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चमौली में ग्लेशियर टूटने से संभल में गंगा किनारे के नौ गांवों में अलर्ट
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चंदौसी/जुनावई। उत्तराखंड के चमोली जिले में आई आपदा से गंगा किनारे के क्षेत्र में बाढ़ का खतरा बना हुआ है। किसी भी समय पानी आने के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन जुनावई क्षेत्र में गंगा किनारे से 500 मीटर की के दायरे में आने वाले दो गांवों की करीब 1200 की आबादी को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाएगा। इस कार्य में एसडीएम गुन्नौर, दो सीओ, पांच थानों के प्रभारी पुलिस फोर्स के साथ लगाए गए हैं। छह बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है। साथ ही पांच आश्रय स्थल बनाए गए हैं।
आपदा से गंगा में बाढ़ का खतरा बना हुआ है। कभी भी गंगा में अधिक पानी आ सकता है। नरौरा बैराज पर 1.40 क्यूसेक पानी आते ही क्षेत्र में बाढ़ आ आएगी। जिला अधिकारी की ओर से पिछले सालों में जिन सात गांवों में बाढ़ का खतरा रहा है वहां अलर्ट घोषित कर दिया गया है। गुन्नौर के एसडीएम प्रेमचंद ने गांवों में लेखपाल के माध्यम से मुनादी करा दी है तथा लोगों को जरूरी सामान एकत्र कर सुरक्षित स्थान की ओर जोर जाने की सलाह दी है। बाढ़ के खतरे को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने गंगा किनारे से 500 मीटर के दायरे की आबादी को हटाने का निर्णय लिया है। जुनावई क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित नौ गांव में हैं, इनमें 500 मीटर के दायरे में गांव रघुपुर पुख्ता और बझांगी आ रहे हैं। इन दोनों गांव की आबादी करीब 1200 है।
एसपी चक्रेश मिश्रा ने बताया कि सुरक्षा के लिहाज से रात के समय इन गांवों को खाली कराने का निर्णय लिया है। एसडीएम गुन्नौर प्रेमचंद्र के साथ राजस्व टीम रहेगी। इसके अलावा सीओ चंदौसी अशोक कुमार, सीओ गुन्नौर केके सरोज, ट्रेनीज पीपीएस अधिकारी कमलेश कुमार, कोतवाली चंदौसी प्रभारी देवेंद्र कुमार शर्मा, असमोली थाना प्रभारी, बनियाठेर थाना प्रभारी, गुन्नौर कोतवाली प्रभारी, थाना रजपुरा प्रभारी अपने पुलिस स्टाफ के साथ रहेंगे। साथ ही लोगों से जरूरी सामान लेकर सुरक्षित स्थान पर जाने की सलाह दी जाएगी।
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छह बाढ़ चौकी सक्रिय, टीम व बचाव दल तैनात
गंगा में जलस्तर बढ़ने की संभावना दो देखते हुए प्रशासन ने जुनावई क्षेत्र में पहले से बनी बाढ़ चौकियों खिरकबारी टप्पा बैस, काशीपुर, चाऊपुर डांडा, मिठनपुर, रसूलपुर, शाहजहानाबाद को सक्रिय कर दिया है। बाढ़ चौकियों पर टीम तैनात कर दी गई। साथ ही एसडीआरएफ को तैनात कर दिया गया है।
प्रभावित लोगों को इन आश्रय स्थलों में रखा जाएगा
गंगा में जलस्तर बढ़ने की स्थिति में प्रभावित लोगों के लिए पांच आश्रय स्थल बनाए गए हैं। इनमें जनता इंटर कॉलेज जुनावई, राजकीय महाविद्यालय जुुनावई, युग निर्माण विद्यापीठी इंटर कॉलेज मडकावली, प्राथमिक विद्यालय मिठनपुर, जूनियर हाईस्कूल खिरकवारी शामिल हैं।
जनपद के इन गांवों में आती है बाढ़
संभल जनपद के जुनावई क्षेत्र के गंगा खादर के गांव बाढ़ प्रभावित हैं। गंगा में जलस्तर बढ़ने पर तटबंध के अंदर स्थित गांव रघुपुर पुख्ता, सालिंग की मड़ैया, नरूपुरा, उदिया नगला, भावरू की मड़ैया, बझांगी, तोतापुर, मेंगरा, साधुमणि गांव में बाढ़ की संभावना रहती है। सबसे गांव रघुपुर पुख्ता में बाढ़ का पानी आता है।
जुनावई चौकी में इंस्पेक्टर ने ग्रामीणों की मीटिंग ली
जुुनावई। क्षेत्र में बाढ़ की आशंका को लेकर गुन्नौर प्रभारी निरीक्षक संजीव कुमार ने बाढ़ क्षेत्र के गांव ताहरपुर, रघुपुर पुख्ता व अन्य गांव के प्रमुख लोगों की जुनावई चौकी में मीटिंग ली। उन्हें बताया कि ग्लेशियर टूटने के चलते गंगा में पानी का स्तर सामान्य से अधिक बढ़ने का खतरा है। ऐसे में तटबंध के अंदर वाले ग्रामीण गंगा की ओर जंगल में न जाएं। सावधानी बरतें। किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें। साथ ही बबराला राजघाट पर पहुंचकर लोगों को गंगातट से दूर रहने की हिदायत दी गई। बताया कि तट पर बनी दुकानों को हटाने के निर्देश दिए हैं।
गंगा का जलस्तर किसी भी समय बढ़ सकता है। बचाव व सुरक्षा के लिहाज से रात के समय गंगा किनारे के 500 मीटर क्षेत्र में स्थित आबादी में रहने वाले लोगों को सुरक्षित दूसरे स्थान पर भेजा जाएगा। इसके लिए प्रशासन के साथ साथ पुलिस फोर्स लगाई गई है। यह लोगों को सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील करेंगी और आश्रय स्थल भिजवाएगी।
चक्रेश मिश्रा, एसपी संभल।
ग्लेशियर टूटने पर गंगा में जलस्तर बढ़ने की आशंका है। जिले में गंगा किनारे क्षेत्र में अलर्ट घोषित किया गया है। बचाव सुरक्षा के लिहाज से बचाव दल तैनात कर दिए हैं। बाढ़ चौकी सक्रिय कर दी गई है। लोगों से अपील है कि अफवाहों पर ध्यान न दें। गंगा किनारे के लोग सावधानी बरतें।
अविनाश कृष्ण सिंह, डीएम संभल
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आपदा से गंगा में बाढ़ का खतरा बना हुआ है। कभी भी गंगा में अधिक पानी आ सकता है। नरौरा बैराज पर 1.40 क्यूसेक पानी आते ही क्षेत्र में बाढ़ आ आएगी। जिला अधिकारी की ओर से पिछले सालों में जिन सात गांवों में बाढ़ का खतरा रहा है वहां अलर्ट घोषित कर दिया गया है। गुन्नौर के एसडीएम प्रेमचंद ने गांवों में लेखपाल के माध्यम से मुनादी करा दी है तथा लोगों को जरूरी सामान एकत्र कर सुरक्षित स्थान की ओर जोर जाने की सलाह दी है। बाढ़ के खतरे को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने गंगा किनारे से 500 मीटर के दायरे की आबादी को हटाने का निर्णय लिया है। जुनावई क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित नौ गांव में हैं, इनमें 500 मीटर के दायरे में गांव रघुपुर पुख्ता और बझांगी आ रहे हैं। इन दोनों गांव की आबादी करीब 1200 है।
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एसपी चक्रेश मिश्रा ने बताया कि सुरक्षा के लिहाज से रात के समय इन गांवों को खाली कराने का निर्णय लिया है। एसडीएम गुन्नौर प्रेमचंद्र के साथ राजस्व टीम रहेगी। इसके अलावा सीओ चंदौसी अशोक कुमार, सीओ गुन्नौर केके सरोज, ट्रेनीज पीपीएस अधिकारी कमलेश कुमार, कोतवाली चंदौसी प्रभारी देवेंद्र कुमार शर्मा, असमोली थाना प्रभारी, बनियाठेर थाना प्रभारी, गुन्नौर कोतवाली प्रभारी, थाना रजपुरा प्रभारी अपने पुलिस स्टाफ के साथ रहेंगे। साथ ही लोगों से जरूरी सामान लेकर सुरक्षित स्थान पर जाने की सलाह दी जाएगी।
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छह बाढ़ चौकी सक्रिय, टीम व बचाव दल तैनात
गंगा में जलस्तर बढ़ने की संभावना दो देखते हुए प्रशासन ने जुनावई क्षेत्र में पहले से बनी बाढ़ चौकियों खिरकबारी टप्पा बैस, काशीपुर, चाऊपुर डांडा, मिठनपुर, रसूलपुर, शाहजहानाबाद को सक्रिय कर दिया है। बाढ़ चौकियों पर टीम तैनात कर दी गई। साथ ही एसडीआरएफ को तैनात कर दिया गया है।
प्रभावित लोगों को इन आश्रय स्थलों में रखा जाएगा
गंगा में जलस्तर बढ़ने की स्थिति में प्रभावित लोगों के लिए पांच आश्रय स्थल बनाए गए हैं। इनमें जनता इंटर कॉलेज जुनावई, राजकीय महाविद्यालय जुुनावई, युग निर्माण विद्यापीठी इंटर कॉलेज मडकावली, प्राथमिक विद्यालय मिठनपुर, जूनियर हाईस्कूल खिरकवारी शामिल हैं।
जनपद के इन गांवों में आती है बाढ़
संभल जनपद के जुनावई क्षेत्र के गंगा खादर के गांव बाढ़ प्रभावित हैं। गंगा में जलस्तर बढ़ने पर तटबंध के अंदर स्थित गांव रघुपुर पुख्ता, सालिंग की मड़ैया, नरूपुरा, उदिया नगला, भावरू की मड़ैया, बझांगी, तोतापुर, मेंगरा, साधुमणि गांव में बाढ़ की संभावना रहती है। सबसे गांव रघुपुर पुख्ता में बाढ़ का पानी आता है।
जुनावई चौकी में इंस्पेक्टर ने ग्रामीणों की मीटिंग ली
जुुनावई। क्षेत्र में बाढ़ की आशंका को लेकर गुन्नौर प्रभारी निरीक्षक संजीव कुमार ने बाढ़ क्षेत्र के गांव ताहरपुर, रघुपुर पुख्ता व अन्य गांव के प्रमुख लोगों की जुनावई चौकी में मीटिंग ली। उन्हें बताया कि ग्लेशियर टूटने के चलते गंगा में पानी का स्तर सामान्य से अधिक बढ़ने का खतरा है। ऐसे में तटबंध के अंदर वाले ग्रामीण गंगा की ओर जंगल में न जाएं। सावधानी बरतें। किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें। साथ ही बबराला राजघाट पर पहुंचकर लोगों को गंगातट से दूर रहने की हिदायत दी गई। बताया कि तट पर बनी दुकानों को हटाने के निर्देश दिए हैं।
गंगा का जलस्तर किसी भी समय बढ़ सकता है। बचाव व सुरक्षा के लिहाज से रात के समय गंगा किनारे के 500 मीटर क्षेत्र में स्थित आबादी में रहने वाले लोगों को सुरक्षित दूसरे स्थान पर भेजा जाएगा। इसके लिए प्रशासन के साथ साथ पुलिस फोर्स लगाई गई है। यह लोगों को सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील करेंगी और आश्रय स्थल भिजवाएगी।
चक्रेश मिश्रा, एसपी संभल।
ग्लेशियर टूटने पर गंगा में जलस्तर बढ़ने की आशंका है। जिले में गंगा किनारे क्षेत्र में अलर्ट घोषित किया गया है। बचाव सुरक्षा के लिहाज से बचाव दल तैनात कर दिए हैं। बाढ़ चौकी सक्रिय कर दी गई है। लोगों से अपील है कि अफवाहों पर ध्यान न दें। गंगा किनारे के लोग सावधानी बरतें।
अविनाश कृष्ण सिंह, डीएम संभल