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हेयर कटिंग न करने पर रार, धर्म बदलने की धमकी
ब्यूरो/अमर उजाला संभल
Updated Tue, 16 May 2017 01:12 AM IST
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गांव में पंचायत करते लोग और पुलिस।
- फोटो : amar ujala
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संवेदनशील संभल को अराजक तत्वों ने अब जाति की आंच में झुलसाने की तैयारी कर ली है। चंदौसी तहसील के दस हजार की आबादी वाले गांव फत्तेपुर शमशोई में अब वाल्मीकियों के बाल काटने को लेकर हंगामा बरपा है। पुलिस की शुरुआती निष्क्रियता से यहां दो गुट बन गए हैं, एक पक्ष वाल्मीकियों के बाल काटने पर जोर दे रहा है तो दूसरा विरोध कर रहा है।
इसी को लेकर सोमवार को पुलिस की मौजूदगी में गांव में पंचायत हुई, मगर कोई समाधान नहीं निकला। इधर, भावाधस के राष्ट्रीय मुख्य संचालक ने आरोपी हेयर ड्रेसर के खिलाफ कार्रवाई और बाल न काटे जाने पर धर्म परिवर्तन का अल्टीमेटम दिया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए देर शाम फिर अफसर पहुंचे और कई घंटे की मशक्कत के बाद दोनों पक्षों में सहमति बन गई। वहीं बाद में वाल्मीकि समाज की तहरीर पर पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कमर दी है।
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भावधस बोली- या तो सबके कटें बाल, या हो एफआईआर
पंचायत में भावाधस के राष्ट्रीय संचालक का कहना था कि, सैलूनों पर सबके बाल कटें या आरोपी हेयर ड्रेसर के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो। इस पर गांव के पूर्व प्रधान ने हेयर ड्रेसर से बातचीत करके सैलून खुलवाने का भरोसा दिया। वहीं भावाधस ने इसके लिए 24 घंटे की मोहलत भी दी।
चेतावनी दी कि, अगर भेदभाव जारी रहा तो धर्म परिवर्तन कर लेंगे। इसको लेकर प्रधान और लल्ला बाबू द्रविण में नोकझोंक भी हुई। वहीं पंचायत में मौजूद बहजोई के प्रभारी निरीक्षक रंजन शर्मा ने बताया कि अभी समाधान नहीं निकला है लेकिन चौबीस घंटे में समाधान होने की उम्मीद है।
जबकि भारतीय वाल्मीकि धर्म समाज की ओर से लल्ला बाबू द्रविण आदि ने एक बार फिर बहजोई थाने जाकर वीरेश पुत्र लटूरी की ओर से तहरीर दिलाई है, तहरीर में बाल काटने से मना करने वाले हेयर ड्रेसर पर एफआईआर की मांग की गई है।
यूं भड़की चिंगारी
ग्राम प्रधान के पति छोटे लाल ने बताया कि, तकरीबन दस हजार की आबादी वाले फत्तेपुर शमशोई गांव में 17 जातियों के लोग रहते हैं। परंपरा कुछ ऐसी चली आ रही है कि वाल्मीकि और जाटव बिरादरी के लोग न तो सैलून पर बाल कटवाने जाते थे और न ही सैलून वाले उनके बाल काटते थे। सवा महीने पहले गांव में एक नया सैलून खुला और संचालक ने एलान कर दिया कि उसके सैलून पर कोई भी व्यक्ति अपने बाल कटवा सकता है।
इसके बाद कुछ वाल्मीकि युवक उसके यहां बाल कटवाने पहुंच गए। बताया जा रहा है कि, गांव के ही कुछ लोगों ने हेयर ड्रेसर से इस पर आपत्ति जताई और अपनी आबादी अधिक बताकर हेयर ड्रेसर्स का बहिष्कार करने की धमकी दी। इस पर हेयर ड्रेसर ने मना कर दिया तो विवाद हो गया। लड़ाई झगड़े की नौबत हो गई। इस पर 12 अप्रैल को यह मामला बहजोई थाने पहुंच गया।
वीरेश वाल्मीकि पुत्र लटूरी ने इस मामले में तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने कोई एक्शन नहीं लिया तो तनातनी बढ़ने लगी। मामला बढ़ता देख गांव के सभी छह हेयर ड्रेसर ने अपनी दुकानें बंद कर दीं, मगर धीरे-धीरे मामला भारतीय वाल्मीकि धर्म समाज(भावाधस) के राष्ट्रीय संचालक लल्ला बाबू द्रविण तक पहुंच गया।
सोमवार को गांव पहुंचे तो जानकारी पर बहजोई पुलिस भी पहुंच गई और प्रधान के पति छोटेलाल दिवाकर और पूर्व प्रधान संजीव शर्मा आदि की मौजूदगी में पंचायत हुई।
फिलहाल फत्तेपुर शमशोई के मामले मे तहरीर के आधार पर बहजोई थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। अब इस मसले पर जांच होगी। जांच में हकीकत सामने आ जाएगी। कानून के मुताबिक किसी को भी किसी के साथ भेदभाव का हक नहीं है।
-पंकज कुमार पांडेय, अपर पुलिस अधीक्षक।
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इसी को लेकर सोमवार को पुलिस की मौजूदगी में गांव में पंचायत हुई, मगर कोई समाधान नहीं निकला। इधर, भावाधस के राष्ट्रीय मुख्य संचालक ने आरोपी हेयर ड्रेसर के खिलाफ कार्रवाई और बाल न काटे जाने पर धर्म परिवर्तन का अल्टीमेटम दिया है।
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मामले की गंभीरता को देखते हुए देर शाम फिर अफसर पहुंचे और कई घंटे की मशक्कत के बाद दोनों पक्षों में सहमति बन गई। वहीं बाद में वाल्मीकि समाज की तहरीर पर पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कमर दी है।
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भावधस बोली- या तो सबके कटें बाल, या हो एफआईआर
पंचायत में भावाधस के राष्ट्रीय संचालक का कहना था कि, सैलूनों पर सबके बाल कटें या आरोपी हेयर ड्रेसर के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो। इस पर गांव के पूर्व प्रधान ने हेयर ड्रेसर से बातचीत करके सैलून खुलवाने का भरोसा दिया। वहीं भावाधस ने इसके लिए 24 घंटे की मोहलत भी दी।
चेतावनी दी कि, अगर भेदभाव जारी रहा तो धर्म परिवर्तन कर लेंगे। इसको लेकर प्रधान और लल्ला बाबू द्रविण में नोकझोंक भी हुई। वहीं पंचायत में मौजूद बहजोई के प्रभारी निरीक्षक रंजन शर्मा ने बताया कि अभी समाधान नहीं निकला है लेकिन चौबीस घंटे में समाधान होने की उम्मीद है।
जबकि भारतीय वाल्मीकि धर्म समाज की ओर से लल्ला बाबू द्रविण आदि ने एक बार फिर बहजोई थाने जाकर वीरेश पुत्र लटूरी की ओर से तहरीर दिलाई है, तहरीर में बाल काटने से मना करने वाले हेयर ड्रेसर पर एफआईआर की मांग की गई है।
यूं भड़की चिंगारी
ग्राम प्रधान के पति छोटे लाल ने बताया कि, तकरीबन दस हजार की आबादी वाले फत्तेपुर शमशोई गांव में 17 जातियों के लोग रहते हैं। परंपरा कुछ ऐसी चली आ रही है कि वाल्मीकि और जाटव बिरादरी के लोग न तो सैलून पर बाल कटवाने जाते थे और न ही सैलून वाले उनके बाल काटते थे। सवा महीने पहले गांव में एक नया सैलून खुला और संचालक ने एलान कर दिया कि उसके सैलून पर कोई भी व्यक्ति अपने बाल कटवा सकता है।
इसके बाद कुछ वाल्मीकि युवक उसके यहां बाल कटवाने पहुंच गए। बताया जा रहा है कि, गांव के ही कुछ लोगों ने हेयर ड्रेसर से इस पर आपत्ति जताई और अपनी आबादी अधिक बताकर हेयर ड्रेसर्स का बहिष्कार करने की धमकी दी। इस पर हेयर ड्रेसर ने मना कर दिया तो विवाद हो गया। लड़ाई झगड़े की नौबत हो गई। इस पर 12 अप्रैल को यह मामला बहजोई थाने पहुंच गया।
वीरेश वाल्मीकि पुत्र लटूरी ने इस मामले में तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने कोई एक्शन नहीं लिया तो तनातनी बढ़ने लगी। मामला बढ़ता देख गांव के सभी छह हेयर ड्रेसर ने अपनी दुकानें बंद कर दीं, मगर धीरे-धीरे मामला भारतीय वाल्मीकि धर्म समाज(भावाधस) के राष्ट्रीय संचालक लल्ला बाबू द्रविण तक पहुंच गया।
सोमवार को गांव पहुंचे तो जानकारी पर बहजोई पुलिस भी पहुंच गई और प्रधान के पति छोटेलाल दिवाकर और पूर्व प्रधान संजीव शर्मा आदि की मौजूदगी में पंचायत हुई।
फिलहाल फत्तेपुर शमशोई के मामले मे तहरीर के आधार पर बहजोई थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। अब इस मसले पर जांच होगी। जांच में हकीकत सामने आ जाएगी। कानून के मुताबिक किसी को भी किसी के साथ भेदभाव का हक नहीं है।
-पंकज कुमार पांडेय, अपर पुलिस अधीक्षक।