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सार्वजनिक संपत्ति को क्षति पहुंचाने के मामले में अब हर रोज होगी सुनवाई
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संभल। अपर जिलाधिकारी की अदालत अब सार्वजनिक संपत्ति को क्षति पहुंचाने के मामले में हर रोज सुनवाई करेगी ताकि यह प्रकरण जल्दी निस्तारित हो सके। संभल में अब तक 70 लोगों के नाम नोटिस जारी किए गए थे। अब तक 62 लोगों ने जवाब दाखिल कर दिए हैं। जवाब के बाद सुनवाई के लिए गुरुवार की तिथि लगी थी लेकिन अधिवक्ताओं के न्यायिक कार्य से विरत होने की वजह से सुनवाई नहीं हो सकी।
संभल में 19 व 20 दिसंबर को नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में प्रदर्शन हुए थे। प्रदर्शन हिंसक हो जाने की वजह से 2 लोगों की मौत हो गई थी। कई बसों में तोड़फोड़ की गई थी। रोडवेज की एक बस और दो बाइकें फूंक दी गईं थीं। संभल के साथ चंदौसी में भी प्रदर्शन हुए और तोड़फोड़ की गई थी। दोनों स्थानों से सार्वजनिक संपत्ति को हुई क्षति का आकलन पुलिस प्रशासन ने कराया है। यह क्षति 19 लाख रुपए से अधिक की है।
सार्वजनिक संपत्ति को क्षति पहुंचाने के मामले में 70 लोगों के खिलाफ संभल, नखासा और चंदौसी कोतवाली पुलिस की आख्या के आधार पर प्रशासन ने नोटिस जारी किए थे। उनकी सुनवाई गुरुवार को दोपहर अपर जिलाधिकारी की अदालत में होनी थी लेकिन अधिवक्ताओं के न्यायिक कार्य से विरत होने की वजह से सुनवाई नहीं हो सकी पर जिलाधिकारी कमलेश कुमार अवस्थी ने बताया कि इस प्रकरण को बहुत लंबा नहीं खींचा जाएगा। इसमें हर रोज सुनवाई की जाएगी। जो जवाब आ चुके हैं उनका परीक्षण किया जा रहा है क्योंकि कई जवाब ऐसे हैं जिनमें आरोपी ने अपने कथन के समर्थन में कोई साक्ष्य दाखिल नहीं किया है। अपर जिलाधिकारी का कहना है कि आरोपियों के जवाब और साक्ष्यों के परीक्षण के साथ सुनवाई की जाएगी। इसके बाद निष्कर्ष लिया जाएगा। निष्कर्ष के आधार पर ही वसूली होगी।
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संभल में 19 व 20 दिसंबर को नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में प्रदर्शन हुए थे। प्रदर्शन हिंसक हो जाने की वजह से 2 लोगों की मौत हो गई थी। कई बसों में तोड़फोड़ की गई थी। रोडवेज की एक बस और दो बाइकें फूंक दी गईं थीं। संभल के साथ चंदौसी में भी प्रदर्शन हुए और तोड़फोड़ की गई थी। दोनों स्थानों से सार्वजनिक संपत्ति को हुई क्षति का आकलन पुलिस प्रशासन ने कराया है। यह क्षति 19 लाख रुपए से अधिक की है।
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सार्वजनिक संपत्ति को क्षति पहुंचाने के मामले में 70 लोगों के खिलाफ संभल, नखासा और चंदौसी कोतवाली पुलिस की आख्या के आधार पर प्रशासन ने नोटिस जारी किए थे। उनकी सुनवाई गुरुवार को दोपहर अपर जिलाधिकारी की अदालत में होनी थी लेकिन अधिवक्ताओं के न्यायिक कार्य से विरत होने की वजह से सुनवाई नहीं हो सकी पर जिलाधिकारी कमलेश कुमार अवस्थी ने बताया कि इस प्रकरण को बहुत लंबा नहीं खींचा जाएगा। इसमें हर रोज सुनवाई की जाएगी। जो जवाब आ चुके हैं उनका परीक्षण किया जा रहा है क्योंकि कई जवाब ऐसे हैं जिनमें आरोपी ने अपने कथन के समर्थन में कोई साक्ष्य दाखिल नहीं किया है। अपर जिलाधिकारी का कहना है कि आरोपियों के जवाब और साक्ष्यों के परीक्षण के साथ सुनवाई की जाएगी। इसके बाद निष्कर्ष लिया जाएगा। निष्कर्ष के आधार पर ही वसूली होगी।
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