
उप कृषि निदेशक अरुण कुमार त्रिपाठी ने बताया कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण के निर्देशों के तहत पराली जलाने पर जुर्माना लगेगा। दो एकड़ से कम क्षेत्र में पांच हजार रुपये, दो से पांच एकड़ तक 10 हजार रुपये और पांच एकड़ से अधिक क्षेत्र में 30 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। संबंधित किसान विभागीय योजनाओं के लाभ से भी वंचित हो सकते हैं।
विज्ञापन
उन्होंने किसानों से फसल अवशेष न जलाने की अपील की। अवशेष को खेत में पलटकर जोताई करें, जिससे भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़े। अधिक पराली होने पर उसे नजदीकी गौशाला में पहुंचाएं। कृषि विभाग के अधिकारियों को किसानों को जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं। संवाद
विज्ञापन