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कैबिनेट मंत्री के दर्शन भी छोटे
संभ्ाल/अमर उजाला ब्यूराे
Updated Sun, 19 Feb 2017 01:24 AM IST
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313 प्रत्याशियों पर तीन साल के लिए लगा प्रतिबंध
- फोटो : File Photo
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दिग्गज अपने ही गढ़ के वोटरों को बूथ तक नहीं ला पाए। आंकड़े बताते हैं कि दिग्गजों के क्षेत्र से वोटर कम निकले।
मतदान से पहले लोगों के घर-घर जाकर प्रत्याशी और दिग्गज अपने पक्ष में मतदान करने का आह्वान तो लोगों से करते ही थे। साथ ही मतदान प्रतिशत बढ़ाने पर भी जोर देते थे। मतदान के दिन आम मतदाता तो दिग्गजों की बातों को सुनकर मतदान करने पहुंचा लेकिन कुछ दिग्गज अपने ही गढ़ों में मतदान प्रतिशत बढ़ाने में नाकाम साबित हुए।
कई प्रत्याशियों और सियासी दलों के बड़े नेताओं के इलाके वाले पोलिंग सेंटरों पर औसत से भी कम मतदान हुआ है। इनमें से कई मतदान केंद्र तो ऐसे हैं जहां 60 प्रतिशत से कम मतदान हुआ है। उनमें से भी इन्हें खुद या इनकी पार्टी को कितने वोट मिले हैं यह तो 11 मार्च को ही पता चलेगा लेकिन फिलहाल इतना साफ हो गया है कि वोटिंग प्रतिशत के मामले में यह दिग्गज फिसड्डी साबित हुए हैं।
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मतदान से पहले लोगों के घर-घर जाकर प्रत्याशी और दिग्गज अपने पक्ष में मतदान करने का आह्वान तो लोगों से करते ही थे। साथ ही मतदान प्रतिशत बढ़ाने पर भी जोर देते थे। मतदान के दिन आम मतदाता तो दिग्गजों की बातों को सुनकर मतदान करने पहुंचा लेकिन कुछ दिग्गज अपने ही गढ़ों में मतदान प्रतिशत बढ़ाने में नाकाम साबित हुए।
कई प्रत्याशियों और सियासी दलों के बड़े नेताओं के इलाके वाले पोलिंग सेंटरों पर औसत से भी कम मतदान हुआ है। इनमें से कई मतदान केंद्र तो ऐसे हैं जहां 60 प्रतिशत से कम मतदान हुआ है। उनमें से भी इन्हें खुद या इनकी पार्टी को कितने वोट मिले हैं यह तो 11 मार्च को ही पता चलेगा लेकिन फिलहाल इतना साफ हो गया है कि वोटिंग प्रतिशत के मामले में यह दिग्गज फिसड्डी साबित हुए हैं।
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