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बुखार से दो की मौत, चिकनगुनिया-डेंगू की दस्तक
ब्यूरो/अमर उजाला, संभल
Updated Fri, 16 Sep 2016 12:49 AM IST
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- फोटो : BBC
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वहीं सिरसी के एक युवक में चिगनगुनिया के लक्षण मिले हैं। जबकि खेड़ाखास की महिला को डेंगू की आशंका में मुरादाबाद में भर्ती कराया गया है। उधर नरौली क्षेत्र में एक महिला ने बुखार से दम तोड़ दिया।
हयातनगर थाना क्षेत्र के गांव बेनीपुर चक में एक माह से अधिक समय से बुखार का प्रकोप चल रहा है। सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ नहीं मिलने पर लोग प्राइवेट अस्पतालों में उपचार कराने के लिए मजबूर हैं। इस गांव के निवासी कुंवरपाल के चार वर्षीय बेटे अमित यादव को सात दिन पहले बुखार आ गया।
परिजनों ने अमित को पास के ही गांव सलापुर में झोलाझाप डॉक्टर से उपचार कराया। दो दिन तक तबीयत में सुधार न होने पर परिजन अमित को मुरादाबाद के एक निजी अस्पताल में ले गए। पांच दिन से मुरादाबाद में अमित का उपचार चल रहा था। गुरुवार की सुबह चार बचे अमित की मौत हो गई। अभी भी गांव में 100 लोगों से अधिक बुखार की चपेट में हैं। सरथलखेड़ा निवासी संग्रह अमीन अभिनय चौहान की मां ओमवती को मुरादाबाद के कासमास अस्पताल में डेंगू की आशंका में भर्ती कराया गया है।
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जबकि सिरसी के शर्की मोहल्ला निवासी रईसुल गुलरेज में चिकनगुनिया के लक्षण मिले हैं। मंगलवार को उसे बुखार आ रहा था। संभल के एक निजी चिकित्सक के उपचार से उसकी हालत सुधरी है। उधर, नरौली के मुहल्ला ठाकुरद्वारा निवासी अनारकली (45) पत्नी राधेश्याम को पिछले दस दिनों से बुखार आ रहा था। अनारकली ने गुरुवार की सुबह दम तोड़ दिया।
जिला अस्पताल में इलाज के लिए 15 मिनट तड़पते रहे घायल, हंगामा
संभल/सरायतरीन। कोतवाली के क्षेत्र में ऑटो और ट्रैक्टर की आमने-सामने की टक्कर हो गई। इसमें दो लोग घायल हो गए। घायलों को जिला अस्पताल लाया गया। जहां पर डाक्टरों के नहीं होने पर हंगामा खड़ा हो गया। मुरादाबाद निवासी नन्नू ईद पर सरायतरीन आए हुए थे। वह गुरुवार की शाम आठ बजे मुरादाबाद जाने के लिए आटो में बैठकर रोडवेज बस स्टैंड पर आ रहे थे। जैसे ही आटो मिशन इंटरनेशनल स्कूल के पास पहुंचा तो सामने से आ रहे ट्रैक्टर से टक्कर हो गई। आटो में सवार नन्नू व मोहम्मद उमर घायल हो गए। राहगीर घायलों को जिला अस्पताल लेकर आए। उस समय अस्पताल में डाक्टर मौजूद नहीं थे।
डिप्थीरिया से छात्रा का बोलना बंद, गंभीर
कुंदरकी/बिलारी (मुरादाबाद)। कुंदरकी क्षेत्र की एक आठ साल की छात्रा डिप्थीरिया की चपेट में आ गई, जिसके चलते पीड़ित छात्रा बोल नहीं पा रही है। वहीं बिलारी में भी डिप्थीरिया आशंकित बालिका मिलने पर चिकित्सकों ने जिला अस्पताल रेफर किया है। ब्लाक क्षेत्र के ग्राम कमालपुर फतेहाबाद निवासी मोहम्मद रिहान की आठ वर्षीय बेटी शहरीन गांव के ही प्राईवेट स्कूल में कक्षा तीन में पढ़ती है। शहरीन को पांच दिन पहले हल्का बुखार आया था। आराम न मिलने पर दिल्ली के कलावती अस्पताल के लिए रेफर कर दिया।
एंबुलेंस की चाभियां छीनकर किया चक्का जाम
संविदाकर्मियों के आंदोलन के चलते पहले से ही बदहाल चल रही स्वास्थ्य सेवाएं बृहस्पतिवार को बेपटरी हो गईं। आशा बहुओं ने एंबुलेंस की चाभियां छीनकर प्रदर्शन किया। इससे मरीजों को अस्पताल तक पहुंचने में दिक्कत का सामना करना पड़ा।
जिला अस्पताल समेत नौ संयुक्त चिकित्सालय एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहले से ही डाक्टरों की कमी से जूझ रहे हैं। इन्हें पूरा करने के लिए संविदा पर आयुष चिकित्सकों को रखा गया था। बीते कई दिनों से आयुष चिकित्सक और एनएचएम के संविदा स्टाफ के हड़ताल पर चले जाने के कारण जिलेभर की चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं।
डॉक्टरों की कमी होने के कारण प्रतिदिन दो सौ से लेकर पांच सौ मरीजों को दिक्कत हो रही है। 27 आयुष चिकित्सक व 1742 आशा बहुओं समेत कुल 2019 कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार कर दिया है। बहजोई में गुरुवार को आशा बहुओं ने 102 व 108 एंबुलेंसे की भी चाबियां छीनकर उनका चक्काजाम कर दिया। जिला संरक्षक डा.नीरज शर्मा ने बताया कि एंबुलेंस स्टाफ भी संविदा पर है, शीघ्र ही वह भी आंदोलन में पूरी तरह शामिल हो जाएगा। अभी कुछ स्थानों पर एंबुलेंस सेवाएं ठप की गई है। एंबुलेंस सेवाएं संचालित नहीं होने से जिले में हाहाकार मच गया है। मरीज फोन कर रहे हैं लेकिन एंबुलेंस नहीं पहुंचने से दिक्कते आ रहे हैं। बहजोई में सीएमओ कार्यालय पर हड़ताली संविदा कर्मियों का बेमियादी धरना आज भी जारी रहा।
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हयातनगर थाना क्षेत्र के गांव बेनीपुर चक में एक माह से अधिक समय से बुखार का प्रकोप चल रहा है। सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ नहीं मिलने पर लोग प्राइवेट अस्पतालों में उपचार कराने के लिए मजबूर हैं। इस गांव के निवासी कुंवरपाल के चार वर्षीय बेटे अमित यादव को सात दिन पहले बुखार आ गया।
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परिजनों ने अमित को पास के ही गांव सलापुर में झोलाझाप डॉक्टर से उपचार कराया। दो दिन तक तबीयत में सुधार न होने पर परिजन अमित को मुरादाबाद के एक निजी अस्पताल में ले गए। पांच दिन से मुरादाबाद में अमित का उपचार चल रहा था। गुरुवार की सुबह चार बचे अमित की मौत हो गई। अभी भी गांव में 100 लोगों से अधिक बुखार की चपेट में हैं। सरथलखेड़ा निवासी संग्रह अमीन अभिनय चौहान की मां ओमवती को मुरादाबाद के कासमास अस्पताल में डेंगू की आशंका में भर्ती कराया गया है।
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जबकि सिरसी के शर्की मोहल्ला निवासी रईसुल गुलरेज में चिकनगुनिया के लक्षण मिले हैं। मंगलवार को उसे बुखार आ रहा था। संभल के एक निजी चिकित्सक के उपचार से उसकी हालत सुधरी है। उधर, नरौली के मुहल्ला ठाकुरद्वारा निवासी अनारकली (45) पत्नी राधेश्याम को पिछले दस दिनों से बुखार आ रहा था। अनारकली ने गुरुवार की सुबह दम तोड़ दिया।
जिला अस्पताल में इलाज के लिए 15 मिनट तड़पते रहे घायल, हंगामा
संभल/सरायतरीन। कोतवाली के क्षेत्र में ऑटो और ट्रैक्टर की आमने-सामने की टक्कर हो गई। इसमें दो लोग घायल हो गए। घायलों को जिला अस्पताल लाया गया। जहां पर डाक्टरों के नहीं होने पर हंगामा खड़ा हो गया। मुरादाबाद निवासी नन्नू ईद पर सरायतरीन आए हुए थे। वह गुरुवार की शाम आठ बजे मुरादाबाद जाने के लिए आटो में बैठकर रोडवेज बस स्टैंड पर आ रहे थे। जैसे ही आटो मिशन इंटरनेशनल स्कूल के पास पहुंचा तो सामने से आ रहे ट्रैक्टर से टक्कर हो गई। आटो में सवार नन्नू व मोहम्मद उमर घायल हो गए। राहगीर घायलों को जिला अस्पताल लेकर आए। उस समय अस्पताल में डाक्टर मौजूद नहीं थे।
डिप्थीरिया से छात्रा का बोलना बंद, गंभीर
कुंदरकी/बिलारी (मुरादाबाद)। कुंदरकी क्षेत्र की एक आठ साल की छात्रा डिप्थीरिया की चपेट में आ गई, जिसके चलते पीड़ित छात्रा बोल नहीं पा रही है। वहीं बिलारी में भी डिप्थीरिया आशंकित बालिका मिलने पर चिकित्सकों ने जिला अस्पताल रेफर किया है। ब्लाक क्षेत्र के ग्राम कमालपुर फतेहाबाद निवासी मोहम्मद रिहान की आठ वर्षीय बेटी शहरीन गांव के ही प्राईवेट स्कूल में कक्षा तीन में पढ़ती है। शहरीन को पांच दिन पहले हल्का बुखार आया था। आराम न मिलने पर दिल्ली के कलावती अस्पताल के लिए रेफर कर दिया।
एंबुलेंस की चाभियां छीनकर किया चक्का जाम
संविदाकर्मियों के आंदोलन के चलते पहले से ही बदहाल चल रही स्वास्थ्य सेवाएं बृहस्पतिवार को बेपटरी हो गईं। आशा बहुओं ने एंबुलेंस की चाभियां छीनकर प्रदर्शन किया। इससे मरीजों को अस्पताल तक पहुंचने में दिक्कत का सामना करना पड़ा।
जिला अस्पताल समेत नौ संयुक्त चिकित्सालय एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहले से ही डाक्टरों की कमी से जूझ रहे हैं। इन्हें पूरा करने के लिए संविदा पर आयुष चिकित्सकों को रखा गया था। बीते कई दिनों से आयुष चिकित्सक और एनएचएम के संविदा स्टाफ के हड़ताल पर चले जाने के कारण जिलेभर की चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं।
डॉक्टरों की कमी होने के कारण प्रतिदिन दो सौ से लेकर पांच सौ मरीजों को दिक्कत हो रही है। 27 आयुष चिकित्सक व 1742 आशा बहुओं समेत कुल 2019 कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार कर दिया है। बहजोई में गुरुवार को आशा बहुओं ने 102 व 108 एंबुलेंसे की भी चाबियां छीनकर उनका चक्काजाम कर दिया। जिला संरक्षक डा.नीरज शर्मा ने बताया कि एंबुलेंस स्टाफ भी संविदा पर है, शीघ्र ही वह भी आंदोलन में पूरी तरह शामिल हो जाएगा। अभी कुछ स्थानों पर एंबुलेंस सेवाएं ठप की गई है। एंबुलेंस सेवाएं संचालित नहीं होने से जिले में हाहाकार मच गया है। मरीज फोन कर रहे हैं लेकिन एंबुलेंस नहीं पहुंचने से दिक्कते आ रहे हैं। बहजोई में सीएमओ कार्यालय पर हड़ताली संविदा कर्मियों का बेमियादी धरना आज भी जारी रहा।