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Sambhal News: गंगा उफान पर... तटबंध के अंदर बसे गांवों में घुसा पानी
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जुनावई। गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से क्षेत्र में स्थिति गंभीर होती जा रही है। गंगा का पानी तटबंध के अंदर बसे गांवों और खेतों में घुस गया है। गन्ना, बाजरा और धान समेत अन्य फसलें जलमग्न हो गई हैं। कई स्थानों पर पानी गांवों की आबादी और रास्तों तक पहुंच जाने से ग्रामीणों को आवागमन में बेहद परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
क्षेत्र के रघुपुर पुख्ता, उदिया नगला, बझांगी, तोतापुर, मैंगरा और सालिंग की मड़ैया समेत आसपास के गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। रघुपुर पुख्ता गांव के चारों तरफ पानी भर जाने से खेत-खलिहान भी जलमग्न हो गए हैं। गांव के प्राथमिक विद्यालय के आसपास भी पानी भरा हुआ है। उधर उदिया नगला और बझांगी को जोड़ने वाले मार्ग पर करीब तीन से चार फीट तक पानी भरा होने के कारण ग्रामीणों को पानी के बीच से होकर निकलना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि रास्ते में अधिक पानी होने के कारण बच्चों, बुजुर्गों और पशुपालकों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से आवागमन और जरूरी सामान पहुंचाने के लिए नाव की व्यवस्था कराने की मांग की है। उदिया नगला निवासी मदनलाल ने बताया कि मंगलवार की अपेक्षा वर्तमान में बाढ़ के पानी की मात्रा कुछ कम हुई है, लेकिन रास्तों और खेतों में पानी भरा होने के कारण परेशानी अभी भी बनी हुई है।
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उदिया नगला-बझांगी मार्ग पर तीन फीट पानी
जुनावई। गंगा में बढ़े जलस्तर के बाद पानी उदिया नगला और बझांगी गांव के बीच संपर्क मार्ग पर भर गया है। मार्ग पर करीब दो से तीन फीट तक पानी होने के कारण उदिया नगला गांव के करीब 20 बच्चे प्राथमिक विद्यालय बझांगी में पढ़ने नहीं पहुंच पा रहे हैं। ग्रामीणों ने बच्चों की सुरक्षा और आवागमन को देखते हुए प्रशासन से नाव उपलब्ध कराने की मांग की है। ग्रामीणों के अनुसार उदिया नगला गांव के बच्चे प्रतिदिन बझांगी स्थित प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने के लिए जाते हैं। वर्तमान में रास्ते में पानी भर जाने से बच्चों का स्कूल पहुंचना मुश्किल हो गया है। उदिया नगला निवासी मदनलाल और मुकेश कुमार ने बताया कि बाढ़ के कारण रास्ता पूरी तरह प्रभावित हो गया है। पशुओं के लिए चारा लाने में भी दिक्कत हो रही है। संवाद
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पशुशालाओं में भरा पानी, चारे का संकट
जुनावई। बाढ़ का असर अब गांवों की पशुशालाओं तक पहुंच गया है। रघुपुर पुख्ता, उदिया नगला, बझांगी, तोतापुर और आसपास के गांवों में पशुशालाओं में पानी भरने से पशुपालकों के सामने पशुओं को सुरक्षित रखने और चारे की समस्या खड़ी हो गई है। बाढ़ के पानी के कारण कई पशुशालाओं में जमीन पर पानी जमा है। इससे पशुओं को बांधने के लिए सूखी जगह नहीं मिल पा रही है। खेतों में पानी भरने के कारण हरा चारा लाना भी मुश्किल हो गया है। पशुपालकों को पानी भरे रास्तों से होकर चारा लाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से बाढ़ प्रभावित गांवों में पशुओं के लिए सूखा चारा और आवागमन के लिए नाव की व्यवस्था कराने की मांग की है। संवाद
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रघुपुर पुख्ता के चारों तरफ पानी ही पानी
जुनावई। गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण बांध के अंदर बसे रघुपुर पुख्ता गांव की स्थिति गंभीर हो गई है। गांव के चारों तरफ बाढ़ का पानी भर गया है। खेत और खलिहान जलमग्न होने के साथ ही प्राथमिक विद्यालय के आसपास भी पानी जमा हो गया है। ग्रामीणों के अनुसार खेतों में खड़ी गन्ना, बाजरा और धान की फसलें पानी में डूब गई हैं। रघुपुर पुख्ता के अलावा मैंगरा, सालिंग की मड़ैया, उदिया नगला, बझांगी और तोतापुर गांव भी बाढ़ से प्रभावित हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से बाढ़ पर लगातार निगरानी और नाव तथा पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था की मांग की है।
मैंने बुधवार को बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र का निरीक्षण किया है। 30,000 क्यूसेक पानी कम हुआ है। धीरे- धीरे पानी कम हो रहा है। फिलहाल पूरी तरह से हर स्तर पर निगरानी रखी जा रही है।
- अवधेश कुमार, एसडीएम, गुन्नौर
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क्षेत्र के रघुपुर पुख्ता, उदिया नगला, बझांगी, तोतापुर, मैंगरा और सालिंग की मड़ैया समेत आसपास के गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। रघुपुर पुख्ता गांव के चारों तरफ पानी भर जाने से खेत-खलिहान भी जलमग्न हो गए हैं। गांव के प्राथमिक विद्यालय के आसपास भी पानी भरा हुआ है। उधर उदिया नगला और बझांगी को जोड़ने वाले मार्ग पर करीब तीन से चार फीट तक पानी भरा होने के कारण ग्रामीणों को पानी के बीच से होकर निकलना पड़ रहा है।
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ग्रामीणों का कहना है कि रास्ते में अधिक पानी होने के कारण बच्चों, बुजुर्गों और पशुपालकों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से आवागमन और जरूरी सामान पहुंचाने के लिए नाव की व्यवस्था कराने की मांग की है। उदिया नगला निवासी मदनलाल ने बताया कि मंगलवार की अपेक्षा वर्तमान में बाढ़ के पानी की मात्रा कुछ कम हुई है, लेकिन रास्तों और खेतों में पानी भरा होने के कारण परेशानी अभी भी बनी हुई है।
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उदिया नगला-बझांगी मार्ग पर तीन फीट पानी
जुनावई। गंगा में बढ़े जलस्तर के बाद पानी उदिया नगला और बझांगी गांव के बीच संपर्क मार्ग पर भर गया है। मार्ग पर करीब दो से तीन फीट तक पानी होने के कारण उदिया नगला गांव के करीब 20 बच्चे प्राथमिक विद्यालय बझांगी में पढ़ने नहीं पहुंच पा रहे हैं। ग्रामीणों ने बच्चों की सुरक्षा और आवागमन को देखते हुए प्रशासन से नाव उपलब्ध कराने की मांग की है। ग्रामीणों के अनुसार उदिया नगला गांव के बच्चे प्रतिदिन बझांगी स्थित प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने के लिए जाते हैं। वर्तमान में रास्ते में पानी भर जाने से बच्चों का स्कूल पहुंचना मुश्किल हो गया है। उदिया नगला निवासी मदनलाल और मुकेश कुमार ने बताया कि बाढ़ के कारण रास्ता पूरी तरह प्रभावित हो गया है। पशुओं के लिए चारा लाने में भी दिक्कत हो रही है। संवाद
पशुशालाओं में भरा पानी, चारे का संकट
जुनावई। बाढ़ का असर अब गांवों की पशुशालाओं तक पहुंच गया है। रघुपुर पुख्ता, उदिया नगला, बझांगी, तोतापुर और आसपास के गांवों में पशुशालाओं में पानी भरने से पशुपालकों के सामने पशुओं को सुरक्षित रखने और चारे की समस्या खड़ी हो गई है। बाढ़ के पानी के कारण कई पशुशालाओं में जमीन पर पानी जमा है। इससे पशुओं को बांधने के लिए सूखी जगह नहीं मिल पा रही है। खेतों में पानी भरने के कारण हरा चारा लाना भी मुश्किल हो गया है। पशुपालकों को पानी भरे रास्तों से होकर चारा लाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से बाढ़ प्रभावित गांवों में पशुओं के लिए सूखा चारा और आवागमन के लिए नाव की व्यवस्था कराने की मांग की है। संवाद
रघुपुर पुख्ता के चारों तरफ पानी ही पानी
जुनावई। गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण बांध के अंदर बसे रघुपुर पुख्ता गांव की स्थिति गंभीर हो गई है। गांव के चारों तरफ बाढ़ का पानी भर गया है। खेत और खलिहान जलमग्न होने के साथ ही प्राथमिक विद्यालय के आसपास भी पानी जमा हो गया है। ग्रामीणों के अनुसार खेतों में खड़ी गन्ना, बाजरा और धान की फसलें पानी में डूब गई हैं। रघुपुर पुख्ता के अलावा मैंगरा, सालिंग की मड़ैया, उदिया नगला, बझांगी और तोतापुर गांव भी बाढ़ से प्रभावित हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से बाढ़ पर लगातार निगरानी और नाव तथा पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था की मांग की है।
मैंने बुधवार को बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र का निरीक्षण किया है। 30,000 क्यूसेक पानी कम हुआ है। धीरे- धीरे पानी कम हो रहा है। फिलहाल पूरी तरह से हर स्तर पर निगरानी रखी जा रही है।
- अवधेश कुमार, एसडीएम, गुन्नौर