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कंपोजिट विद्यालय में पानी को तरस रहे साढ़े पांच सौ से अधिक बच्चे
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बहजोई। कंपोजिट विद्यालय में लगे सरकारी नल खराब होने से करीब साढ़े पांच सौ बच्चे पानी को तरस रहे हैं। जिम्मेदार हैं कि ध्यान ही नहीं दे रहे। ऐसे में बढ़ती गर्मी में बच्चों को पानी के लिए भटकना पड़ेगा। यह हाल तब है जबकि कंपोजिट विद्यालय जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी दफ्तर परिसर में स्थित है।
बीएसए दफ्तर में संचालित संविलयन के तहत एक उच्च प्राथमिक व दो प्राथमिक विद्यालय संचालित हैं। इन विद्यालयों में पढ़ रहे बच्चों को पेयजल व्यवस्था के लिए चार इंडिया मार्का हैंडपंप लगाए गए थे। अब हाल यह है कि हैंडपंप खराब पड़ा है। आसपास बड़ी-बड़ी घास उगी हुई है। दूसरे हैंडपंप में विद्युत मोटर डाल दी गई है। एक हैंडपंप में पीला व गंदा पानी आ रहा है तथा एक हैंडपंप में रुक-रुक कर पानी आ रहा है। इससे यहां पढ़ रहे साढ़े पांच सौ से अधिक बच्चों के सामने पेयजल संकट है। बच्चे पानी के लिए इधर-उधर परिसर के बाहर तक जाने को मजबूर हो रहे हैं।
वहीं जिम्मेदार हैं कि तबज्जो ही नहीं दे रहे हैं। प्रधानाध्यापक अंजीव कुमार श्रोत्रिय ने बताया कि कई बार विभागीय अधिकारियों को अवगत कराया है। साथ ही नगर पालिका परिषद को भी जानकारी दी गई है। बावजूद अभी तक हैंडपंप ठीक नहीं हो सके हैं। पूरे मामले में ईओ ज्ञानेंद्र सिंह से मोबाइल फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन ईओ से संपर्क नहीं हो सका।
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बीएसए दफ्तर में संचालित संविलयन के तहत एक उच्च प्राथमिक व दो प्राथमिक विद्यालय संचालित हैं। इन विद्यालयों में पढ़ रहे बच्चों को पेयजल व्यवस्था के लिए चार इंडिया मार्का हैंडपंप लगाए गए थे। अब हाल यह है कि हैंडपंप खराब पड़ा है। आसपास बड़ी-बड़ी घास उगी हुई है। दूसरे हैंडपंप में विद्युत मोटर डाल दी गई है। एक हैंडपंप में पीला व गंदा पानी आ रहा है तथा एक हैंडपंप में रुक-रुक कर पानी आ रहा है। इससे यहां पढ़ रहे साढ़े पांच सौ से अधिक बच्चों के सामने पेयजल संकट है। बच्चे पानी के लिए इधर-उधर परिसर के बाहर तक जाने को मजबूर हो रहे हैं।
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वहीं जिम्मेदार हैं कि तबज्जो ही नहीं दे रहे हैं। प्रधानाध्यापक अंजीव कुमार श्रोत्रिय ने बताया कि कई बार विभागीय अधिकारियों को अवगत कराया है। साथ ही नगर पालिका परिषद को भी जानकारी दी गई है। बावजूद अभी तक हैंडपंप ठीक नहीं हो सके हैं। पूरे मामले में ईओ ज्ञानेंद्र सिंह से मोबाइल फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन ईओ से संपर्क नहीं हो सका।
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