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वितीय अनियमितता में फंसे ग्राम प्रधान व पंचायत सचिव
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बहजोई। वित्तीय अधिकार सीज होने के बाद भी ग्राम प्रधान व सचिव के संयुक्त हस्ताक्षर से खाते से ग्राम पंचायत की 11 लाख रुपये की धनराशि निकाल ली गई। शिकायत पर जिला प्रशासन की ओर से पूरे मामले में जांच कराई गई तो वित्तीय अनियमितता की बात सामने आई। मामला विकासखंड गुन्नौर की ग्राम पंचायत पंवारी का है।
जिला पंचायत राज अधिकारी जाहिद हुसैन ने बताया कि ग्रामीणों की ओर से की गई वित्तीय अनियमितता की शिकायत पर जांच के बाद दोषी पाए जाने पर 7 जनवरी 2019 को विकासखंड गुन्नौर की ग्राम पंचायत पंवारी के ग्राम प्रधान के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार प्रतिबंधित कर दिए गए थे और ग्राम पंचायत में नियमपूर्वक विकास कार्यों के संचालन के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया था।
डीपीआरओ ने बताया कि 6 अप्रैल 2019 को ग्राम पंचायत पंवारी की तीन सदस्यीय समिति के सदस्य नेमवती, नेतराम व तोताराम ने बताया कि ग्राम प्रधान के वित्तीय अधिकार सीज होने के बावजूद भी ग्राम पंचायत पंवारी के ग्राम प्रधान व सचिव ने फर्जीबाड़ा कर संबंधित बैंक शाखा से 11 लाख रुपये की शासकीय धनराशि आहरित कर ली। डीपीआरओ ने बताया कि शिकायत मिलने पर हुई जांच में सामने आया कि माह मार्च 2019 में करीब 11 लाख रुपये की शासकीय धनराशि नियम विरुद्घ तथा ग्राम पंचायतों के अभिलेखों में हेराफेरी कर आहरित की गई है। उन्होंने बताया कि इस प्रकरण में निलंबित ग्राम प्रधान समेत सचिव दोषी पाए गए हैं। इसको लेकर कार्रवाई प्रचलन में है।
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जिला पंचायत राज अधिकारी जाहिद हुसैन ने बताया कि ग्रामीणों की ओर से की गई वित्तीय अनियमितता की शिकायत पर जांच के बाद दोषी पाए जाने पर 7 जनवरी 2019 को विकासखंड गुन्नौर की ग्राम पंचायत पंवारी के ग्राम प्रधान के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार प्रतिबंधित कर दिए गए थे और ग्राम पंचायत में नियमपूर्वक विकास कार्यों के संचालन के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया था।
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डीपीआरओ ने बताया कि 6 अप्रैल 2019 को ग्राम पंचायत पंवारी की तीन सदस्यीय समिति के सदस्य नेमवती, नेतराम व तोताराम ने बताया कि ग्राम प्रधान के वित्तीय अधिकार सीज होने के बावजूद भी ग्राम पंचायत पंवारी के ग्राम प्रधान व सचिव ने फर्जीबाड़ा कर संबंधित बैंक शाखा से 11 लाख रुपये की शासकीय धनराशि आहरित कर ली। डीपीआरओ ने बताया कि शिकायत मिलने पर हुई जांच में सामने आया कि माह मार्च 2019 में करीब 11 लाख रुपये की शासकीय धनराशि नियम विरुद्घ तथा ग्राम पंचायतों के अभिलेखों में हेराफेरी कर आहरित की गई है। उन्होंने बताया कि इस प्रकरण में निलंबित ग्राम प्रधान समेत सचिव दोषी पाए गए हैं। इसको लेकर कार्रवाई प्रचलन में है।
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