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Sambhal News: तेंदुए के पदचिह्न नहीं मिले तो सुस्त पड़ी वन विभाग की कार्रवाई
Tue, 12 Aug 2025 02:17 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Tue, 12 Aug 2025 02:17 AM IST
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संभल। असमोली क्षेत्र के गांव हरसिंहपुर के जंगल में तेंदुए की मौजूदगी को ग्रामीण अभी भी मान रहे हैं। वह रात जागकर बिता रहे हैं। रात में ग्रामीण छतों पर जागकर बिता रहे हैं, ताकि अचानक होने वाले तेंदुए के हमले से बच पाएं।
गांव हरसिंहपुर में तेंदुआ अभी तक चार बकरियों को निशाना बनाया है। वन विभाग ने तेंदुए को घेरने के लिए जो पिंजरा लगाया है, उसमें बकरी आदि नहीं बांधी गई। जिस कारण वह पकड़ से दूर है। ग्रामीणों में चर्चा है कि बकरी तो बंध जाती लेकिन चंदा नहीं हो पाया। इस कारण बकरी खरीदी नहीं जा सकी। बरहाल गांव में दहशत का माहौल है। जंगल जाने से लोग कतरा रहे हैं। यदि कोई जा रहा है तो वह समूह बनाकर या फिर हाथों में लाठी-डंडे लेकर जा रहा है। गांव के निवासी अमर सिंह ने बताया कि कई दिन से तेंदुए का डर है। यह लगातार गहराता जा रहा है। तेंदुए की मौजूदगी के बारे में कोई न कोई बता ही देता है। जिससे डर बना हुआ है। उनका कहना है कि इसे पकड़ने के लिए वन विभाग को ठोस कार्रवाई करनी चाहिए। लेकिन पिंजरा लगाकर कर्मी भूल गए हैं।
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गांव हरसिंहपुर में तेंदुआ अभी तक चार बकरियों को निशाना बनाया है। वन विभाग ने तेंदुए को घेरने के लिए जो पिंजरा लगाया है, उसमें बकरी आदि नहीं बांधी गई। जिस कारण वह पकड़ से दूर है। ग्रामीणों में चर्चा है कि बकरी तो बंध जाती लेकिन चंदा नहीं हो पाया। इस कारण बकरी खरीदी नहीं जा सकी। बरहाल गांव में दहशत का माहौल है। जंगल जाने से लोग कतरा रहे हैं। यदि कोई जा रहा है तो वह समूह बनाकर या फिर हाथों में लाठी-डंडे लेकर जा रहा है। गांव के निवासी अमर सिंह ने बताया कि कई दिन से तेंदुए का डर है। यह लगातार गहराता जा रहा है। तेंदुए की मौजूदगी के बारे में कोई न कोई बता ही देता है। जिससे डर बना हुआ है। उनका कहना है कि इसे पकड़ने के लिए वन विभाग को ठोस कार्रवाई करनी चाहिए। लेकिन पिंजरा लगाकर कर्मी भूल गए हैं।
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