{"_id":"577818404f1c1b4f4d79b8ad","slug":"farmer-dead-sambhal","type":"story","status":"publish","title_hn":"बर्बाद फसल के सदमे से जिले में एक और किसान की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बर्बाद फसल के सदमे से जिले में एक और किसान की मौत
ब्यूरो/अमर उजाला संभल
Updated Sun, 03 Jul 2016 01:08 AM IST
विज्ञापन
पंजाब में खेती और उत्पादन पर मॉनसून का असर
- फोटो : फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कुदरत के कहर से जिले में एक और मैंथा किसान की जान चली गई। थाना रजपुरा के गांव भीकनपुर जागीर में किसान की बर्बाद फसल के सदमे से मौत हो गई।
किसान ने 10 बीघा खेत पेशगी पर लिया था। 50 हजार रुपये से अधिक की लागत के बाद केवल छह किलोग्राम मैंथा तेल निकलने के बाद शुक्रवार शाम अचानक किसान की हालत बिगड़ गई। परिजन जब तक कुछ समझ पाते किसान ने दम तोड़ दिया। जिले में मैंथा फसल बर्बाद होने के बाद दूसरे किसान ने दम तोड़ा है।
रजपुरा के भीकनपुर जागीर निवासी मुरारीलाल (35) पुत्र रामस्वरुप के पास दो बीघा जमीन है। परिवार के पालन पोषण के लिए किसान ने 10 बीघा जमीन पेशगी पर ली थी। पेशगी ली जमीन में मैंथा की खेती की। मुरारी मैंथा की फसल काटकर गुरुवार को प्लांट पर तेल निकालने ले गया। 10 बीघा मैंथा फसल में मात्र छह किलोग्राम तेल निकला।
फसल में करीब 50 हजार से अधिक की लागत आई थी। पेशगी की रकम और फसल में लागत की रकम के सापेक्ष मात्र छह किलोग्राम तेल से मिलने वाली रकम ऊंट के मुंह में जीरा जैसा था। कर्ज और परिवार के पालन पोषण की चिंता में शुक्रवार की शाम सदमे से मुरारी लाल की हालत बिगड़ गई। उसे घबराहट होने लगी, परिजन मुरारीलाल को चिकित्सक के पास ले जा रहे थे। मुरारीलाल ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। परिजनों में कोहराम मच गया। मुरारी लाल के दो पुत्रियां व चार पुत्र हैं। मकान भी कच्चा है।
विज्ञापन
आर्थिक हालत खस्ता होने के कारण परिवार के सामने जीवन यापन का संकट गहरा गया है। पत्नी कंटूरी देवी व बच्चों को रो रोकर बुरा हाल था। मृतक के चचेरे भाई गंगाराम ने बताया कि जानकारी न होने के कारण उसने किसी अधिकारी को इस बारे में नहीं बताया और मुरारी लाल का अंतिम संस्कार कर दिया। उपजिलाधिकारी हरीशंकर यादव ने बताया कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी। किसान की मौत की पूरी जानकारी कराई जाएगी।
विज्ञापन
किसान ने 10 बीघा खेत पेशगी पर लिया था। 50 हजार रुपये से अधिक की लागत के बाद केवल छह किलोग्राम मैंथा तेल निकलने के बाद शुक्रवार शाम अचानक किसान की हालत बिगड़ गई। परिजन जब तक कुछ समझ पाते किसान ने दम तोड़ दिया। जिले में मैंथा फसल बर्बाद होने के बाद दूसरे किसान ने दम तोड़ा है।
रजपुरा के भीकनपुर जागीर निवासी मुरारीलाल (35) पुत्र रामस्वरुप के पास दो बीघा जमीन है। परिवार के पालन पोषण के लिए किसान ने 10 बीघा जमीन पेशगी पर ली थी। पेशगी ली जमीन में मैंथा की खेती की। मुरारी मैंथा की फसल काटकर गुरुवार को प्लांट पर तेल निकालने ले गया। 10 बीघा मैंथा फसल में मात्र छह किलोग्राम तेल निकला।
विज्ञापन
फसल में करीब 50 हजार से अधिक की लागत आई थी। पेशगी की रकम और फसल में लागत की रकम के सापेक्ष मात्र छह किलोग्राम तेल से मिलने वाली रकम ऊंट के मुंह में जीरा जैसा था। कर्ज और परिवार के पालन पोषण की चिंता में शुक्रवार की शाम सदमे से मुरारी लाल की हालत बिगड़ गई। उसे घबराहट होने लगी, परिजन मुरारीलाल को चिकित्सक के पास ले जा रहे थे। मुरारीलाल ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। परिजनों में कोहराम मच गया। मुरारी लाल के दो पुत्रियां व चार पुत्र हैं। मकान भी कच्चा है।
विज्ञापन
आर्थिक हालत खस्ता होने के कारण परिवार के सामने जीवन यापन का संकट गहरा गया है। पत्नी कंटूरी देवी व बच्चों को रो रोकर बुरा हाल था। मृतक के चचेरे भाई गंगाराम ने बताया कि जानकारी न होने के कारण उसने किसी अधिकारी को इस बारे में नहीं बताया और मुरारी लाल का अंतिम संस्कार कर दिया। उपजिलाधिकारी हरीशंकर यादव ने बताया कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी। किसान की मौत की पूरी जानकारी कराई जाएगी।