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Sambhal News: बहजोई में नहर की नौर माइनर के टेंडर पर लगी रोक
Thu, 21 Mar 2024 01:18 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Thu, 21 Mar 2024 01:18 AM IST
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चंदौसी (संभल)। बिजनौर गंगा बैराज से सिंचाई के लिए निकाली गई मध्य गंगा नहर की बहजोई शाखा का निर्माण कार्य पूरा हो गया है। विभाग टेस्टिंग के साथ जून माह में आगामी खरीफ फसल में सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने के दावे कर रहा था। पर मार्च माह में बहजोई नहर शाखा की नौ माइनर यानी अल्पिका के कार्य पर आचार संहिता के चलते रोक लग गई है। अन्य अल्पिकाओं पर निर्माण कार्य चल रहा है। ऐसे में आगामी जून माह तक अल्पिकाओं का निर्माण कार्य पूरा होना मुश्किल है।
मध्य गंगा नहर परियोजना द्वितीय चरण से अमरोहा, संभल, मुरादाबाद के जनपद के किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जाना है। बहजोई शाखा की लंबाई 58 किलोमीटर है। मुख्य नहर का निर्माण कार्य पूरा हो गया है और जनवरी माह में टेस्टिंग भी हो गई है। रजवाहों का काम लगभग 90 फीसदी पूरा हो गया है। किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए अल्पिका यानी माइनर बनाए जा रहे हैं। बहजोई नहर शाखा से जुड़े गांव नौ अल्पिकाओं के निर्माण के लिए मध्य गंगा नहर निर्माण खंड- नौ की ओर से टेंडर जारी किए गए थे। पर इस दौरान आचार संहिता लग जाने के कारण टेंडर बीच में रह गए हैं। अब विभाग की ओर से चुनाव आचार संहिता खत्म होने के बाद निर्माण के लिए दोबारा से टेंडर जारी कर काम कराया जाएगा। इसके चलते संभल जनपद के आधे से अधिक किसानों को आगामी खरीफ की फसल में सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल पाएगा।
इन माइनरों पर चल रहा है निर्माण कार्य
- फतेहपुर माइनर के 1.4 किलोमीटर से 3.06 किलोमीटर तक,
- मुबारकपुर माइनर 2.906 किलोमीटर पर वीआरसी का निर्माण
- कैली रजवाहा के 0.300 किलोमीटर पर वीआरसी का निर्माण,
- कैली रजवाहा के 8.350 किलोमीटर पर डीआरबी सह कैनाल साइफन के निर्माण के लिए डायवर्जन का निर्माण
- कैली रजवाहा के 5.240 किलोमीटर पर वीआरबी के पहुंच मार्ग का निर्माण
- थरैसा माइनर के 0.504 किलोमीटर से 1.356 किलोमीटर तक नहर निर्माण,
- थरैसा माइनर के 3.856 किलोमीटर से 4.556 किलोमीटर तक नहर निर्माण
-थरैसा माइनर के 4.564 किलोमीटर से 5.200 किलोमीटर तक नहर निर्माण
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बहजोई शाखा से जनपद से करीब 700 गांवों को मिलेगा सिंचाई का पानी:
बहजोई नहर शाखा की नहर विभाग इसकी टेस्टिंग भी चुका है। आगामी खरीफ के सीजन में बहजोई शाखा में पानी छोड़ा भी जाएगा। बहजोई नहर शाखा और चंदौसी नहर शाखा से जिले के करीब 729 गांवों की करीब 63417 हेक्टेअर भूमि को नहर से सिंचाई का पानी मिल सकेगा। पर आगामी खरीफ के सीजन में इस बार आधे गांवों को ही सिंचाई का पानी मिलने की उम्मीद है।
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शाखाएं संचालित होने पर बनेगी गूल:
चंदौसी। बहजोई, चंदौसी नहर शाखा के संचालित हो जाने के बाद सभी किसानों को नहर का पानी उपलब्ध कराने के लिए गूल बनाई जाएगी। इस गूल को बनाने की जिम्मेदारी अन्य संस्था को दी जाएगी।
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ब्लॉक सिंचित क्षेत्र गांव
संभल 19338 361
बनियाखेड़ा 7947 61
पवांसा 19579 138
असमोली 15724 115
बहजोई 8299 54
कुल 63417 729
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नोट: सिंचित क्षेत्र हेक्टेअर में है।
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बहजोई नहर शाखा का निर्माण व टेस्टिंग का काम पूरा हो गया है। इसमें अल्पिका यानी माइनर बनाए जा रहे है। कुछ माइनरों पर अधूरे काम के लिए टेंडर जारी किए गए थे। पर आचार संहिता के कारण टेंडर पूरे नहीं हो पाए हैं। जो टेंडर पहले हो गए थे, उनका काम जारी रहेगा। शेष काम के टेंडर चुनाव आचार संहिता के बाद दोबारा से जारी किए जाएंगे।
राजीव कुमार, एक्सईएन, मध्य गंगा नहर खंड-नौ।
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मध्य गंगा नहर परियोजना द्वितीय चरण से अमरोहा, संभल, मुरादाबाद के जनपद के किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जाना है। बहजोई शाखा की लंबाई 58 किलोमीटर है। मुख्य नहर का निर्माण कार्य पूरा हो गया है और जनवरी माह में टेस्टिंग भी हो गई है। रजवाहों का काम लगभग 90 फीसदी पूरा हो गया है। किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए अल्पिका यानी माइनर बनाए जा रहे हैं। बहजोई नहर शाखा से जुड़े गांव नौ अल्पिकाओं के निर्माण के लिए मध्य गंगा नहर निर्माण खंड- नौ की ओर से टेंडर जारी किए गए थे। पर इस दौरान आचार संहिता लग जाने के कारण टेंडर बीच में रह गए हैं। अब विभाग की ओर से चुनाव आचार संहिता खत्म होने के बाद निर्माण के लिए दोबारा से टेंडर जारी कर काम कराया जाएगा। इसके चलते संभल जनपद के आधे से अधिक किसानों को आगामी खरीफ की फसल में सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल पाएगा।
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इन माइनरों पर चल रहा है निर्माण कार्य
- फतेहपुर माइनर के 1.4 किलोमीटर से 3.06 किलोमीटर तक,
- मुबारकपुर माइनर 2.906 किलोमीटर पर वीआरसी का निर्माण
- कैली रजवाहा के 0.300 किलोमीटर पर वीआरसी का निर्माण,
- कैली रजवाहा के 8.350 किलोमीटर पर डीआरबी सह कैनाल साइफन के निर्माण के लिए डायवर्जन का निर्माण
- कैली रजवाहा के 5.240 किलोमीटर पर वीआरबी के पहुंच मार्ग का निर्माण
- थरैसा माइनर के 0.504 किलोमीटर से 1.356 किलोमीटर तक नहर निर्माण,
- थरैसा माइनर के 3.856 किलोमीटर से 4.556 किलोमीटर तक नहर निर्माण
-थरैसा माइनर के 4.564 किलोमीटर से 5.200 किलोमीटर तक नहर निर्माण
बहजोई शाखा से जनपद से करीब 700 गांवों को मिलेगा सिंचाई का पानी:
बहजोई नहर शाखा की नहर विभाग इसकी टेस्टिंग भी चुका है। आगामी खरीफ के सीजन में बहजोई शाखा में पानी छोड़ा भी जाएगा। बहजोई नहर शाखा और चंदौसी नहर शाखा से जिले के करीब 729 गांवों की करीब 63417 हेक्टेअर भूमि को नहर से सिंचाई का पानी मिल सकेगा। पर आगामी खरीफ के सीजन में इस बार आधे गांवों को ही सिंचाई का पानी मिलने की उम्मीद है।
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शाखाएं संचालित होने पर बनेगी गूल:
चंदौसी। बहजोई, चंदौसी नहर शाखा के संचालित हो जाने के बाद सभी किसानों को नहर का पानी उपलब्ध कराने के लिए गूल बनाई जाएगी। इस गूल को बनाने की जिम्मेदारी अन्य संस्था को दी जाएगी।
ब्लॉक सिंचित क्षेत्र गांव
संभल 19338 361
बनियाखेड़ा 7947 61
पवांसा 19579 138
असमोली 15724 115
बहजोई 8299 54
कुल 63417 729
नोट: सिंचित क्षेत्र हेक्टेअर में है।
बहजोई नहर शाखा का निर्माण व टेस्टिंग का काम पूरा हो गया है। इसमें अल्पिका यानी माइनर बनाए जा रहे है। कुछ माइनरों पर अधूरे काम के लिए टेंडर जारी किए गए थे। पर आचार संहिता के कारण टेंडर पूरे नहीं हो पाए हैं। जो टेंडर पहले हो गए थे, उनका काम जारी रहेगा। शेष काम के टेंडर चुनाव आचार संहिता के बाद दोबारा से जारी किए जाएंगे।
राजीव कुमार, एक्सईएन, मध्य गंगा नहर खंड-नौ।