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जामा मस्जिद पुताई प्रकरण: सभी जानते हैं...एएसआई किसके लिए काम करती है, संभल सांसद बर्क ने उठाए कई सवाल
Sun, 02 Mar 2025 08:53 PM IST
विमल शर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Published by: विमल शर्मा
Updated Sun, 02 Mar 2025 08:53 PM IST
सार
जामा मस्जिद के रंगाई और सजावट मामले की सुनवाई पांच मार्च को उच्च न्यायालय में होगी। संभल सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने एएसआई की रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए इसे गलत बताया और न्यायालय में दोबारा अपील की संभावना जताई। उन्होंने कहा कि मस्जिद की रंगाई हर वर्ष रमजान से पहले होती रही है।
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जियाउर्रहमान बर्क, सासंद संभल
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जामा मस्जिद के रंगाई और सजावट मामले की सुनवाई उच्च न्यायालय में पांच मार्च को होनी है। अब इस रंगाई और सजावट मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। संभल सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने एएसआई की टीम द्वारा उच्च न्यायालय में दी गई रिपोर्ट पर सवाल उठाए हैं।
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उन्होंने कहा है कि सभी जानते हैं कि एएसआई की टीम किसके लिए काम करती है। इस सर्वे समिति में उच्च न्यायालय के सदस्य को भी शामिल किया जाना चाहिए था। सांसद ने अपने दीपा सराय स्थित आवास पर मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि मस्जिद की रंगाई, सफाई और सजावट प्रत्येक वर्ष रमजान से पहले होती रही है।
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इस बार भी होनी थी लेकिन एएसआई की टीम द्वारा उच्च न्यायालय में गलत रिपोर्ट दे दी। सांसद ने कहा कि सुनवाई पांच मार्च को होनी है। उम्मीद है कि उच्च न्यायालय से रंगाई और सजावट का आदेश मिलेगा।
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यदि आदेश नहीं मिलता है तो अधिकार है कि उच्च न्यायालय में फिर से अपील की जा सकती है। सर्वोच्च न्यायालय जा सकते हैं। मंदिर तोड़कर मस्जिद बनाने के सवाल पर कहा कि मस्जिद को किसी जमीन पर कब्जा कर नहीं बनाया जा सकता।
मस्जिद तब बनाई जाती है जब कोई विवाद न हो। यह बेबुनियाद बात है कि मंदिर को तोड़कर मस्जिद बनाई गई है। लोगों को गुमराह किया जा रहा है।