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घर-दफ्तरों में भरा बारिश का पानी, चोक हुए नाले
ब्यूरो/अमर उजाला, संभल
Updated Thu, 01 Sep 2016 12:52 AM IST
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बारिश
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संभल में बुधवार को सुबह साढ़े नौ बजे से बारिश शुरू हुई। बारिश तेज होने के कारण कुछ देर में ही निचले इलाकों में पानी भर गया। बारिश के चलते लोग समय से समय से दफ्तर नहीं पहुंच सके। शहजादी सराय के सरकारी स्कूल में परिसर में पानी भरा।
बच्चों को जान जोखिम में डालकर निकलना पड़ा। सरकारी अस्पताल के परिसर में बारिश के चलते पानी घुस गया। मरीजों को आने जाने में असुविधा हुई। मुंसिफी परिसर में दोपहर बाद तक पानी भरा रहा। अधिवक्ता परेशान नजर आए। शंकर इंटर कालेज के परिसर में पानी घुस गया। परिसर जलमग्न था। छात्र छात्राओं को दिक्कत आई। मंडी किशनदास सराय, मोहल्ला कोट, अस्पताल रोड, पुराना टेलीफोन एक्सचेंज रोड में बारिश से हालात और खराब हुए हैं।
जलभराव से जनजीवन प्रभावित हुआ।
चंदौसी में सुबह से ही तेज बारिश से नगर में बदहाली कि फिर से एक बार पुरानी समस्या की नई तस्वीर देखने मिली। हर तरफ जल भराव से लोग अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए मशक्कत करते नजर आए।
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मुख्य मार्गों पर जलभराव से सड़क किनारे दुकानदारों की बिक्री ठप हो गई। जल भराव के बाद दिन भर सड़कों पर गंदगी पसरी नजर आई। राहगीरों को घंटों मशक्कत करनी पड़ी। स्टेशन रोड, रामस्वरूप रोड, संभल गेट, शक्तिनगर, विकास नगर, पंचशील, फव्वारा चौक, शहीद भगत सिंह पार्क आदि स्थानों पर दो से तीन फिट जल भराव नजर आया। स्टेशन रोड पर पानी भरने से उप जिलाधिकारी आवास, संयुक्त चिकित्सालय, कोतवाली,आयकर विभाग में पानी घुस गया। रोडवेज परिसर में भी बारिश के बाद बदहाल तस्वीर नजर आई। लेकिन हर बार बारिश पालिका की तैयारियों को सैलाब में बहा ले जाती है।
बारिश ने बढ़ाई मेला दुकानदारों की मुश्किलें, मेला ग्राउंड जलमग्न
चंदौसी। बारिश ने मेला परिसर में बाहर से आए दुकानदारों की समस्या बढ़ा दी हैं। बुधवार को सुबह से हुई तेज बारिश ने तैयारियों में बाधा उत्पन्न कर दी। मेला ग्राउंड में जलभराव के बाद दुकानदारों के सामने संकट गहरा गया। झमाझम बारिश हुई तो मेला ग्राउंड भी जलभराव के बाद तालाब जैसी शक्ल में नजर आया। मेले में दुकानों को लगाने और झूले, खेल, तमाशों की तैयारियों पर भी बारिश ने ब्रेक लगा दिया।
हर तरफ जलभराव से दुकानदार परेशान नजर आए। दुकानदार मेले के दौरान बारिश नहीं होने की दुआ और प्रार्थना करते नजर आए। दिनभर जलभराव से दुकानदारों को खासी मशक्कत का करना पड़ा। मेला ग्राउंड में काम कर रहे श्रमिकों को खाना बनाने और बारिश से बचने के लिए मशक्कत करनी पड़ी।
जनेटा में बारिश से तीन कच्चे मकान ढहे
चंदौसी। थाना बनियाठेर के गांव जनेटा में बारिश के दौरान तीन कच्चे मकान के कमरे ढह गए। गनीमत यह रही कि कोई जन हानि नहीं हुई। बुधवार की सुबह लगातार बारिश होने से आम जीवन अस्त व्यस्त रहा। ग्राम जनेटा में सुबह साढ़े नौ बजे से 10 बजे तक तीन कच्चे मकान के कमरे ढह गए। सुबह साढ़े नौ बजे उर्स दरबार के निकट बने हिमात पुत्र सलाम का एक कमरा, अंदर गांव में रह रहे यालीन पुत्र रशीद व यासीन पुत्र रशीद के कच्ची बैठक ढह गई। सुबह का समय होने के कारण सभी घरो से बाहर थे। इसी लिए तीनों परिवार के लोग सुरक्षित रहे।
बारिश से बकरों की खरीदारी प्रभावित
संभल/ओबरी। जिले से ईदुल अजहा से पहले उत्तर प्रदेश के अलावा कई अन्य राज्यों में कुर्बानी के लिए बकरों की मांग रहती है। इस बार बाढ़ के चलते बकरों की खरीदारी तेजी नहीं पकड़ सकी है। जिले के व्यापारी गांवों व शहरों की साप्ताहिक पैठ बाजारों में जाकर दुम्बो, बकरों की खरीद फरोखत करते हैं। इन दुम्बों आरै बकरों को गुजरात, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, कश्मीर, उत्तराखंड के बाजारों में आपूर्ति की जाती है।
इस बार बाढ़ के कारण गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और पूर्वांचल के कई जिलों में हालात अच्छे नहीं थे। इसलिए स्थानीय व्यापारियों ने बकरों की खरीद फरोख्त कम से कम की है। इसी कारण बकरों की मांग में गिरावट आई। ईदुल अजहा पर उंचे दामों पर बिकने वाले बकरे, दुम्बों के रेट अबकी बार कम हैं। पर्याप्त खरीददार भी नहीं मिल पा रहे हैं। पिछले वर्ष के मुकाबले दाम में बीस प्रतिशत तक की गिरावट है। व्यापारी शाने अली और शाहिद हुसैन ने बताया कि प्रत्येक वर्ष ईदुल अजहा से एक माह पहले बकरों और दुम्बों की खरीद फरोखत करता था। लेकिन, इस बार बाढ़ के खतरे को देखते हुए मैंने खरीददारी नहीं की है।
27625 क्यूसेक रहा गंगा का जलस्तर
गुन्नौर। पहाड़ों पर हो रही लगातार बारिश से गंगा के जलस्तर में उतार-चढ़ाव होने लगा है। हालांकि, बीते महीने की अपेक्षा जलस्तर अभी कम ही है। नरौरा में 30 अगस्त को जलस्तर 30587 क्यूसेक और 31 अगस्त को 27625 क्यूसेक रहा।
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बच्चों को जान जोखिम में डालकर निकलना पड़ा। सरकारी अस्पताल के परिसर में बारिश के चलते पानी घुस गया। मरीजों को आने जाने में असुविधा हुई। मुंसिफी परिसर में दोपहर बाद तक पानी भरा रहा। अधिवक्ता परेशान नजर आए। शंकर इंटर कालेज के परिसर में पानी घुस गया। परिसर जलमग्न था। छात्र छात्राओं को दिक्कत आई। मंडी किशनदास सराय, मोहल्ला कोट, अस्पताल रोड, पुराना टेलीफोन एक्सचेंज रोड में बारिश से हालात और खराब हुए हैं।
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जलभराव से जनजीवन प्रभावित हुआ।
चंदौसी में सुबह से ही तेज बारिश से नगर में बदहाली कि फिर से एक बार पुरानी समस्या की नई तस्वीर देखने मिली। हर तरफ जल भराव से लोग अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए मशक्कत करते नजर आए।
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मुख्य मार्गों पर जलभराव से सड़क किनारे दुकानदारों की बिक्री ठप हो गई। जल भराव के बाद दिन भर सड़कों पर गंदगी पसरी नजर आई। राहगीरों को घंटों मशक्कत करनी पड़ी। स्टेशन रोड, रामस्वरूप रोड, संभल गेट, शक्तिनगर, विकास नगर, पंचशील, फव्वारा चौक, शहीद भगत सिंह पार्क आदि स्थानों पर दो से तीन फिट जल भराव नजर आया। स्टेशन रोड पर पानी भरने से उप जिलाधिकारी आवास, संयुक्त चिकित्सालय, कोतवाली,आयकर विभाग में पानी घुस गया। रोडवेज परिसर में भी बारिश के बाद बदहाल तस्वीर नजर आई। लेकिन हर बार बारिश पालिका की तैयारियों को सैलाब में बहा ले जाती है।
बारिश ने बढ़ाई मेला दुकानदारों की मुश्किलें, मेला ग्राउंड जलमग्न
चंदौसी। बारिश ने मेला परिसर में बाहर से आए दुकानदारों की समस्या बढ़ा दी हैं। बुधवार को सुबह से हुई तेज बारिश ने तैयारियों में बाधा उत्पन्न कर दी। मेला ग्राउंड में जलभराव के बाद दुकानदारों के सामने संकट गहरा गया। झमाझम बारिश हुई तो मेला ग्राउंड भी जलभराव के बाद तालाब जैसी शक्ल में नजर आया। मेले में दुकानों को लगाने और झूले, खेल, तमाशों की तैयारियों पर भी बारिश ने ब्रेक लगा दिया।
हर तरफ जलभराव से दुकानदार परेशान नजर आए। दुकानदार मेले के दौरान बारिश नहीं होने की दुआ और प्रार्थना करते नजर आए। दिनभर जलभराव से दुकानदारों को खासी मशक्कत का करना पड़ा। मेला ग्राउंड में काम कर रहे श्रमिकों को खाना बनाने और बारिश से बचने के लिए मशक्कत करनी पड़ी।
जनेटा में बारिश से तीन कच्चे मकान ढहे
चंदौसी। थाना बनियाठेर के गांव जनेटा में बारिश के दौरान तीन कच्चे मकान के कमरे ढह गए। गनीमत यह रही कि कोई जन हानि नहीं हुई। बुधवार की सुबह लगातार बारिश होने से आम जीवन अस्त व्यस्त रहा। ग्राम जनेटा में सुबह साढ़े नौ बजे से 10 बजे तक तीन कच्चे मकान के कमरे ढह गए। सुबह साढ़े नौ बजे उर्स दरबार के निकट बने हिमात पुत्र सलाम का एक कमरा, अंदर गांव में रह रहे यालीन पुत्र रशीद व यासीन पुत्र रशीद के कच्ची बैठक ढह गई। सुबह का समय होने के कारण सभी घरो से बाहर थे। इसी लिए तीनों परिवार के लोग सुरक्षित रहे।
बारिश से बकरों की खरीदारी प्रभावित
संभल/ओबरी। जिले से ईदुल अजहा से पहले उत्तर प्रदेश के अलावा कई अन्य राज्यों में कुर्बानी के लिए बकरों की मांग रहती है। इस बार बाढ़ के चलते बकरों की खरीदारी तेजी नहीं पकड़ सकी है। जिले के व्यापारी गांवों व शहरों की साप्ताहिक पैठ बाजारों में जाकर दुम्बो, बकरों की खरीद फरोखत करते हैं। इन दुम्बों आरै बकरों को गुजरात, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, कश्मीर, उत्तराखंड के बाजारों में आपूर्ति की जाती है।
इस बार बाढ़ के कारण गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और पूर्वांचल के कई जिलों में हालात अच्छे नहीं थे। इसलिए स्थानीय व्यापारियों ने बकरों की खरीद फरोख्त कम से कम की है। इसी कारण बकरों की मांग में गिरावट आई। ईदुल अजहा पर उंचे दामों पर बिकने वाले बकरे, दुम्बों के रेट अबकी बार कम हैं। पर्याप्त खरीददार भी नहीं मिल पा रहे हैं। पिछले वर्ष के मुकाबले दाम में बीस प्रतिशत तक की गिरावट है। व्यापारी शाने अली और शाहिद हुसैन ने बताया कि प्रत्येक वर्ष ईदुल अजहा से एक माह पहले बकरों और दुम्बों की खरीद फरोखत करता था। लेकिन, इस बार बाढ़ के खतरे को देखते हुए मैंने खरीददारी नहीं की है।
27625 क्यूसेक रहा गंगा का जलस्तर
गुन्नौर। पहाड़ों पर हो रही लगातार बारिश से गंगा के जलस्तर में उतार-चढ़ाव होने लगा है। हालांकि, बीते महीने की अपेक्षा जलस्तर अभी कम ही है। नरौरा में 30 अगस्त को जलस्तर 30587 क्यूसेक और 31 अगस्त को 27625 क्यूसेक रहा।