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Sambhal News: बच्चों का होगा स्वास्थ्य परीक्षण, खानपान की आदतों में सुधार पर देंगे जोर
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चंदौसी। माध्यमिक शिक्षा परिषद ने नए शैक्षिक कैलेंडर में छात्रों की सेहत को प्राथमिकता दी है। माध्यमिक स्कूलों में जंक फूड पर रोक लगाने और बच्चों को पौष्टिक आहार के प्रति जागरूक करने के लिए कई अहम निर्देश जारी किए गए हैं। इसके तहत स्वास्थ्य परीक्षण से लेकर खानपान की आदतों में सुधार पर जोर दिया जाएगा।
माध्यमिक शिक्षा परिषद ने अपने नए एकेडमिक कैलेंडर में छात्रों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए कई जरूरी कदम उठाए हैं। नए एकेडमिक कैलेंडर में निर्देश दिए गए हैं कि स्कूलों में छात्र-छात्राओं का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए और उनका स्वास्थ्य कार्ड तैयार किया जाए। साथ ही, अभिभावकों को बच्चों की स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी दी जाए और उन्हें स्वच्छता, कुपोषण के दुष्प्रभाव और पौष्टिक आहार के प्रति जागरूक किया जाए।
इसके अलावा छात्रों में जंक फूड के बढ़ते चलन को रोकने के लिए स्कूलों में जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। छात्र-छात्राओं को वीडियो और विज्ञान क्लब जैसी गतिविधियों के माध्यम से जंक फूड के नुकसान और उसमें मौजूद हानिकारक रसायनों के बारे में बताया जाएगा। विद्यार्थियों को पैकेट बंद खाद्य पदार्थों पर लिखी सामग्री पढ़ना और सही-गलत की पहचान करना भी सिखाया जाएगा। स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि वे छात्रों को घर से पौष्टिक टिफिन लाने के लिए प्रेरित करें और विभिन्न स्वास्थ्यकर खाद्य पदार्थों की सूची भी उपलब्ध कराएं, ताकि बच्चों में अच्छी खानपान की आदत विकसित हो सके। डीआईओएस सर्वेश कुमार ने बताया कि यह एक अच्छी पहल है। इससे बच्चों में स्वस्थ खानपान की आदत विकसित होगी और जंक फूड की प्रवृत्ति पर रोक लगेगी।
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माध्यमिक शिक्षा परिषद ने अपने नए एकेडमिक कैलेंडर में छात्रों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए कई जरूरी कदम उठाए हैं। नए एकेडमिक कैलेंडर में निर्देश दिए गए हैं कि स्कूलों में छात्र-छात्राओं का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए और उनका स्वास्थ्य कार्ड तैयार किया जाए। साथ ही, अभिभावकों को बच्चों की स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी दी जाए और उन्हें स्वच्छता, कुपोषण के दुष्प्रभाव और पौष्टिक आहार के प्रति जागरूक किया जाए।
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इसके अलावा छात्रों में जंक फूड के बढ़ते चलन को रोकने के लिए स्कूलों में जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। छात्र-छात्राओं को वीडियो और विज्ञान क्लब जैसी गतिविधियों के माध्यम से जंक फूड के नुकसान और उसमें मौजूद हानिकारक रसायनों के बारे में बताया जाएगा। विद्यार्थियों को पैकेट बंद खाद्य पदार्थों पर लिखी सामग्री पढ़ना और सही-गलत की पहचान करना भी सिखाया जाएगा। स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि वे छात्रों को घर से पौष्टिक टिफिन लाने के लिए प्रेरित करें और विभिन्न स्वास्थ्यकर खाद्य पदार्थों की सूची भी उपलब्ध कराएं, ताकि बच्चों में अच्छी खानपान की आदत विकसित हो सके। डीआईओएस सर्वेश कुमार ने बताया कि यह एक अच्छी पहल है। इससे बच्चों में स्वस्थ खानपान की आदत विकसित होगी और जंक फूड की प्रवृत्ति पर रोक लगेगी।
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