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नहीं हो पाया 15 हजार का जुगाड़, मौत
ब्यूरो/अमर उजाला, संभल
Updated Mon, 12 Dec 2016 01:26 AM IST
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आखिरकार पीलिया रोग से पीड़ित युवक की जान चली गई।
शहर के खुर्जागेट छोटे पुल निवासी स्वर्गीय सुरेंद्र सिंह का तीस साल का बेटा अजय रावत पिछले कई महीनों से पीलिया रोग से पीड़ित था। घर में जो धन था, उससे दवाई चलती रही लेकिन शुक्रवार की रात उसकी तबीयत ज्यादा खराब हो गई तो उसे उपचार के लिए मुरादाबाद के लिए निजी हास्पिटल में ले गए। वहां अस्पताल ने पहले 15 हजार रुपये जमा करने को कहा। उनके पास सिर्फ सात हजार रुपये ही थे, मजबूरी में अजय को घर ले आए।
फिर ससुर नेत्रपाल सिंह, साला कुलदीप सिंह फिर भारतीय स्टेट बैंक की लाइन में पैसे के इंतजार के लिए खड़े रहे। रविवार को फिर लाइन में लगकर रुपये निकालने पहुंचे थे लेकिन इससे पहले ही सुबह आठ बजे अजय रावत की मौत हो गई। पत्नी नीतू सिंह व दोनों बेटियों को रोते-रोते बुरा हाल है। छोटे भाई विजय सिंह ने बताया कि काश, यदि समय पर रुपये मिल जाते तो उसके भाई का इलाज हो जाता।
एटीएम के बाहर नहीं दिखी लाइन
चंदौसी। रविवार को शहर के सभी एटीएम भी बंद रहे। लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। लोगों ने देखा कि कहीं कोई एटीएम सुचारू तो नहीं है लेकिन निराश होकर लौट गए। वैसे भी शहर के तीन चार एटीएम ही पैसे निकाल रहे हैं। लेकिन बैंक की तीन दिनों की छुट्टी के बाद रविवार को कहीं कोई एटीएम नहीं चला। शनिवार को देर रात तक लाइनें लगी थी लेकिन अधिकांश एटीएम शाम होने से पहले ही खाली हो गए थे। इसलिए रविवार को कहीं भी एटीएम पर कोई लाइन नहीं दिखी।
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शहर के खुर्जागेट छोटे पुल निवासी स्वर्गीय सुरेंद्र सिंह का तीस साल का बेटा अजय रावत पिछले कई महीनों से पीलिया रोग से पीड़ित था। घर में जो धन था, उससे दवाई चलती रही लेकिन शुक्रवार की रात उसकी तबीयत ज्यादा खराब हो गई तो उसे उपचार के लिए मुरादाबाद के लिए निजी हास्पिटल में ले गए। वहां अस्पताल ने पहले 15 हजार रुपये जमा करने को कहा। उनके पास सिर्फ सात हजार रुपये ही थे, मजबूरी में अजय को घर ले आए।
फिर ससुर नेत्रपाल सिंह, साला कुलदीप सिंह फिर भारतीय स्टेट बैंक की लाइन में पैसे के इंतजार के लिए खड़े रहे। रविवार को फिर लाइन में लगकर रुपये निकालने पहुंचे थे लेकिन इससे पहले ही सुबह आठ बजे अजय रावत की मौत हो गई। पत्नी नीतू सिंह व दोनों बेटियों को रोते-रोते बुरा हाल है। छोटे भाई विजय सिंह ने बताया कि काश, यदि समय पर रुपये मिल जाते तो उसके भाई का इलाज हो जाता।
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एटीएम के बाहर नहीं दिखी लाइन
चंदौसी। रविवार को शहर के सभी एटीएम भी बंद रहे। लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। लोगों ने देखा कि कहीं कोई एटीएम सुचारू तो नहीं है लेकिन निराश होकर लौट गए। वैसे भी शहर के तीन चार एटीएम ही पैसे निकाल रहे हैं। लेकिन बैंक की तीन दिनों की छुट्टी के बाद रविवार को कहीं कोई एटीएम नहीं चला। शनिवार को देर रात तक लाइनें लगी थी लेकिन अधिकांश एटीएम शाम होने से पहले ही खाली हो गए थे। इसलिए रविवार को कहीं भी एटीएम पर कोई लाइन नहीं दिखी।
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