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सतपाल और प्रकाश बने सहारा, छोटे नोट देकर समस्या से उबारा
ब्यूरो/अमर उजाला, संभल
Updated Fri, 02 Dec 2016 12:44 AM IST
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अब संभल में दो व्यापारी भाई एसबीआई की मदद को आगे आए हैं। उन्होंने बैंक को साढ़े सात लाख रुपये के छोटे नोटोें की करेंसी सौंपी है।
बैंकों में छोटे नोटों की कमी है। आम जनता में भी फुटकर नोट को लेकर बड़ी सतर्कता है। दो हजार रुपये के लिए लोग बैंक व एटीएम पर लंबी लाइन लगा रहे हैं। ऐसे में गुरुवार को दो व्यापारी राशि जमा करवाने एसबीआई शाखा आए, लेकिन 500 और 1000 रुपए के नोट नहीं, बल्कि 100, 50, 20 और 10 रुपए के नोटों को। एक बार उन्हें देखकर बैंक कर्मचारी भी हैरान हुए। व्यापारी सतपाल और प्रकाश ने एसबीआई बैंक शाखा में छोटे नोटों में करीब साढ़े सात लाख रुपये की करेंसी जमा की। नोटबंदी के बाद बैंक में जो फुटकर रुपये थे, वो दो ही दिन में नोट बदलने में लगभग समाप्त हो गए। आरबीआइ से जो नोट आए, वे दो हजार के थे। लोगों ने दो हजार के नोट प्राप्त तो कर लिए, लेकिन बाजार में चलन में नहीं आ सके।
शाखा प्रबंधन ने कहा कि आज के समय जब सभी बैंको में जबरदस्त क्राइसेस है, उस समय अगर कोई व्यापारी इतनी बड़ी तादात में छोटी करेंसी को जमा करता है तो आम लोगों को काफी राहत मिलेगी। अगर सभी लोग इस तरह आगे आएं और अपनी जरूरत के मुताबिक रुपये रखकर शेष छोटी धनराशि बैंकों में जमा करें तो सभी का लाभ होगा। बैंक प्रबंधन ने व्यापारी भाइयों का स्वागत और सम्मान किया।
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बैंकों में छोटे नोटों की कमी है। आम जनता में भी फुटकर नोट को लेकर बड़ी सतर्कता है। दो हजार रुपये के लिए लोग बैंक व एटीएम पर लंबी लाइन लगा रहे हैं। ऐसे में गुरुवार को दो व्यापारी राशि जमा करवाने एसबीआई शाखा आए, लेकिन 500 और 1000 रुपए के नोट नहीं, बल्कि 100, 50, 20 और 10 रुपए के नोटों को। एक बार उन्हें देखकर बैंक कर्मचारी भी हैरान हुए। व्यापारी सतपाल और प्रकाश ने एसबीआई बैंक शाखा में छोटे नोटों में करीब साढ़े सात लाख रुपये की करेंसी जमा की। नोटबंदी के बाद बैंक में जो फुटकर रुपये थे, वो दो ही दिन में नोट बदलने में लगभग समाप्त हो गए। आरबीआइ से जो नोट आए, वे दो हजार के थे। लोगों ने दो हजार के नोट प्राप्त तो कर लिए, लेकिन बाजार में चलन में नहीं आ सके।
शाखा प्रबंधन ने कहा कि आज के समय जब सभी बैंको में जबरदस्त क्राइसेस है, उस समय अगर कोई व्यापारी इतनी बड़ी तादात में छोटी करेंसी को जमा करता है तो आम लोगों को काफी राहत मिलेगी। अगर सभी लोग इस तरह आगे आएं और अपनी जरूरत के मुताबिक रुपये रखकर शेष छोटी धनराशि बैंकों में जमा करें तो सभी का लाभ होगा। बैंक प्रबंधन ने व्यापारी भाइयों का स्वागत और सम्मान किया।
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