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रघुपुरपुख्ता स्कूल के बाहर तीन फीट पानी
अमर उजाला/ ब्यूरोसंभल
Updated Wed, 27 Jul 2016 12:56 AM IST
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जुनावई के रघुपुर पुख्ता प्राथमिक विद्यालय में अध्ययन और अध्यापन के लिए नाव में सवार होकर छात्र और अध्यापक।
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रघुपुरपुख्ता गांव में बाढ़ से जनजीवन पूरी तरह से प्रभावित हो गया है। निचली बस्ती में लोगों के घरों के आगे पानी ही पानी है। सरकारी स्कूल के बाहर दो से तीन फुट तक पानी भरा है। स्कूली बच्चों और शिक्षकों को नाव से आना जाना पड़ रहा है। यही नहीं गांव के तमाम किसानों की मक्का की फसल अब सड़ने लगी है।वैसे धान और गन्ने के खेतों में भी पानी भरा हुआ है। फसलों की क्षति का आंकलन तहसील प्रशासन ने शुरू करा दिया है।
गन्नौर तहसील के आठ गांव बाढ़ प्रभावित की श्रेणी में है। लेकिन सबसे ज्यादा पानी रघुपुर पुख्ता गांव में हैँ। गांव के गलियारों में दो से तीन फुट तक पानी भर चुका है। तमाम किसान और आम आदमी की जिंदगी में दुश्वारियां आ गईं हैं। सरकारी स्कूल में बच्चों की पढाई प्रभावित हो गई है।
स्कूल में 77 बच्चे पंजीकृत हैं लेकिन उपस्थिति आधी ही हो पा रही है। वह भी नाव के द्वारा बच्चे आते जाते हैं। सरकारी स्कूल में शिक्षक सतीश चंद्र के साथ मंगलवार को दोपहर कुल 25 बच्चे थे। इन बच्चों को भी नाव से स्कूल तक पहुंचाया गया था। छुट्टी के बाद सभी को नाव से ही उनके घरों तक भेजा गया है। इस बीच फसलों में पानी भर गया है।
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मुन्नी सिंह, कुवंरपाल, धर्मपाल और रामदास ने कहा कि जिन किसानों की फसलें सड़ रही हैं उन्हें मुआवजा दिया जाए। गांव पहुंचे कानून-गो रामवीर ने बताया कि तहसील प्रशासन की ओर से रिलीव खतौनी तैयार की जा रही है। खतौनी तैयार होने के बाद किसे क्या मदद मिलेगी यह किया जाएगा। उन्होंने बताया कि धान और गन्ने की फसल पर कोई क्षतिपूर्ति नहीं है। मक्का की फसल सड़ने पर मुआवजा दिया जाएगा।
गन्नौर तहसील के आठ गांव बाढ़ प्रभावित की श्रेणी में है। लेकिन सबसे ज्यादा पानी रघुपुर पुख्ता गांव में हैँ। गांव के गलियारों में दो से तीन फुट तक पानी भर चुका है। तमाम किसान और आम आदमी की जिंदगी में दुश्वारियां आ गईं हैं। सरकारी स्कूल में बच्चों की पढाई प्रभावित हो गई है।
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स्कूल में 77 बच्चे पंजीकृत हैं लेकिन उपस्थिति आधी ही हो पा रही है। वह भी नाव के द्वारा बच्चे आते जाते हैं। सरकारी स्कूल में शिक्षक सतीश चंद्र के साथ मंगलवार को दोपहर कुल 25 बच्चे थे। इन बच्चों को भी नाव से स्कूल तक पहुंचाया गया था। छुट्टी के बाद सभी को नाव से ही उनके घरों तक भेजा गया है। इस बीच फसलों में पानी भर गया है।
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मुन्नी सिंह, कुवंरपाल, धर्मपाल और रामदास ने कहा कि जिन किसानों की फसलें सड़ रही हैं उन्हें मुआवजा दिया जाए। गांव पहुंचे कानून-गो रामवीर ने बताया कि तहसील प्रशासन की ओर से रिलीव खतौनी तैयार की जा रही है। खतौनी तैयार होने के बाद किसे क्या मदद मिलेगी यह किया जाएगा। उन्होंने बताया कि धान और गन्ने की फसल पर कोई क्षतिपूर्ति नहीं है। मक्का की फसल सड़ने पर मुआवजा दिया जाएगा।