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Sambhal News: आश्रम की छत पर एक घंटे तक बैठा रहा तेंदुआ
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जुनावई। गुन्नौर तहसील क्षेत्र के ईसमपुर डांडा और असदपुर समेत गंगा किनारे बसे गांवों में तेंदुए की चहलकदमी से ग्रामीणों में दहशत है। बुधवार रात करीब आठ बजे ईसमपुर डांडा स्थित रघुवीर दास आश्रम की छत पर तेंदुआ पहुंच गया। करीब एक घंटे तक तेंदुआ छत पर ही मौजूद रहा। ग्रामीणों ने टॉर्च की रोशनी में तेंदुए को देखा। शोर मचाने पर वह जीने से उतरकर भाग गया। बृहस्पतिवार दोपहर को भी आश्रम से करीब 100 मीटर दूर तेंदुआ दिखाई देने से ग्रामीणों में भय और बढ़ गया है।
आश्रम के महंत तिलक दास महाराज ने बताया कि बुधवार रात आश्रम की छत पर तेंदुए को देखकर गांव के लोगों को फोन कर सूचना दी। कुछ ही देर में बड़ी संख्या में ग्रामीण आश्रम पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने टॉर्च जलाकर तेंदुए को देखा। काफी शोर मचाने के बाद तेंदुआ छत से जीने के रास्ते नीचे उतरा और भाग गया। ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुआ कभी रात में आबादी के बीच पहुंच रहा है तो कभी दिन में खेतों और बांध के आसपास दिखाई दे रहा है। ऐसे में बच्चों और पशुओं की सुरक्षा को लेकर भी ग्रामीण चिंतित हैं। तेंदुए के डर से किसान अकेले खेतों पर जाने से बच रहे हैं।
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रात करीब आठ बजे तेंदुए को आश्रम की छत पर चहलकदमी करते देखा। ग्रामीणों के पहुंचने के बाद भी तेंदुआ काफी देर तक छत पर ही बैठा रहा। करीब एक घंटे बाद शोर बढ़ने पर वह वहां से भागा।
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- महेंद्र सिंह, स्थानीय निवासी
बृहस्पतिवार की दोपहर करीब साढ़े तीन बजे उन्होंने आश्रम से लगभग 100 मीटर दूर तेंदुए को अपनी आंखों से बांध से नीचे उतरते देखा। उन्होंने कहा कि तेंदुए की लगातार आवाजाही से ग्रामीण खेतों की ओर जाने से डर रहे हैं।
- सुरेश कुमार, स्थानीय निवासी
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वन विभाग की गश्त पर सवाल
ग्रामीणों ने बताया कि आश्रम की छत पर तेंदुआ दिखाई देने के तुरंत बाद वन विभाग को फोन कर सूचना दी गई थी। इसके बावजूद मौके पर कोई अधिकारी या कर्मचारी नहीं पहुंचा। ग्रामीणों ने वन विभाग से आबादी वाले क्षेत्र में पिंजरा लगाने और तेंदुए को पकड़ने की मांग की है। वन क्षेत्राधिकारी बृजमोहन ने बताया कि क्षेत्र में पिंजरा लगाया गया है। वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी लगातार गश्त कर रहे हैं। ग्रामीणों को भी सतर्क रहने के लिए कहा गया है।
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आश्रम के महंत तिलक दास महाराज ने बताया कि बुधवार रात आश्रम की छत पर तेंदुए को देखकर गांव के लोगों को फोन कर सूचना दी। कुछ ही देर में बड़ी संख्या में ग्रामीण आश्रम पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने टॉर्च जलाकर तेंदुए को देखा। काफी शोर मचाने के बाद तेंदुआ छत से जीने के रास्ते नीचे उतरा और भाग गया। ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुआ कभी रात में आबादी के बीच पहुंच रहा है तो कभी दिन में खेतों और बांध के आसपास दिखाई दे रहा है। ऐसे में बच्चों और पशुओं की सुरक्षा को लेकर भी ग्रामीण चिंतित हैं। तेंदुए के डर से किसान अकेले खेतों पर जाने से बच रहे हैं।
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रात करीब आठ बजे तेंदुए को आश्रम की छत पर चहलकदमी करते देखा। ग्रामीणों के पहुंचने के बाद भी तेंदुआ काफी देर तक छत पर ही बैठा रहा। करीब एक घंटे बाद शोर बढ़ने पर वह वहां से भागा।
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- महेंद्र सिंह, स्थानीय निवासी
बृहस्पतिवार की दोपहर करीब साढ़े तीन बजे उन्होंने आश्रम से लगभग 100 मीटर दूर तेंदुए को अपनी आंखों से बांध से नीचे उतरते देखा। उन्होंने कहा कि तेंदुए की लगातार आवाजाही से ग्रामीण खेतों की ओर जाने से डर रहे हैं।
- सुरेश कुमार, स्थानीय निवासी
वन विभाग की गश्त पर सवाल
ग्रामीणों ने बताया कि आश्रम की छत पर तेंदुआ दिखाई देने के तुरंत बाद वन विभाग को फोन कर सूचना दी गई थी। इसके बावजूद मौके पर कोई अधिकारी या कर्मचारी नहीं पहुंचा। ग्रामीणों ने वन विभाग से आबादी वाले क्षेत्र में पिंजरा लगाने और तेंदुए को पकड़ने की मांग की है। वन क्षेत्राधिकारी बृजमोहन ने बताया कि क्षेत्र में पिंजरा लगाया गया है। वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी लगातार गश्त कर रहे हैं। ग्रामीणों को भी सतर्क रहने के लिए कहा गया है।