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कुर्क संपत्ति पर बन रही पुलिस चौकी को बताया अवैध निर्माण, न्यायालय ने लिया संज्ञान, डीएम जांच कराएंगे
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संभल। संभल के चंदौसी रोड स्थित गांव मंडी किशनदास सराय में बन रही पुलिस चौकी को अवैध बताते हुए उच्च न्यायालय में गुहार लगाई गई। इस पर न्यायालय ने संज्ञान लिया है। जिलाधिकारी को जांच पड़ताल कर कार्रवाई के आदेश किए हैं। जिस स्थान पर चौकी बनाई गई है, उस भूमि का असली मालिक होने का दावा खग्गूसराय निवासी मोहम्मद हसन उर्फ भूरे ने किया है। वह उच्च न्यायालय में पहुंचे तो जिलाधिकारी को न्यायालय ने जांच कर कार्रवाई के आदेश कर दिए।
दरअसल साल 2017 में संभल कोतवाली पुलिस ने पंजू सराय निवासी शमशाद और मियां सराय निवासी शरीफ पहलवान के खिलाफ गो तस्करी व अन्य आरोप में गैंगस्टर की कार्रवाई की थी। इस दौरान आरोपियों की विभिन्न चल व अचल संपत्तियों को कुर्क किया गया था। इसी के साथ संपत्ति गाटा संख्या-66/1 रकबा 1-048 पर भी पुलिस ने कुर्क करने की कार्रवाई की थी।
इस भूमि के चारों ओर बाउंड्री हुई है। इस कार्रवाई के बाद हसन उर्फ भूरे ने न्यायालय में याचिका दायर की। इसमें कहा गया कि उसकी भूमि पर पहले गो तस्करों ने अवैध कब्जा किया हुआ था। छह लाख रुपये देकर और धनराशि अदा नहीं की और बाद में डराया धमकाया गया। 2005-2006 के दौरान कई प्रार्थनापत्र पुलिस को दिए गए थे लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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जिला प्रशासन ने आरोपियों की संपत्ति समझकर कुर्क कर दिया। जबकि आरोपियों का उस संपत्ति पर अवैध कब्जा था। अब पुलिस ने अवैध रूप में पुलिस चौकी का निर्माण शुरू करा दिया है। इसी मामले में उच्च न्यायालय ने जिलाधिकारी संभल को आदेश किया है कि जांच कर कार्रवाई की जाए।
इस मामले में उच्च न्यायालय इलाहाबाद में अधिवक्ता जयंत प्रकाश सिंह के माध्यम से वाद दायर कराया था। वहीं दूसरी ओर जिस भूमि का मामला उच्च न्यायालय पहुंचा है उस भूमि पर ही संभल पुलिस ने सितंबर-2021 में चौकी का निर्माण करा दिया है। जबकि पहले से संभल कोतवाली पुलिस कुर्क की गई भूमि को जब्त वाहन खड़े करने के इस्तेमाल में ले रही थी।
अधिवक्ता जयंत प्रकाश सिंह ने बताया कि उच्च न्यायालय की डिवीजन बैंच ने जिलाधिकारी संभल को निर्देशित किया है। कहा है कि बिना गैंगस्टर होते हुए जमीन कुर्क करने व चौकी के निर्माण करने के संबंध में तत्काल संज्ञान लेकर जांच पड़ताल कराई जाए।
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दरअसल साल 2017 में संभल कोतवाली पुलिस ने पंजू सराय निवासी शमशाद और मियां सराय निवासी शरीफ पहलवान के खिलाफ गो तस्करी व अन्य आरोप में गैंगस्टर की कार्रवाई की थी। इस दौरान आरोपियों की विभिन्न चल व अचल संपत्तियों को कुर्क किया गया था। इसी के साथ संपत्ति गाटा संख्या-66/1 रकबा 1-048 पर भी पुलिस ने कुर्क करने की कार्रवाई की थी।
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इस भूमि के चारों ओर बाउंड्री हुई है। इस कार्रवाई के बाद हसन उर्फ भूरे ने न्यायालय में याचिका दायर की। इसमें कहा गया कि उसकी भूमि पर पहले गो तस्करों ने अवैध कब्जा किया हुआ था। छह लाख रुपये देकर और धनराशि अदा नहीं की और बाद में डराया धमकाया गया। 2005-2006 के दौरान कई प्रार्थनापत्र पुलिस को दिए गए थे लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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जिला प्रशासन ने आरोपियों की संपत्ति समझकर कुर्क कर दिया। जबकि आरोपियों का उस संपत्ति पर अवैध कब्जा था। अब पुलिस ने अवैध रूप में पुलिस चौकी का निर्माण शुरू करा दिया है। इसी मामले में उच्च न्यायालय ने जिलाधिकारी संभल को आदेश किया है कि जांच कर कार्रवाई की जाए।
इस मामले में उच्च न्यायालय इलाहाबाद में अधिवक्ता जयंत प्रकाश सिंह के माध्यम से वाद दायर कराया था। वहीं दूसरी ओर जिस भूमि का मामला उच्च न्यायालय पहुंचा है उस भूमि पर ही संभल पुलिस ने सितंबर-2021 में चौकी का निर्माण करा दिया है। जबकि पहले से संभल कोतवाली पुलिस कुर्क की गई भूमि को जब्त वाहन खड़े करने के इस्तेमाल में ले रही थी।
अधिवक्ता जयंत प्रकाश सिंह ने बताया कि उच्च न्यायालय की डिवीजन बैंच ने जिलाधिकारी संभल को निर्देशित किया है। कहा है कि बिना गैंगस्टर होते हुए जमीन कुर्क करने व चौकी के निर्माण करने के संबंध में तत्काल संज्ञान लेकर जांच पड़ताल कराई जाए।