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तनाव में चल रहे किसान का कमरे में लटका मिला शव
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धनारी। किसान के पुत्र नहीं थी, जिससे तनाव में था। इसी तनाव के चलते किसान फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
गांव डरौली निवासी किसान पुजारी उर्फ प्रसादी(30) पुत्र होती लाल अपनी मां, पत्नी व चार पुत्रियों के साथ रहता था। सोमवार की सुबह किसान की मां ओमवती, पत्नी रामप्यारी व चार पुत्रियां खेत पर पशुओं को चारा लेने जंगल में गई थीं। सभी सुबह ग्यारह बजे जब घर पहुंचे तो देखा कि प्रसादी का शव कमरे में साड़ी के फंदे के सहारे कुंडे से लटका है। आननफानन परिजनों ने प्रसादी को उतारा। मगर तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने किसान के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मां ओमवती ने पुलिस को बताया कि पुजारी के चार पुत्रियां थीं, पुत्र कोई नहीं था, जिससे वह कई दिन से तनाव में चल रहा था। इसी के चलते उसने ये आत्मघाती कदम उठाया है। किसान का घर में किसी से कोई विवाद नहीं था। घटना के बाद से पत्नी, मां व पुत्रियों का रो-रोकर बुरा हाल बना है। अब पूरे परिवार के पालन-पोषण की जिम्मेदारी प्रसादी की मां पर आ गई।
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गांव डरौली निवासी किसान पुजारी उर्फ प्रसादी(30) पुत्र होती लाल अपनी मां, पत्नी व चार पुत्रियों के साथ रहता था। सोमवार की सुबह किसान की मां ओमवती, पत्नी रामप्यारी व चार पुत्रियां खेत पर पशुओं को चारा लेने जंगल में गई थीं। सभी सुबह ग्यारह बजे जब घर पहुंचे तो देखा कि प्रसादी का शव कमरे में साड़ी के फंदे के सहारे कुंडे से लटका है। आननफानन परिजनों ने प्रसादी को उतारा। मगर तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने किसान के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मां ओमवती ने पुलिस को बताया कि पुजारी के चार पुत्रियां थीं, पुत्र कोई नहीं था, जिससे वह कई दिन से तनाव में चल रहा था। इसी के चलते उसने ये आत्मघाती कदम उठाया है। किसान का घर में किसी से कोई विवाद नहीं था। घटना के बाद से पत्नी, मां व पुत्रियों का रो-रोकर बुरा हाल बना है। अब पूरे परिवार के पालन-पोषण की जिम्मेदारी प्रसादी की मां पर आ गई।
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