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देवबंदियों में आक्रोश, प्रशासन सतर्क
अमर उजाला ब्यूरो/संभल
Updated Sat, 30 Apr 2016 12:43 AM IST
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मस्जिद विवाद
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कड़ी सुरक्षा और चौकसी के बीच शुक्रवार को सुबह नौ बजे नसीले वाली मस्जिद के ताले खोले गए। दोपहर में जुमे की नमाज अदा की गई। इस दौरान पुलिस और प्रशासन के बड़े अधिकारी संभल में डेरा डाले रहे। मस्जिद के प्रबंधन का संचालन बरेलवी मसलक की कमेटी के हाथ में आ गया है।
इससे देवबंदी मसलक के लोगों में आक्रोश है। विरोध प्रदर्शन के अंदेशे में पुलिस के साथ प्रशासन सतर्क हो गया है। खुफिया तंत्र भी अपनी सक्रियता बनाए हुए है। डीएम-एसपी ने भी पल-पल खबर ली। कुछ दिन पूर्व मस्जिद में विवाद के बाद टकराव का अंदेशा पैदा हो गया था।
प्रशासन ने पुलिस की रिपोर्ट पर ताला डलवा दिया था। इसके बाद से दोनों पक्षों में तनाव था। बरेलवी और देवबंदियों के साथ प्रकरण के निस्तारण के लिए प्रशासन ने बातचीत की। बातचीत के बाद रामपुर के न्यायाधिकरण के फैसले का पालन कराते हुए मस्जिद के ताले खुलवाने का निर्णय लिया गया।
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लेकिन ताले खुलवाकर बरेलवी मसलक के दबीर अहमद की कमेटी को मस्जिद का प्रबंधन सौंपे जाने पर नया विवाद खड़ा हो सकता था। इसलिए गुरुवार को रात्रि से ही पुलिस अधीक्षक और अपर पुलिस अधीक्षक एहतियाती सुरक्षा प्लान बनाने में जुट गए। सुबह होने तक संभल में जिले भर के थानों की पुलिस पहुंच गई।
कई थानाध्यक्षों के साथ पुलिस क्षेत्राधिकारियों ने संभल में डेरा डाल दिया। पुलिस की मौजूदगी में ताले खुलवाए गए लेकिन कोई विवाद नहीं हुआ। इस पर अधिकारियों और प्रशासन ने राहत की सांस ली। एसडीएम ने बताया कि दबीर अहमद की अध्यक्षता वाली कमेटी उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल बोर्ड में रजिस्टर्ड है।
न्यायाधिकरण ने 18 अप्रैल को इस मामले में प्रतिवादी बनाए गए नजाईरुल इस्लाम को मस्जिद के प्रबंधन में दखलंदाजी न करने का आदेश दिया था। प्रशासन ने इसी आदेश का पालन कराया है। इस मामले में न्यायाधिकरण में सुनवाई के लिए अगली तिथि 3 मई लगी हुई है।
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इससे देवबंदी मसलक के लोगों में आक्रोश है। विरोध प्रदर्शन के अंदेशे में पुलिस के साथ प्रशासन सतर्क हो गया है। खुफिया तंत्र भी अपनी सक्रियता बनाए हुए है। डीएम-एसपी ने भी पल-पल खबर ली। कुछ दिन पूर्व मस्जिद में विवाद के बाद टकराव का अंदेशा पैदा हो गया था।
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प्रशासन ने पुलिस की रिपोर्ट पर ताला डलवा दिया था। इसके बाद से दोनों पक्षों में तनाव था। बरेलवी और देवबंदियों के साथ प्रकरण के निस्तारण के लिए प्रशासन ने बातचीत की। बातचीत के बाद रामपुर के न्यायाधिकरण के फैसले का पालन कराते हुए मस्जिद के ताले खुलवाने का निर्णय लिया गया।
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लेकिन ताले खुलवाकर बरेलवी मसलक के दबीर अहमद की कमेटी को मस्जिद का प्रबंधन सौंपे जाने पर नया विवाद खड़ा हो सकता था। इसलिए गुरुवार को रात्रि से ही पुलिस अधीक्षक और अपर पुलिस अधीक्षक एहतियाती सुरक्षा प्लान बनाने में जुट गए। सुबह होने तक संभल में जिले भर के थानों की पुलिस पहुंच गई।
कई थानाध्यक्षों के साथ पुलिस क्षेत्राधिकारियों ने संभल में डेरा डाल दिया। पुलिस की मौजूदगी में ताले खुलवाए गए लेकिन कोई विवाद नहीं हुआ। इस पर अधिकारियों और प्रशासन ने राहत की सांस ली। एसडीएम ने बताया कि दबीर अहमद की अध्यक्षता वाली कमेटी उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल बोर्ड में रजिस्टर्ड है।
न्यायाधिकरण ने 18 अप्रैल को इस मामले में प्रतिवादी बनाए गए नजाईरुल इस्लाम को मस्जिद के प्रबंधन में दखलंदाजी न करने का आदेश दिया था। प्रशासन ने इसी आदेश का पालन कराया है। इस मामले में न्यायाधिकरण में सुनवाई के लिए अगली तिथि 3 मई लगी हुई है।