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कैसे होगी बदमाशों की निगरानी, चंदौसी की तीसरी आंख मोतियाबिंद की शिकार
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चंदौसी। शहर में मुख्य चौराहों व तिराहों पर सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस द्वारा सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए थे। ताकि शहर में होने वाली घटनाओं को कैमरों में कैद किया जा सके। लेकिन अब सभी स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरे खराब हो गए हैं। कुछ स्थानों से कमरों का अस्तित्व ही खत्म हो चुका है। उक्त कैमरे दो वर्ष पहले व्यापारियों ने चंदा एकत्र कर लगवाए थे। जिन्हें बाद में पुलिस के सुपुर्द कर दिया था। खराब कैमरों को सही के लिए पुलिस प्रशासन ने कोई प्रयास नहीं किया।
दिसंबर 2018 में कोतवाली में आईजी रमित शर्मा आए थे। उन्होंने व्यापारियों से शहर के प्रमुख चौराहों व तिराहों पर सुरक्षा के मद्देनजर सीसीटीवी कैमरे लगवाने का आग्रह किया था। इसके बाद प्रमुख व्यापारियों ने आपस में चंदा कर शहर में मुखर्जी चौराहा, फव्वारा चौक, सुभाष रोड तिराहा, डिस्पेंसरी रोड, फड़याई बाजार, रोडवेज बस स्टैंड, सीता रोड स्थित गणेश मंदिर के पास सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए थे। कैमरे लगवाने के पीछे रात व दिन में होने वाली अप्रिय घटनाओं की निगरानी करना था। इसके बाद व्यापारियों ने कैमरे को कोतवाली पुलिस के सुपुर्द कर दिया था।
पुलिस की देखरेख के अभाव में कुछ समय बाद धीरे-धीरे कैमरे चलने बंद हो गए या फिर बंदरों द्वारा तोड़ दिए। कुछ स्थानों पर लगे कैमरों का अस्तित्व ही खत्म हो चुका है। ::::::
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तीन वर्ष पहले प्रमुख व्यापारियों ने आपस में चंदाकर कैमरे लगवाए थे। जिन्हें बाद में पुलिस के सुपुर्द कर दिया। अब सभी कैमरे बंद हैं। व्यापारी पुलिस प्रशासन से कई बार कैमरों को ठीक कराने की गुहार लगा चुके हैं।
- अरविंद गुप्ता, जिलाध्यक्ष, उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल, चंदौसी
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नगर में कैमरे लगवाए जाने का मामला संज्ञान में आया है। मैं स्वयं इसका संज्ञान लूंगा। साथ ही बंद कैमरों को संचालित कराया जाएगा, ताकि आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों व घटनाओें पर नजर रखी जा सके। आलोक कुमार सिद्धू, सीओ चंदौसी
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दिसंबर 2018 में कोतवाली में आईजी रमित शर्मा आए थे। उन्होंने व्यापारियों से शहर के प्रमुख चौराहों व तिराहों पर सुरक्षा के मद्देनजर सीसीटीवी कैमरे लगवाने का आग्रह किया था। इसके बाद प्रमुख व्यापारियों ने आपस में चंदा कर शहर में मुखर्जी चौराहा, फव्वारा चौक, सुभाष रोड तिराहा, डिस्पेंसरी रोड, फड़याई बाजार, रोडवेज बस स्टैंड, सीता रोड स्थित गणेश मंदिर के पास सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए थे। कैमरे लगवाने के पीछे रात व दिन में होने वाली अप्रिय घटनाओं की निगरानी करना था। इसके बाद व्यापारियों ने कैमरे को कोतवाली पुलिस के सुपुर्द कर दिया था।
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पुलिस की देखरेख के अभाव में कुछ समय बाद धीरे-धीरे कैमरे चलने बंद हो गए या फिर बंदरों द्वारा तोड़ दिए। कुछ स्थानों पर लगे कैमरों का अस्तित्व ही खत्म हो चुका है। ::::::
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तीन वर्ष पहले प्रमुख व्यापारियों ने आपस में चंदाकर कैमरे लगवाए थे। जिन्हें बाद में पुलिस के सुपुर्द कर दिया। अब सभी कैमरे बंद हैं। व्यापारी पुलिस प्रशासन से कई बार कैमरों को ठीक कराने की गुहार लगा चुके हैं।
- अरविंद गुप्ता, जिलाध्यक्ष, उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल, चंदौसी
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नगर में कैमरे लगवाए जाने का मामला संज्ञान में आया है। मैं स्वयं इसका संज्ञान लूंगा। साथ ही बंद कैमरों को संचालित कराया जाएगा, ताकि आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों व घटनाओें पर नजर रखी जा सके। आलोक कुमार सिद्धू, सीओ चंदौसी