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चार घंटे तक डीएम दफ्तर पर रहा गुस्साए किसानों का कब्जा
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बहजोई। बीते दिनों दिए गए ज्ञापन में दर्ज समस्याओं का निस्तारण न होने से खफा किसानों ने भाकियू के बैनर तले ट्रैक्टर-ट्रालियों में सवार होकर सैकड़ों की तादाद में किसान कलक्ट्रेट परिसर में पहुंचे और डेरा जमा लिया। करीब चार घंटे तक डीएम दफ्तर गुस्साए किसानों के कब्जे में रहा। इस बीच प्रशासन के आला अफसरों समेत पुलिस बल की मौजूदगी रही।
बुधवार की सुबह 11 बजे से नगर की अनाज मंडी समिति परिसर में किसानों का पहुंचना प्रारंभ हो गया। देखते ही देखते खासी तादात में किसान अनाज मंडी समिति परिसर में एकत्र हो गए। यहां से दोपहर डेढ़ बजे करीब वाहन में डीजे लगाकर ट्रैक्टर-ट्राली में सवार होकर भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले सैकड़ों किसानों ने एक साथ कलक्ट्रेट की ओर कूच कर दिया।
भारतीय किसान यूनियन जिंदाबाद व बाबा टिकैत अमर रहें आदि नारे लगाते हुए किसान मुरादाबाद-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर होते हुए धीरे-धीरे कलक्ट्रेट की ओर बढ़ने लगे। दोपहर पौने दो बजे करीब प्रदेश सचिव बिजेंद्र सिंह यादव व जिलाध्यक्ष शंकर सिंह यादव के नेतृत्व में किसानों का समूह कलक्ट्रेट में प्रवेश कर गया। जमकर नारेबाजी की गई। इसके बाद दोपहर करीब दो बजे किसानों ने डीजे वाहन समेत डीएम दफ्तर के बरामदे में डेरा जमा लिया और समस्याओं के निस्तारण को लेकर नारेबाजी करने लगे। काफी संख्या में किसान डीएम दफ्तर के बाहर परिसर में बैठ गए। फिर शुरू हुआ भाकियू पदाधिकारियों का संबोधन। अपने संबोधन में पदाधिकारियों का कहना था कि वैसे तो किसानों को अन्नदाता समझा जाता है।
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बावजूद इसके किसानों की समस्याओं के निस्तारण के लिए प्रशासन की ओर से हमेशा ही उदासीनता बरती जाती है। यदि बीते दिनों दिए गए ज्ञापन में दर्ज समस्याओं का समय रहते निस्तारण हो गया होता, तो आज कलक्ट्रेट पहुंचकर अपनी बात रखने की जरूरत ही न होती। किसान धूप व गर्मी में परेशान होकर कलक्ट्रेट पहुंचा है, लेकिन अफसरों को इसकी तनिक भी परवाह नहीं है।
इस बीच सूचना पर पहुंचे एलआईयू निरीक्षक अशोक कुमार ने भी किसान पदाधिकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसान नहीं माने। अपर जिलाधिकारी लवकुश कुमार त्रिपाठी समेत डिप्टी कलक्टर राजेश कुमार व पीसी यादव ने भी किसानों को समझाने का पुरजोर प्रयास किया, लेकिन किसान नहीं माने। करीब दो घंटे तक अफसरों ने किसानों को समझाने के लिए जद्दोजहद की।
इसके बाद किसानों को चार बजे करीब कैंप कार्यालय पर डीएम व एसपी से मिलने का समय मिला। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल में 11 पदाधिकारियों से कैंप कार्यालय पर जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह व पुलिस अधीक्षक यमुना प्रसाद ने बातचीत की। करीब घंटे भर से अधिक चली बातचीत में किसान पदाधिकारियों ने डीएम व एसपी के समक्ष अपनी समस्याएं रखीं।
बाद में डीएम व एसपी ने किसानों को समस्याओं का जल्द समाधान कराए जाने का आश्वासन दिया। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल के पदाधिकारी कैंप कार्यालय से वापस कलक्ट्रेट पर किसानों के बीच पहुंचे और डीएम व एसपी की ओर से दिए गए आश्वासन के बावत बातचीत की। इस बीच एडीएम ने आश्वासन की औपचारिकता पूरी की, तब करीब पौने छह बजे किसान डीएम दफ्तर के बरामदे से हटे और ट्रैक्टर-ट्रालियों व दूसरे वाहनों में सवार होकर कलक्ट्रेट से वापस लौट गए। इस बीच पदाधिकारियों व किसानों में रामाशंकर शर्मा हनुमान, चंद्रपाल सिंह यादव, नीटू चौहान, सतीश चंद्र शर्मा, मोहर सिंह, अफसर अली, कुमरपाल मौर्य, उदयवीर सिंह, दलवीर सिंह, राजपाल सिंह यादव, महावीर सिंह, ठाकुरदास, अमरपाल, गरीबदास, राधेश्याम व संजीव यादव आदि मौजूद रहे।
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बुधवार की सुबह 11 बजे से नगर की अनाज मंडी समिति परिसर में किसानों का पहुंचना प्रारंभ हो गया। देखते ही देखते खासी तादात में किसान अनाज मंडी समिति परिसर में एकत्र हो गए। यहां से दोपहर डेढ़ बजे करीब वाहन में डीजे लगाकर ट्रैक्टर-ट्राली में सवार होकर भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले सैकड़ों किसानों ने एक साथ कलक्ट्रेट की ओर कूच कर दिया।
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भारतीय किसान यूनियन जिंदाबाद व बाबा टिकैत अमर रहें आदि नारे लगाते हुए किसान मुरादाबाद-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर होते हुए धीरे-धीरे कलक्ट्रेट की ओर बढ़ने लगे। दोपहर पौने दो बजे करीब प्रदेश सचिव बिजेंद्र सिंह यादव व जिलाध्यक्ष शंकर सिंह यादव के नेतृत्व में किसानों का समूह कलक्ट्रेट में प्रवेश कर गया। जमकर नारेबाजी की गई। इसके बाद दोपहर करीब दो बजे किसानों ने डीजे वाहन समेत डीएम दफ्तर के बरामदे में डेरा जमा लिया और समस्याओं के निस्तारण को लेकर नारेबाजी करने लगे। काफी संख्या में किसान डीएम दफ्तर के बाहर परिसर में बैठ गए। फिर शुरू हुआ भाकियू पदाधिकारियों का संबोधन। अपने संबोधन में पदाधिकारियों का कहना था कि वैसे तो किसानों को अन्नदाता समझा जाता है।
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बावजूद इसके किसानों की समस्याओं के निस्तारण के लिए प्रशासन की ओर से हमेशा ही उदासीनता बरती जाती है। यदि बीते दिनों दिए गए ज्ञापन में दर्ज समस्याओं का समय रहते निस्तारण हो गया होता, तो आज कलक्ट्रेट पहुंचकर अपनी बात रखने की जरूरत ही न होती। किसान धूप व गर्मी में परेशान होकर कलक्ट्रेट पहुंचा है, लेकिन अफसरों को इसकी तनिक भी परवाह नहीं है।
इस बीच सूचना पर पहुंचे एलआईयू निरीक्षक अशोक कुमार ने भी किसान पदाधिकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसान नहीं माने। अपर जिलाधिकारी लवकुश कुमार त्रिपाठी समेत डिप्टी कलक्टर राजेश कुमार व पीसी यादव ने भी किसानों को समझाने का पुरजोर प्रयास किया, लेकिन किसान नहीं माने। करीब दो घंटे तक अफसरों ने किसानों को समझाने के लिए जद्दोजहद की।
इसके बाद किसानों को चार बजे करीब कैंप कार्यालय पर डीएम व एसपी से मिलने का समय मिला। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल में 11 पदाधिकारियों से कैंप कार्यालय पर जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह व पुलिस अधीक्षक यमुना प्रसाद ने बातचीत की। करीब घंटे भर से अधिक चली बातचीत में किसान पदाधिकारियों ने डीएम व एसपी के समक्ष अपनी समस्याएं रखीं।
बाद में डीएम व एसपी ने किसानों को समस्याओं का जल्द समाधान कराए जाने का आश्वासन दिया। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल के पदाधिकारी कैंप कार्यालय से वापस कलक्ट्रेट पर किसानों के बीच पहुंचे और डीएम व एसपी की ओर से दिए गए आश्वासन के बावत बातचीत की। इस बीच एडीएम ने आश्वासन की औपचारिकता पूरी की, तब करीब पौने छह बजे किसान डीएम दफ्तर के बरामदे से हटे और ट्रैक्टर-ट्रालियों व दूसरे वाहनों में सवार होकर कलक्ट्रेट से वापस लौट गए। इस बीच पदाधिकारियों व किसानों में रामाशंकर शर्मा हनुमान, चंद्रपाल सिंह यादव, नीटू चौहान, सतीश चंद्र शर्मा, मोहर सिंह, अफसर अली, कुमरपाल मौर्य, उदयवीर सिंह, दलवीर सिंह, राजपाल सिंह यादव, महावीर सिंह, ठाकुरदास, अमरपाल, गरीबदास, राधेश्याम व संजीव यादव आदि मौजूद रहे।