{"_id":"5a872d394f1c1bc83b8b7367","slug":"government-has-excited-the-export-of-250-million-in-the-budget-for-forest-district-one-product","type":"story","status":"publish","title_hn":"वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट के लिए सरकार ने बजट में दिए 250 करोड़, निर्यातक उत्साहित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट के लिए सरकार ने बजट में दिए 250 करोड़, निर्यातक उत्साहित
ब्यूरो/अमर उजाला संभल
Updated Sat, 17 Feb 2018 12:42 AM IST
विज्ञापन
भारतीय करंसी
वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट योजना को प्रोत्साहन देने के लिए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने अपने प्रदेश के बजट में 250 करोड़ रुपये का फंड आवंटित कर दिया है। उद्यमियों को प्रोत्साहन देने के साथ- साथ उद्योगों के लिए आधारभूत सुविधाओं को विकसित करने में यह फंड खर्च किए जाना है। निर्यातकों का कहना है कि योगी सरकार ने पहली बार एक ऐसी नीति बनाई है जिसमें जनपदवार उद्योगों को प्रोत्साहन दिया जाना है। संभल जिले से हड्डी सींग के हैंडीक्राफ्ट को वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट स्कीम में शामिल किया गया है।
संभल और सरायतरीन के करीगरों और उद्यमियों को इसका फायदा मिलेगा।मेंथा प्रोडक्ट के निर्यातक आशुतोष रस्तोगी का कहना है कि हमें लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ जी ने सम्मानित किया था, उस वक्त वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट की बात कही गई थी। तब हमने कहा था कि संभल मेंथा प्रोडक्ट के लिए पूरे संसार में जाना जाता है। इसे भी वन डिस्ट्रक्ट वन प्रोडक्ट के दायरे में लिया जाए पर ऐसा नहीं हो सका। हमें भरोसा है कि आने वाले समय में योगी सरकार मैंथा के लिए भी कुछ सहूलियतों की घोषणा करेंगे।
हस्तशिल्प उत्पादों के निर्यातक सुहेल परवेज का कहना है कि वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट के तहत योगी सरकार ने संभल सरायतरीन के हस्तशिल्प को चुनकर एक सराहनीय कार्य किया है। उसके लिए बजट में धनराशि का प्रावधान होना और भी बेहतर काम है। अब हम यही कहेंगे कि सरकारी योजनाओं को इस तरह से लागू किया जाए जिससे बगैर किसी असुविधा के इंडस्ट्री को लाभ मिले।
विज्ञापन
हैंडीक्राफ्ट वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष ताहिर सलामी का कहना है कि हस्तशिल्प के बारे में सरकार अब कुछ करेगी ऐसा लग रहा है। केंद्र से राज्य सरकार तक गंभीर हैं। बजट में प्रावधान करके सरकार ने अपनी मंशा जता दी है. अब हम सरकारी तंत्र से यह उम्मीद कर रहे हैं कि वह हस्तशिल्पियों की बुनियादी समस्याओं के समाधान के लिए कुछ काम करे।
हस्तशिल्प उत्पादों के निर्यातक कमल कौशल वार्ष्णेय का कहना है कि पहली बार सरकार ने जनपद स्तर पर उद्योगों के विकास के लिए वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट की नीति को लागू किया है। बजट आने के बाद मुझे उम्मीद लग रही है कि अब बेहतर होगा। सरकार यदि इंडस्ट्री को विकसित करेगी तो नए रोजगार पैदा होंगे। देश का विकास होगा।
विज्ञापन
संभल और सरायतरीन के करीगरों और उद्यमियों को इसका फायदा मिलेगा।मेंथा प्रोडक्ट के निर्यातक आशुतोष रस्तोगी का कहना है कि हमें लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ जी ने सम्मानित किया था, उस वक्त वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट की बात कही गई थी। तब हमने कहा था कि संभल मेंथा प्रोडक्ट के लिए पूरे संसार में जाना जाता है। इसे भी वन डिस्ट्रक्ट वन प्रोडक्ट के दायरे में लिया जाए पर ऐसा नहीं हो सका। हमें भरोसा है कि आने वाले समय में योगी सरकार मैंथा के लिए भी कुछ सहूलियतों की घोषणा करेंगे।
विज्ञापन
हस्तशिल्प उत्पादों के निर्यातक सुहेल परवेज का कहना है कि वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट के तहत योगी सरकार ने संभल सरायतरीन के हस्तशिल्प को चुनकर एक सराहनीय कार्य किया है। उसके लिए बजट में धनराशि का प्रावधान होना और भी बेहतर काम है। अब हम यही कहेंगे कि सरकारी योजनाओं को इस तरह से लागू किया जाए जिससे बगैर किसी असुविधा के इंडस्ट्री को लाभ मिले।
विज्ञापन
हैंडीक्राफ्ट वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष ताहिर सलामी का कहना है कि हस्तशिल्प के बारे में सरकार अब कुछ करेगी ऐसा लग रहा है। केंद्र से राज्य सरकार तक गंभीर हैं। बजट में प्रावधान करके सरकार ने अपनी मंशा जता दी है. अब हम सरकारी तंत्र से यह उम्मीद कर रहे हैं कि वह हस्तशिल्पियों की बुनियादी समस्याओं के समाधान के लिए कुछ काम करे।
हस्तशिल्प उत्पादों के निर्यातक कमल कौशल वार्ष्णेय का कहना है कि पहली बार सरकार ने जनपद स्तर पर उद्योगों के विकास के लिए वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट की नीति को लागू किया है। बजट आने के बाद मुझे उम्मीद लग रही है कि अब बेहतर होगा। सरकार यदि इंडस्ट्री को विकसित करेगी तो नए रोजगार पैदा होंगे। देश का विकास होगा।