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बैनीपुर चक में कैंसर पीड़ित बुजुर्ग की मौत
ब्यूरो/अमर उजाला संभल
Updated Mon, 15 Jan 2018 02:17 AM IST
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तहसील क्षेत्र के गांवों के निजी और सरकारी हैंडपंपों से दूषित पानी आने की वजह से कैंसर का कहर जारी है। सिंहपुरसानी क्षेत्र के गांवों में कई लोगों की मौत के बाद अब गांव बैनीपुर चक में कैंसर पीड़ित बुजुर्ग की मौत होने का मामला सामने आया है। जिससे परिवार में कोहराम मच गया। गांव के निजी हैंडपंपों से दूषित पानी निकल रहा है। इस गांव में एक साल में दो लोगों की मौत हो चुकी है।
गांव बैनीपुर चक निवासी प्रकाश (55) किसान थे। पिछले दो साल पहले उनकी तबीयत बिगड़ी तो परिजनों ने अलीगढ़ से इलाज शुरू कराया। डाक्टरों ने उन्हें गले में कैंसर की पुष्टि की। इसके बाद परिजनों ने अलीगढ़, मुरादाबाद और रुड़की में इलाज कराया। मगर हालत में सुधार नहीं हो सका। पिछले एक महीने से उनका घर से ही इलाज कराया जा रहा था।
रविवार की सुबह 11 बजे वह घर पर परिजनों के साथ थे। कुछ देर बाद ही हालत बिगड़ने पर उनकी मौत हो गई। बुजुर्ग की मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो- रोकर बुरा हाल हो गया। प्रकाश के बेटे बनवारी ने बताया कि वह कैंसर की बीमारी से पीड़ित थे। काफी दिन से इलाज करा रहे थे। लेकिन हालत नहीं सुधर सकी। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि गांवों के कुछ हैंडपंप दूषित पानी उगल रहे हैं। इससे लोग बीमारियों से पीड़ित हो रहे हैं। लगभग एक साल पहले भी दानवीर की भी मौत हो चुकी है। तब जल निगम की टीम ने पहुंचकर पानी के नमूने लिए थे। मगर अभी तक जांच रिपोर्ट नहीं आई है।
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गांव बैनीपुर चक निवासी प्रकाश (55) किसान थे। पिछले दो साल पहले उनकी तबीयत बिगड़ी तो परिजनों ने अलीगढ़ से इलाज शुरू कराया। डाक्टरों ने उन्हें गले में कैंसर की पुष्टि की। इसके बाद परिजनों ने अलीगढ़, मुरादाबाद और रुड़की में इलाज कराया। मगर हालत में सुधार नहीं हो सका। पिछले एक महीने से उनका घर से ही इलाज कराया जा रहा था।
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रविवार की सुबह 11 बजे वह घर पर परिजनों के साथ थे। कुछ देर बाद ही हालत बिगड़ने पर उनकी मौत हो गई। बुजुर्ग की मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो- रोकर बुरा हाल हो गया। प्रकाश के बेटे बनवारी ने बताया कि वह कैंसर की बीमारी से पीड़ित थे। काफी दिन से इलाज करा रहे थे। लेकिन हालत नहीं सुधर सकी। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि गांवों के कुछ हैंडपंप दूषित पानी उगल रहे हैं। इससे लोग बीमारियों से पीड़ित हो रहे हैं। लगभग एक साल पहले भी दानवीर की भी मौत हो चुकी है। तब जल निगम की टीम ने पहुंचकर पानी के नमूने लिए थे। मगर अभी तक जांच रिपोर्ट नहीं आई है।
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