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जमाकर्ताओं के रुपये हड़पने में बचत अभिकर्ता को जेल
ब्यूरो/अमर उजाला संभल
Updated Mon, 16 Nov 2015 12:34 AM IST
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जमाकर्ताओं के एक करोड़ रुपये से अधिक हड़पने के आरोप में गिरफ्तार किए गए डाक विभाग के बचत अभिकर्ता को कोतवाली की पुलिस ने शनिवार को शाम गिरफ्तार किया था। इसे रविवार को अदालत के समक्ष पेश किया गया। अदालत ने आरोपी को जेल भेज दिया।
लोगों के रुपये लेकर डाकघर के बचत खाते में जमा करने और निकालने के दौरान धोखाधड़ी का मामला संभल कोतवाली में 11 अगस्त को दर्ज कराया गया था। इसमें चंद्रशेखर उर्फ अखिलेश पुत्र रामसेवक निवासी कोटपूर्वी को नामजद किया गया। नामजदगी के बाद से चंद्रशेखर फरार चल रहा था।
उसे शनिवार को कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक रामपाल सिंह, एसओजी प्रभारी संतोष त्यागी और विवेचक रामचंद्र सिंह ने पुलिस टीम के साथ गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद चंद्रशेखर ने बताया कि डाक विभाग में वह अपनी पत्नी के नाम से काम करता था। उसकी मोनिका सक्सेना बचत अभिकर्ता थीं।
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लोगों से रुपये लेने और उसे डाक विभाग में जमा कराने का काम करता था। कुछ कर्ज हो गया था जिसकी वजह से वह कुछ लोगों का जमा धन डाक विभाग में जमा कर सका। वहीं अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि चंद्रशेखर ने अपनी पत्नी और भाई के माध्यम से फर्जीवाड़ा किया है। पुलिस उनकी तलाश कर रही है।
धोखाधड़ी के बाद आरोपी दिल्ली में रह रहा था। इस बीच पीड़ितों ने भी आपबीती सुनाई है। अब इस मामले की विवेचना आर्थिक अपराध शाखा को सौंपी जाएगी। संभल के कोटपूर्वी मोहल्ले के निवासी चंद्रशेखर उर्फ अखिलेश को पुलिस ने धोखाधड़ी करके लोगों के रुपये हड़पने के मामले में गिरफ्तार किया है। उसकी पत्नी मोनिका सक्सेना, सगे भाई अनिल का नाम फर्जीवाड़े में सामने आ रहा है। पुलिस अधिकारी विवेचना कर रहे हैं।
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लोगों के रुपये लेकर डाकघर के बचत खाते में जमा करने और निकालने के दौरान धोखाधड़ी का मामला संभल कोतवाली में 11 अगस्त को दर्ज कराया गया था। इसमें चंद्रशेखर उर्फ अखिलेश पुत्र रामसेवक निवासी कोटपूर्वी को नामजद किया गया। नामजदगी के बाद से चंद्रशेखर फरार चल रहा था।
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उसे शनिवार को कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक रामपाल सिंह, एसओजी प्रभारी संतोष त्यागी और विवेचक रामचंद्र सिंह ने पुलिस टीम के साथ गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद चंद्रशेखर ने बताया कि डाक विभाग में वह अपनी पत्नी के नाम से काम करता था। उसकी मोनिका सक्सेना बचत अभिकर्ता थीं।
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लोगों से रुपये लेने और उसे डाक विभाग में जमा कराने का काम करता था। कुछ कर्ज हो गया था जिसकी वजह से वह कुछ लोगों का जमा धन डाक विभाग में जमा कर सका। वहीं अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि चंद्रशेखर ने अपनी पत्नी और भाई के माध्यम से फर्जीवाड़ा किया है। पुलिस उनकी तलाश कर रही है।
धोखाधड़ी के बाद आरोपी दिल्ली में रह रहा था। इस बीच पीड़ितों ने भी आपबीती सुनाई है। अब इस मामले की विवेचना आर्थिक अपराध शाखा को सौंपी जाएगी। संभल के कोटपूर्वी मोहल्ले के निवासी चंद्रशेखर उर्फ अखिलेश को पुलिस ने धोखाधड़ी करके लोगों के रुपये हड़पने के मामले में गिरफ्तार किया है। उसकी पत्नी मोनिका सक्सेना, सगे भाई अनिल का नाम फर्जीवाड़े में सामने आ रहा है। पुलिस अधिकारी विवेचना कर रहे हैं।