फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sambhal News ›   विदेशी थाई मांगुर मछली पर जिले में लगा प्रतिबंध, विक्रय हुआ तो कार्रवाई

विदेशी थाई मांगुर मछली पर जिले में लगा प्रतिबंध, विक्रय हुआ तो कार्रवाई

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 14 Mar 2019 01:05 AM IST
विज्ञापन
विदेशी थाई मांगुर मछली पर जिले में लगा प्रतिबंध, विक्रय हुआ तो कार्रवाई
चंदौसी। मछली खाने के शौकीनों को सावधान हो जाना चाहिए, क्योंकि थाई मांगुर मछली काफी खतरनाक है। इसे खाने से कैंसर तक हो सकता है। इसलिए इस मछली को प्रतिबंधित कर दिया गया है। जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह ने थाई मांगुर मछली को बेचने, पालने, स्टाक रखने वालों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन

भारतीय हरित न्यायाधिकरण(एनजीटी) नई दिल्ली द्वारा पारित आदेश के बाद मत्स्य निदेशक ने एक आदेश जारी किया, जिसमें स्पष्ट लिखा गया है कि देशी मांगुर मछली की आड़ में देश में कई स्थानों पर प्रतिबंधित विदेशी थाई, हब्सी मांगुर मछली का पालन किया जा रहा है। थाई मांगुर मछली की प्रजाति का पालन देश के सभी राज्यों में पूर्णत प्रतिबंधित है। यह मछलियां मांसाहारी प्रवृति की होती हैं।
विज्ञापन

खासकर यह मछलियां सड़े गले मांस को खाती हैं। मत्स्य निरीक्षक कैस मोहम्मद ने बताया कि इनके पालने से स्थानीय मत्स्य संपदा को क्षति पहुंचने के साथ ही जलीय पर्यावरण के असंतुलन एवं जन स्वास्थ्य को खतरा होने की संभावना बनी रहती है। उक्त प्रजाति की मछलियों द्वारा सड़ा गला मांस खिलाने से आसपास का वातावरण भी प्रदूषित होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह ने जनपद के सभी उपजिलाधिकारियों को आदेशित किया है कि थाई मांगुर मछली का पालन, मत्स्य बीज आयात, संचय, मछली का परिवहन एवं इनको खिलाए जाने वाले अपशिष्ट की आपूर्ति को पूर्णत रोकने के लिए अपनी-अपनी तहसील क्षेत्र में मत्स्य विभाग के कर्मचारियों एवं लेखपालों के माध्यम से प्रतिबंधित प्रजाति की मछलियों के पालन, विक्रय, आयात अथवा स्टाक की उपलब्धता होने की जानकारी करें।

मत्स्य विभाग के अधिकारियों एवं आवश्यक पुलिस बल के साथ टीम गठित कर प्रतिबंधित मछलियों एवं मत्स्य बीज को नष्ट कराएं। नष्ट करने में जो धन व्यय होगा। वह धनराशि संबंधित मत्स्य पालक, विक्रेता से वसूल की जाएगी। चिह्नित किए गए मत्स्य पालकों, विक्रेताओं की सूची एवं की गई कार्यवाही से भी अवगत कराया जाए। जनपद में लगने वाली मंडियों, हाट आदि में उक्त मछलियों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed