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मां अगर तुम न होती तो मुझे हंसना सिखाता कौन...
अमर उजाला ब्यूरो/चंदौसी
Updated Sun, 08 May 2016 12:58 AM IST
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मदर्स डे
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मां अगर तुम न होती तो मुझे हंसना सिखाता कौन? गलती करने पर पापा की डांट से बचाता कौन? मां अगर तुम न होती तो मुझे परिवार का प्यार दिलाता कौन? सब रिश्ते और नातों से मेरी मुलाकात कराता कौन?
मां अगर तुम न होती तो। मां का महत्व तो इसी बात से लगाया जा सकता है कि अबोध बालक भी जन्म के बाद सबसे पहले मां ही बोलना सीखता है। मदर्स डे के उपलक्ष्य में शिक्षण संस्थानों में स्कूली बच्चों ने जमकर जलवे बिखेरे। अपनी प्यारी मां को रिझाने के लिए एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां दीं। बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियों से माहौल ममतामयी हो गया।
आरआरके सीनियर सेकेंडरी स्कूल में मदर्स डे के उपलक्ष्य में बच्चों ने मनमोहक प्रस्तुतियां दी। मां की ममता से ओतप्रोत माहौल में बच्चों की प्रस्तुति से माहौल ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया।
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शुभारंभ प्रधानाचार्य डा. एसके पांडेय ने मां शारदे के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। बच्चों के अलावा मम्मियों के लिए भी विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। प्रीति, स्वाति, अर्निका, मनीषा, दीप, श्वेता, शिप्रा, ममता, शालिनी, सदफ, मंजलि, सारिका, शबाना, वर्षा, प्रिया को लकी मदर चुना गया। स्कूल स्टाफ अरुण शर्मा, गीता गुप्ता, हरीश कठेरिया, भावना वार्ष्णेय, प्रीति तिवारी, मोनिका तिवारी, नेहा मिश्रा, उज्मा जमाल मौजूद रहे।
ओपीजीएम सीनियर सेकेंडरी स्कूल में शनिवार को मदर्स डे पर सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। मां के महत्व को बच्चों ने अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए बताया। रंगारंग प्रस्तुतियों के अलावा खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ। प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विजयी प्रतिभागियों को डा.सुमन गुप्ता ने पुरस्कार देकर सम्मानित किया। अचला मिश्रा, प्रतिभा शर्मा, छाया, सौदामिनी, नीलोफर, ऊषा वार्ष्णेय मौजूद रहीं।
नहीं हो सकता कद तेरा ऊंचा, किसी भी मां से ए खुदा। तू जिसे आदमी बनाता है वो उसे इंसान बनाती है। भगवान का दूसरा रूप होती है मां। मां जिसकी गोद में जहां की सारी खुशियां मिलती हैं। स्टेशन रोड स्थित एबीसी मांटेसरी स्कूल में शनिवार को मदर्स डे पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से उपस्थित जनसमूह मंत्रमुग्ध नजर आया।
मम्मियों ने खेलों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। शालिनी, मानसी, प्रियांशी, अपूर्वा, गरिमा, रुपल, शिवानी, प्रिया ने प्रतियोगिता में बाजी मारी। सर्वश्रेष्ठ मां का खिताब प्रियांशी और अपूर्वा को मिला। निर्णायक मंडल में अनुराग भार्गव, निष्ठा रॉय, स्कूल संचालिका संगीता भार्गव मौजूद रहीं। कार्यक्रम का संचालन प्रशंसा, छवि, रुपाली, शालू ने संयुक्त रूप से किया।
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मां अगर तुम न होती तो। मां का महत्व तो इसी बात से लगाया जा सकता है कि अबोध बालक भी जन्म के बाद सबसे पहले मां ही बोलना सीखता है। मदर्स डे के उपलक्ष्य में शिक्षण संस्थानों में स्कूली बच्चों ने जमकर जलवे बिखेरे। अपनी प्यारी मां को रिझाने के लिए एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां दीं। बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियों से माहौल ममतामयी हो गया।
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आरआरके सीनियर सेकेंडरी स्कूल में मदर्स डे के उपलक्ष्य में बच्चों ने मनमोहक प्रस्तुतियां दी। मां की ममता से ओतप्रोत माहौल में बच्चों की प्रस्तुति से माहौल ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया।
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शुभारंभ प्रधानाचार्य डा. एसके पांडेय ने मां शारदे के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। बच्चों के अलावा मम्मियों के लिए भी विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। प्रीति, स्वाति, अर्निका, मनीषा, दीप, श्वेता, शिप्रा, ममता, शालिनी, सदफ, मंजलि, सारिका, शबाना, वर्षा, प्रिया को लकी मदर चुना गया। स्कूल स्टाफ अरुण शर्मा, गीता गुप्ता, हरीश कठेरिया, भावना वार्ष्णेय, प्रीति तिवारी, मोनिका तिवारी, नेहा मिश्रा, उज्मा जमाल मौजूद रहे।
ओपीजीएम सीनियर सेकेंडरी स्कूल में शनिवार को मदर्स डे पर सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। मां के महत्व को बच्चों ने अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए बताया। रंगारंग प्रस्तुतियों के अलावा खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ। प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विजयी प्रतिभागियों को डा.सुमन गुप्ता ने पुरस्कार देकर सम्मानित किया। अचला मिश्रा, प्रतिभा शर्मा, छाया, सौदामिनी, नीलोफर, ऊषा वार्ष्णेय मौजूद रहीं।
नहीं हो सकता कद तेरा ऊंचा, किसी भी मां से ए खुदा। तू जिसे आदमी बनाता है वो उसे इंसान बनाती है। भगवान का दूसरा रूप होती है मां। मां जिसकी गोद में जहां की सारी खुशियां मिलती हैं। स्टेशन रोड स्थित एबीसी मांटेसरी स्कूल में शनिवार को मदर्स डे पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से उपस्थित जनसमूह मंत्रमुग्ध नजर आया।
मम्मियों ने खेलों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। शालिनी, मानसी, प्रियांशी, अपूर्वा, गरिमा, रुपल, शिवानी, प्रिया ने प्रतियोगिता में बाजी मारी। सर्वश्रेष्ठ मां का खिताब प्रियांशी और अपूर्वा को मिला। निर्णायक मंडल में अनुराग भार्गव, निष्ठा रॉय, स्कूल संचालिका संगीता भार्गव मौजूद रहीं। कार्यक्रम का संचालन प्रशंसा, छवि, रुपाली, शालू ने संयुक्त रूप से किया।