फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sambhal News ›   Lumpy disease spread among animals of border districts, alert in Sambhal

संभल के सीमावर्ती जिलो के पशुओं में फैला लंपी रोगा, अलर्ट

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 23 Aug 2022 01:04 AM IST
विज्ञापन
Lumpy disease spread among animals of border districts, alert in Sambhal
चंदौसी। संभल के सीमावर्ती जिलों के पशुओं में लंपी स्कीन डिसीज (एलएसडी) रोग फैल रहा है। इस रोग से आसपास के जिलों में कई पशुओं की मौत हो चुकी हैं तथा सैकड़ों बीमार हैं। यह एक फैलने वाली बीमारी है। इस रोग को लेकर जिले में अलर्ट घोषित किया गया है। हालांकि, पशुपालन विभाग के अफसरों का दावा है कि अब तक किसी भी पशु में रोग के लक्षण नहीं दिखाई दिए है।
विज्ञापन

लंपी रोग राजस्थान में फैला था। वही से पशुओं के माध्यम से अन्य जिलों में भी फैल गया है। संभल के सीमावर्ती व आसपास के जिले बुलंदशहर, अलीगढ़, हापुड, मुरादाबाद, बिजनौर में पशुओं में यह बीमारी फैली हुई है। आसपास के जिलों में कई पशुओं की मौत भी हो चुकी हैं। हालांकि, पशुपालन विभाग का दावा है कि जिले में अभी लंपी रोग का एक भी केस सामने नहीं आया है। जिले व ब्लॉक स्तर पर टीम गठित कर दी गई है। सूचना पर मिलने पर विभाग इस रोग को रोकने के लिए पशुओं को आइसोलेट करेगा।
विज्ञापन

गांव गुमथल में एक पशु में दिखे थे लक्षण, अब ठीक
गांव गुमथल में किसान एक पशु को बाहर से खरीदकर लाया था। उस पशु में करीब 20 दिन पहले लंपी रोग जैसे लक्षण दिखाई दिए थे। उपचार के बाद वह ठीक हो गया था।
पशु के संक्रमित होने के कारण
- मवेशियों या जंगली भैंसों में यह रोग गांठदार त्वचा से वायरस (एलएसडीवी) के संक्रमण के कारण होता है।
- यह वायरस केप्रिपॉक्स वायरस जीनस के भीतर तीन निकट संबंधी प्रजातियों में से एक हैं, इनमें अन्य दो प्रजातियां शीप पॉक्स वॉयरस, गोटपॉक्स वायरस है।
लंपी रोग के लक्षण
- इस बीमारी में शरीर में गांठें बनने लगती हैं। खासकर सिर, गर्दन के आसपास।
- इसके बाद धीरे-धीरे गांठें बड़ी होने लगती है और फिर ये घाव में बदल जाती है।
- पशु खाना कम खाने लगता है।
- बीमारी की शुरूआत में दो-तीन दिन हल्का बुखार रहता है।
- लिंफ नोड में सूजन, पैरों में सूजन, दूध उत्पादकता में कमी आती है।
- इसके बाद पशु का गर्भपात और पशु की मौत भी हो सकती है।
ऐसे कर सकते बचाव
- पशुओं को खुले में न बांधें।
- मच्छरों के प्रकोप व मक्खियों से बचाएं।
- पशुशाला में साफ सफाई रखें।
- पशुशाला में कीटनाशक छिड़कें।
- स्वस्थ पशुओं को अलग रखें।
वर्जन
जिले में अभी लंपी की बीमारी का कोई पशु सामने नहीं आया है। आसपास के जिले में बीमारी फैली है। इसको लेकर जिले में यहां टीम को अलर्ट किया गया है। किसानों से अपील है कि लंपी के लक्षण दिखे, तो पशुपालन विभाग को अवश्य सूचना दें। मुन्नालाल यादव, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी संभल।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed