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भागवत कथा में लाउडस्पीकर बजाने पर दो समुदायों में तनाव
ब्यूरो/अमर उजाला, संभल
Updated Wed, 05 Oct 2016 01:26 AM IST
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इससे दोनों पक्षों में तनातनी का माहौल हो गया। जानकारी पर पहुंची पुलिस ने विरोध करने वालों को शांत कराया। बाद में दोनों पक्षों के लोगों को थाने बुलाकर शांति व्यवस्था बनाए रखने की नसीहत दी है।
तहसील क्षेत्र के गांव सुनवारी में चामुंडा मंदिर पर सोमवार की रात भागवत कथा प्रारंभ हुई थी। लाउडस्पीकर लगाकर भागवत कथा सुनाई गई। मंगलवार को भागवत कथा प्रारंभ होने से पहले ही एक समुदाय के कुछ लोगों ने लाउडस्पीकर का विरोध कर दिया। विरोध की जानकारी पर आयोजकों के समर्थक कथा स्थल पर एकत्र होने लगे। दोनों पक्षों में तनातनी का माहौल बन गया। ऐसे में पुलिस को भी जानकारी दे दी गई। तत्काल पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने विरोध कर रहे गुस्साए लोगों को शांत किया। इसके बाद मामले की जानकारी की। मामले का निस्तारण न होने पर पुलिस ने दोनों पक्षों के लोगों से थाने चलने को कहा। लोग ट्रैक्टर-ट्राली लेकर थाने आ गए।
थानाध्यक्ष केके तिवारी दोनों पक्षों के लोगों से बात की। साथ ही यह भी कहा कि यदि किसी ने शांति व्यवस्था को खतरा पहुंचाया तो पुलिस कानूनी कार्रवाई का शिकंजा कसेगी। थाने में बातचीत के दौरान तीखी बहस हुई। एसओ ने दोनों पक्षों के लोगों को समझा बुझाकर शांत कर दिया। थानाध्यक्ष केके तिवारी ने बताया कि गांव में एक पक्ष के लोगों ने लाउडस्पीकर बजाने का विरोध किया था। दोनों पक्षों के लोगों से वार्ता करके उन्हें समझा दिया गया है। गांव में भागवत होगी।
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हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल रहा है सुनवारी गांव ः तहसील क्षेत्र के गांव सुनवारी हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल रहा है। यहां पर दोनों पक्षों के लोग एक दूसरे के धार्मिक कार्यक्रमों में भी मदद करते रहे हैं। लाउडस्पीकर लगाने को लेकर जब विवाद उभरा तो लोगों के तमाम समझदार लोगों ने समझौते की पहल की और पुलिस के सामने बातचीत से मामले को निपटाया तथा सौहार्र्द की परंपरा को कायम रखने का निर्णय लिया है। गांव के लोगों ने बताया कि गांव में एक मजार भी है। जिस पर दोनों समुदायों के लोग जाकर मन्नतें मांगते हैं।
दो समुदायों में पहले भी हाे चुका है तनाव
16 सितंबर को कोतवाली क्षेत्र के गांव हाफिजपुर में धर्म स्थल में निर्माण को लेकर दो समुदायों में तनातनी का माहौल हो गया था। 27 सितंबर को कोतवाली क्षेत्र के गांव हाफिजपुर स्थित चामुंडा मंदिर के निर्माण को लेकर दोनों समुदायों में तनातनी हो गई थी। 1 अक्तूूूबर को गांव मोहम्मदपुर टांडा में मकान को धर्म स्थल का रूप देकर इबादत करने को लेकर लोगों में तनातनी का माहौल हो गया था। 3 अक्तूूूबर को गांव चंदायन में धर्मस्थल का निर्माण ढहाया गया। तनाव व्याप्त है।
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तहसील क्षेत्र के गांव सुनवारी में चामुंडा मंदिर पर सोमवार की रात भागवत कथा प्रारंभ हुई थी। लाउडस्पीकर लगाकर भागवत कथा सुनाई गई। मंगलवार को भागवत कथा प्रारंभ होने से पहले ही एक समुदाय के कुछ लोगों ने लाउडस्पीकर का विरोध कर दिया। विरोध की जानकारी पर आयोजकों के समर्थक कथा स्थल पर एकत्र होने लगे। दोनों पक्षों में तनातनी का माहौल बन गया। ऐसे में पुलिस को भी जानकारी दे दी गई। तत्काल पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने विरोध कर रहे गुस्साए लोगों को शांत किया। इसके बाद मामले की जानकारी की। मामले का निस्तारण न होने पर पुलिस ने दोनों पक्षों के लोगों से थाने चलने को कहा। लोग ट्रैक्टर-ट्राली लेकर थाने आ गए।
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थानाध्यक्ष केके तिवारी दोनों पक्षों के लोगों से बात की। साथ ही यह भी कहा कि यदि किसी ने शांति व्यवस्था को खतरा पहुंचाया तो पुलिस कानूनी कार्रवाई का शिकंजा कसेगी। थाने में बातचीत के दौरान तीखी बहस हुई। एसओ ने दोनों पक्षों के लोगों को समझा बुझाकर शांत कर दिया। थानाध्यक्ष केके तिवारी ने बताया कि गांव में एक पक्ष के लोगों ने लाउडस्पीकर बजाने का विरोध किया था। दोनों पक्षों के लोगों से वार्ता करके उन्हें समझा दिया गया है। गांव में भागवत होगी।
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हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल रहा है सुनवारी गांव ः तहसील क्षेत्र के गांव सुनवारी हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल रहा है। यहां पर दोनों पक्षों के लोग एक दूसरे के धार्मिक कार्यक्रमों में भी मदद करते रहे हैं। लाउडस्पीकर लगाने को लेकर जब विवाद उभरा तो लोगों के तमाम समझदार लोगों ने समझौते की पहल की और पुलिस के सामने बातचीत से मामले को निपटाया तथा सौहार्र्द की परंपरा को कायम रखने का निर्णय लिया है। गांव के लोगों ने बताया कि गांव में एक मजार भी है। जिस पर दोनों समुदायों के लोग जाकर मन्नतें मांगते हैं।
दो समुदायों में पहले भी हाे चुका है तनाव
16 सितंबर को कोतवाली क्षेत्र के गांव हाफिजपुर में धर्म स्थल में निर्माण को लेकर दो समुदायों में तनातनी का माहौल हो गया था। 27 सितंबर को कोतवाली क्षेत्र के गांव हाफिजपुर स्थित चामुंडा मंदिर के निर्माण को लेकर दोनों समुदायों में तनातनी हो गई थी। 1 अक्तूूूबर को गांव मोहम्मदपुर टांडा में मकान को धर्म स्थल का रूप देकर इबादत करने को लेकर लोगों में तनातनी का माहौल हो गया था। 3 अक्तूूूबर को गांव चंदायन में धर्मस्थल का निर्माण ढहाया गया। तनाव व्याप्त है।