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पशुशाला के छप्पर में लगी आग, सात पशुओं की जलकर मौत
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चंदौसी के गांव नेहटा में लगी पशुशाला में आग को बुझाते ग्रामीण।
- फोटो : CHANDAUSI
चंदौसी(संभल)। थाना बनियाठेर क्षेत्र के गांव नेहटा में पशुशाला के छप्पर में आग लग गई। जिसमें सात पशुओं की जलकर मौत हो गई, जबकि तीन पशु गंभीर रूप से झुलस गए। पशुओं के बचाने के प्रयास में दो ग्रामीण भी झुलस गए। ग्रामीणों ने करीब पौने घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। सूचना पर बनियाठेर थाना पुलिस और लेखपाल भी पहुंच गए और मामले की जांच-पड़ताल की। अभी आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है।
बनियाठेर क्षेत्र के गांव नेहटा निवासी छिद्दन की पशुशाला पर छप्पर डला है। पशुशाला में दोपहर के समय धूप, गर्मी से बचाव के बकरी व कटरे बांधे रखे थे। छिद्दन ने बताया कि शाम करीब पौने चार बजे पशुशाला के छप्पर में आग लग गई। बाहर निकलने का भी एक ही रास्ता था। पास में ही खाली पड़े मैदान में बच्चे खेल रहे थे। छप्पर में आग की लपटें उठती देखकर बच्चों ने शोर मचा दिया। बच्चों व पशुओं का शोर सुनकर ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। ग्रामीण हैंडपंप से पानी भरकर आग बुझाने में जुट गए। कुछ देर बाद विद्युतापूर्ति आ गई। इसके बाद ग्रामीणों ने पड़ोस के व्यक्ति के घर में लगे समर्सिबल पंप चलाकर करीब पौन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक आग से पांच बकरी और दो कटरों की जलकर मौत हो गई और तीन कटरे गंभीर रूप से झुलस गए।
पशुओं को बचाने के प्रयास में गांव निवासी अब्बू सुहैल, माशूका अली उर्फ पप्पू भी झुलस गए। छिद्दन की पशुशाला से पड़ोस में रहने वाले शमशुद्दीन के छप्पर की रसोई में भी आग लग गई थी। उसे ग्रामीणों ने बुझा लिया। आग से रसोई में रखा सामान जल गया था। सूचना पर बनियाठेर थाना पुलिस, हल्का लेखपाल भी मौके पर पहुंच गए और जांच पड़ताल की।
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मेहनत मजदूरी करता है छिद्दन, ग्रामीणों ने छप्पर डालने में किया था सहयोग
छिद्दन मेहनत मजदूरी करता है। पांच बकरी पाल रखी थी तथा ग्रामीणों के पांच कटरे बटाई यानी हिस्सेदारी पर ले कर पाल रहा था। उसकी पशुशाला पर छप्पर भी ग्रामीणों ने सहयोग कर डाला था। पशुओं के मरने से छिद्दन गमगीन है।
नहीं लगा दमकल का नंबर
ग्रामीण शमशुद्दीन, माशूक अली व अन्य ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने दमकल का 101 नंबर कई बार मिलाया, लेकिन नंबर नहीं लग पाया। बाद में ग्रामीणों ने खुद ही आग बुझा ली।
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बनियाठेर क्षेत्र के गांव नेहटा निवासी छिद्दन की पशुशाला पर छप्पर डला है। पशुशाला में दोपहर के समय धूप, गर्मी से बचाव के बकरी व कटरे बांधे रखे थे। छिद्दन ने बताया कि शाम करीब पौने चार बजे पशुशाला के छप्पर में आग लग गई। बाहर निकलने का भी एक ही रास्ता था। पास में ही खाली पड़े मैदान में बच्चे खेल रहे थे। छप्पर में आग की लपटें उठती देखकर बच्चों ने शोर मचा दिया। बच्चों व पशुओं का शोर सुनकर ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। ग्रामीण हैंडपंप से पानी भरकर आग बुझाने में जुट गए। कुछ देर बाद विद्युतापूर्ति आ गई। इसके बाद ग्रामीणों ने पड़ोस के व्यक्ति के घर में लगे समर्सिबल पंप चलाकर करीब पौन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक आग से पांच बकरी और दो कटरों की जलकर मौत हो गई और तीन कटरे गंभीर रूप से झुलस गए।
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पशुओं को बचाने के प्रयास में गांव निवासी अब्बू सुहैल, माशूका अली उर्फ पप्पू भी झुलस गए। छिद्दन की पशुशाला से पड़ोस में रहने वाले शमशुद्दीन के छप्पर की रसोई में भी आग लग गई थी। उसे ग्रामीणों ने बुझा लिया। आग से रसोई में रखा सामान जल गया था। सूचना पर बनियाठेर थाना पुलिस, हल्का लेखपाल भी मौके पर पहुंच गए और जांच पड़ताल की।
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मेहनत मजदूरी करता है छिद्दन, ग्रामीणों ने छप्पर डालने में किया था सहयोग
छिद्दन मेहनत मजदूरी करता है। पांच बकरी पाल रखी थी तथा ग्रामीणों के पांच कटरे बटाई यानी हिस्सेदारी पर ले कर पाल रहा था। उसकी पशुशाला पर छप्पर भी ग्रामीणों ने सहयोग कर डाला था। पशुओं के मरने से छिद्दन गमगीन है।
नहीं लगा दमकल का नंबर
ग्रामीण शमशुद्दीन, माशूक अली व अन्य ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने दमकल का 101 नंबर कई बार मिलाया, लेकिन नंबर नहीं लग पाया। बाद में ग्रामीणों ने खुद ही आग बुझा ली।