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संभल जिले में बुखार से चार दिनों में सात मौतें
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संभल। संभल जिले में बुखार से चार दिनों में सात मौतें हो चुकी हैं। पवांसा क्षेत्र के अतरासी में तीन मौतें बुखार से हुईं थीं। अजीमाबाद में दो दिनों के भीतर दो मौतें हुईं। पवांसा क्षेत्र के ही किसौली गांव में सोमवार को एक और बुधवार को एक मौत हुई है। जिन लोगों की मौत हुईं हैं उनके परिजनों के बताए पर यकीन करें मौत की वजह बुखार है लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने अभी मौत के कारणों को स्पष्ट नहीं किया है। अलबत्ता बुखार पीड़ितों के गांव में स्वास्थ्य विभाग शिविर लगा रहा है। इन शिविरों में 287 मरीज बुखार के सामने आए हैं।
किसौली निवासी प्रेमपाल मौर्य की नौ वर्षीय बेटी हीरावती को बुधवार को दोपहर बुखार आया और शाम तक उसने दम तोड़ दिया। इलाज का मौका नहीं मिल सका था। पिता ने बताया कि बुखार के साथ उल्टी भी हुई थी। जब तक बहजोई लेकर गए तब तक उसने दम तोड़ दिया। इसी गांव में सोमवार को रात राजपाल यादव (53) की मौत हुई है। मंगलवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया।
बड़े बेटे रामरहीस ने बताया कि उनके पिता को बुखार आया था। पहले पवांसा में इलाज कराया था। लेकिन जब हालत नहीं ठीक हुई तो गांव ले आए और बहजोई में इलाज के लिए ले जा रहे थे लेकिन उससे पहले ही उनकी मृत्यु हो गई। प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. असद अंसारी ने बताया कि अभी उन्हें बुखार से किसौली में मौतों के विषय में जानकारी नहीं है लेकिन वहां पर अगर बीमार लोग हैं तो शिविर लगाएंगे। अतरासी और किसौली में गुरुवार को शिविर लगाए जाएंगे। मुख्य चिकित्साधिकारी डा. अमिता सिंह ने कहा कि जिले में अभी तक एक भी मौत बुखार से होने की पुष्टि नहीं हुई है। अलबत्ता ग्रामीणों ने बुखार से मौत की जानकारी दी है लेकिन सभी मौतों में कारण अलग-अलग सामने आ रहे हैं। फिर भी स्वास्थ्य विभाग सतर्क है और जहां से भी बुखार की सूचना मिलती है तत्काल टीम भेजी जा रही है। लोगों को बुखार से बचाव के बारे में जागरूक किया जा रहा है।
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स्वास्थ्य विभाग ने बुखार पीड़ितों को दवाओं का वितरण किया
संभल। अजीमाबाद, अतरासी और खरसपा में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने चिकित्सा शिविर लगाए। इन गावों में 611 मरीज देखे गए जिसमें 287 बुखार पीड़ित मिले। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी और प्रभारी चिकित्साधिकारी स्वास्थ्य शिविरों का निरीक्षण किया और ग्रामीणों को बुखार से बचाव के उपाय भी बताए।
अतरासी में बुखार से तीन मौतें हुईं हैं जबकि चौथी मौत अजीमाबाद में मासूम हिमांशु की हुई है। दो दिनों में चार मौतों के बाद स्वास्थ्य विभाग चेत गया है। पवांसा सामुदायिक स्वास्थय केंद्र के प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. असद अंसारी ने बताया कि अतरासी 292 मरीज देखे गए जिसमें 170 बुखार पीड़ित हैं। एक मरीज को मलेरिया निकला है। जबकि गांव में 32 लोगों की रक्त की स्लाइड बनाई गई है।
खरसपा गांव में बुखार पीड़ितों के बारे में जैसे ही खबर मिली तो इस गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची। टीम ने 155 मरीज देखे जिसमें 55 मरीज बुखार पीड़ित थे। दो मरीजों को मलेरिया था। स्वास्थ्य विभाग की एक टीम अजीमाबाद गई। टीम ने 135 मरीज देखे जिसमें 62 मरीज बुखार पीड़ित थे। दो मरीज मलेरिया पाजिटिव मिले। गांव में पचास मरीजों के रक्त की स्लाइड बनाई गई है।
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किसौली निवासी प्रेमपाल मौर्य की नौ वर्षीय बेटी हीरावती को बुधवार को दोपहर बुखार आया और शाम तक उसने दम तोड़ दिया। इलाज का मौका नहीं मिल सका था। पिता ने बताया कि बुखार के साथ उल्टी भी हुई थी। जब तक बहजोई लेकर गए तब तक उसने दम तोड़ दिया। इसी गांव में सोमवार को रात राजपाल यादव (53) की मौत हुई है। मंगलवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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बड़े बेटे रामरहीस ने बताया कि उनके पिता को बुखार आया था। पहले पवांसा में इलाज कराया था। लेकिन जब हालत नहीं ठीक हुई तो गांव ले आए और बहजोई में इलाज के लिए ले जा रहे थे लेकिन उससे पहले ही उनकी मृत्यु हो गई। प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. असद अंसारी ने बताया कि अभी उन्हें बुखार से किसौली में मौतों के विषय में जानकारी नहीं है लेकिन वहां पर अगर बीमार लोग हैं तो शिविर लगाएंगे। अतरासी और किसौली में गुरुवार को शिविर लगाए जाएंगे। मुख्य चिकित्साधिकारी डा. अमिता सिंह ने कहा कि जिले में अभी तक एक भी मौत बुखार से होने की पुष्टि नहीं हुई है। अलबत्ता ग्रामीणों ने बुखार से मौत की जानकारी दी है लेकिन सभी मौतों में कारण अलग-अलग सामने आ रहे हैं। फिर भी स्वास्थ्य विभाग सतर्क है और जहां से भी बुखार की सूचना मिलती है तत्काल टीम भेजी जा रही है। लोगों को बुखार से बचाव के बारे में जागरूक किया जा रहा है।
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स्वास्थ्य विभाग ने बुखार पीड़ितों को दवाओं का वितरण किया
संभल। अजीमाबाद, अतरासी और खरसपा में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने चिकित्सा शिविर लगाए। इन गावों में 611 मरीज देखे गए जिसमें 287 बुखार पीड़ित मिले। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी और प्रभारी चिकित्साधिकारी स्वास्थ्य शिविरों का निरीक्षण किया और ग्रामीणों को बुखार से बचाव के उपाय भी बताए।
अतरासी में बुखार से तीन मौतें हुईं हैं जबकि चौथी मौत अजीमाबाद में मासूम हिमांशु की हुई है। दो दिनों में चार मौतों के बाद स्वास्थ्य विभाग चेत गया है। पवांसा सामुदायिक स्वास्थय केंद्र के प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. असद अंसारी ने बताया कि अतरासी 292 मरीज देखे गए जिसमें 170 बुखार पीड़ित हैं। एक मरीज को मलेरिया निकला है। जबकि गांव में 32 लोगों की रक्त की स्लाइड बनाई गई है।
खरसपा गांव में बुखार पीड़ितों के बारे में जैसे ही खबर मिली तो इस गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची। टीम ने 155 मरीज देखे जिसमें 55 मरीज बुखार पीड़ित थे। दो मरीजों को मलेरिया था। स्वास्थ्य विभाग की एक टीम अजीमाबाद गई। टीम ने 135 मरीज देखे जिसमें 62 मरीज बुखार पीड़ित थे। दो मरीज मलेरिया पाजिटिव मिले। गांव में पचास मरीजों के रक्त की स्लाइड बनाई गई है।