{"_id":"69b469253b55961d790ffa46","slug":"neither-a-chest-physician-nor-a-cardiologist-patients-are-facing-difficulties-sambhal-news-c-275-1-sbl1010-133102-2026-03-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sambhal News: चेस्ट फिजीशियन और न कार्डियोलॉजिस्ट, दिक्कतें झेल रहे मरीज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sambhal News: चेस्ट फिजीशियन और न कार्डियोलॉजिस्ट, दिक्कतें झेल रहे मरीज
विज्ञापन
संभल। जिला अस्पताल में डॉक्टरों की भारी कमी के कारण मरीजों को इलाज में गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में स्वीकृत 23 पदों के मुकाबले केवल दस डॉक्टरों की ही तैनाती है, जिससे हृदय और फेफड़ों से संबंधित बीमारियों के मरीजों को विशेष परेशानी हो रही है। चेस्ट फिजीशियन और कार्डियोलॉजिस्ट जैसे विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी के कारण ऐसे मरीजों को दूसरे शहरों में रेफर करना पड़ रहा है।
शहर और देहात क्षेत्र से रोजाना करीब एक हजार मरीज इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचते हैं। डॉक्टरों की कमी के कारण कई मरीजों की इलाज की उम्मीद अधूरी रह जाती है। पुरुष इकाई में चेस्ट फिजीशियन, कार्डियोलॉजिस्ट, निश्चेतक, आर्थोपेडिक सर्जन और ईएनटी विशेषज्ञ के पद खाली हैं। महिला इकाई में मुख्य चिकित्सा अधीक्षिका, अधीक्षिका एवं प्रभारी भंडार, निश्चेतक, रेडियोलॉजिस्ट और पैथोलॉजिस्ट के पद भी रिक्त हैं। इन हालात के बीच, दूसरे रोगों के मरीजों को भी अक्सर मुरादाबाद, मेरठ या अलीगढ़ रेफर कर दिया जाता है, जिससे कुछ मरीज निजी अस्पतालों में इलाज शुरू कराने को मजबूर होते हैं।
विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी
चेस्ट फिजीशियन और कार्डियोलॉजिस्ट की अनुपस्थिति से हृदय और श्वसन प्रणाली के मरीजों को इलाज नहीं मिल पा रहा है। इन महत्वपूर्ण विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी के कारण फेफड़ों और हृदय रोग से संबंधित मरीजों को तत्काल उपचार नहीं मिल पाता। उन्हें अक्सर बड़े शहरों के अस्पतालों में भेजा जाता है, जिससे समय और धन दोनों का नुकसान होता है। यह स्थिति मरीजों के लिए गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा करती है।
विज्ञापन
खाली पदों और समाधान के प्रयास
पुरुष इकाई में निश्चेतक, आर्थोपेडिक सर्जन और ईएनटी विशेषज्ञ जैसे महत्वपूर्ण पद भी खाली हैं। महिला इकाई में मुख्य चिकित्सा अधीक्षिका, अधीक्षिका एवं प्रभारी भंडार, निश्चेतक, रेडियोलॉजिस्ट और पैथोलॉजिस्ट के पद भी रिक्त हैं। जिला अस्पताल के कार्यवाहक सीएमएस डॉ. राजेंद्र सैनी ने बताया कि डॉक्टरों की तैनाती के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस संबंध में शासन से लगातार पत्राचार किया जा रहा है ताकि इन खाली पदों को जल्द भरा जा सके।
विज्ञापन
शहर और देहात क्षेत्र से रोजाना करीब एक हजार मरीज इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचते हैं। डॉक्टरों की कमी के कारण कई मरीजों की इलाज की उम्मीद अधूरी रह जाती है। पुरुष इकाई में चेस्ट फिजीशियन, कार्डियोलॉजिस्ट, निश्चेतक, आर्थोपेडिक सर्जन और ईएनटी विशेषज्ञ के पद खाली हैं। महिला इकाई में मुख्य चिकित्सा अधीक्षिका, अधीक्षिका एवं प्रभारी भंडार, निश्चेतक, रेडियोलॉजिस्ट और पैथोलॉजिस्ट के पद भी रिक्त हैं। इन हालात के बीच, दूसरे रोगों के मरीजों को भी अक्सर मुरादाबाद, मेरठ या अलीगढ़ रेफर कर दिया जाता है, जिससे कुछ मरीज निजी अस्पतालों में इलाज शुरू कराने को मजबूर होते हैं।
विज्ञापन
विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी
चेस्ट फिजीशियन और कार्डियोलॉजिस्ट की अनुपस्थिति से हृदय और श्वसन प्रणाली के मरीजों को इलाज नहीं मिल पा रहा है। इन महत्वपूर्ण विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी के कारण फेफड़ों और हृदय रोग से संबंधित मरीजों को तत्काल उपचार नहीं मिल पाता। उन्हें अक्सर बड़े शहरों के अस्पतालों में भेजा जाता है, जिससे समय और धन दोनों का नुकसान होता है। यह स्थिति मरीजों के लिए गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा करती है।
विज्ञापन
खाली पदों और समाधान के प्रयास
पुरुष इकाई में निश्चेतक, आर्थोपेडिक सर्जन और ईएनटी विशेषज्ञ जैसे महत्वपूर्ण पद भी खाली हैं। महिला इकाई में मुख्य चिकित्सा अधीक्षिका, अधीक्षिका एवं प्रभारी भंडार, निश्चेतक, रेडियोलॉजिस्ट और पैथोलॉजिस्ट के पद भी रिक्त हैं। जिला अस्पताल के कार्यवाहक सीएमएस डॉ. राजेंद्र सैनी ने बताया कि डॉक्टरों की तैनाती के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस संबंध में शासन से लगातार पत्राचार किया जा रहा है ताकि इन खाली पदों को जल्द भरा जा सके।