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सर्दी के साथ ठिठुरन ने बढ़ाई मुसीबत, शाम होते ही घरों में कैद हुए लोग
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हेलमेट हो न हो पर सर्दी से बचाव के लिए मफलर बांधकर पूरा सिर इस तरह से ढका गया है। संभल के चंदौसी चौर?
- फोटो : SAMBHAL
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संभल। ठिठुरन के बढ़ने से लोगों की मुसीबतें भी बढ़ गईं हैं। हांड़ कंपा देने वाली ठंड में जरूरी काम से ही लोग बाहर निकल रहे हैं। ठंड से अपने आप को बचाने के लिए गर्म कपड़ों के साथ अलाव का सहारा लिया जा रहा है। एक सप्ताह से पड़ रही ठंड ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। बच्चे और बुजुर्ग घरों में कैद हो गए हैं।
बुधवार को जिले का अधिकतम तापमान 16 और न्यूनतम तापमान 6 दर्ज किया गया।
दिन में कुछ समय के लिए हल्की धूप तो निकली लेकिन सर्द हवाओं ने सर्दी से राहत नहीं होने दी। शाम होते ही फिर से सर्दी का प्रकोप बढ़ गया। लोग अपने प्रतिष्ठानों से भी समय से पहले घरों की ओर चल दिए। वहीं दूसरी ओर जिला प्रशासन की ओर से शीतलहर और भीषण ठंड को देखते हुए इंटर तक कालेजों में शीतकालीन अवकाश रहा। जिससे छात्र-छात्राओं को सहूलियत मिली। लोग फिर भी ठंड से जूझे।
दिनभर सूर्यदेव बादलों से नहीं निकल पाए। जिससे पारा गिरा रहा। ठिठुरन और सर्दी ने लोगों को घरों में कैद कर दिया। कोई मुंह से कपड़ा बांधकर निकला तो कोई शॉल, मफलर या फिर चादर ओढ़कर ही बाहर निकला।
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बुधवार को जिले का अधिकतम तापमान 16 और न्यूनतम तापमान 6 दर्ज किया गया।
दिन में कुछ समय के लिए हल्की धूप तो निकली लेकिन सर्द हवाओं ने सर्दी से राहत नहीं होने दी। शाम होते ही फिर से सर्दी का प्रकोप बढ़ गया। लोग अपने प्रतिष्ठानों से भी समय से पहले घरों की ओर चल दिए। वहीं दूसरी ओर जिला प्रशासन की ओर से शीतलहर और भीषण ठंड को देखते हुए इंटर तक कालेजों में शीतकालीन अवकाश रहा। जिससे छात्र-छात्राओं को सहूलियत मिली। लोग फिर भी ठंड से जूझे।
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दिनभर सूर्यदेव बादलों से नहीं निकल पाए। जिससे पारा गिरा रहा। ठिठुरन और सर्दी ने लोगों को घरों में कैद कर दिया। कोई मुंह से कपड़ा बांधकर निकला तो कोई शॉल, मफलर या फिर चादर ओढ़कर ही बाहर निकला।
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