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संभल में अयोध्या मामले पर एहतियाती सतर्कता
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संभल। अयोध्या मामले में आने वाले फैसले के मद्देनजर संभल का पुलिस प्रशासन एहतियाती तौर पर सतर्क हो गया है। संवेदनशील स्थलों पर पुलिस प्रशासन की निगरानी है। जरूरत पड़ने पर फोर्स भी तैनात किया जाएगा। फिलहाल पूरे प्रदेश में अलर्ट घोषित किया है। अधिकारियों की 30 नवंबर तक की छुट्टियां निरस्त कर दी गईं हैं। प्रशासन निगरानी बनाए हुए हैं।
सांप्रदायिक अतीत के चलते शासन की नजर में संभल जनपद संवेदनशील की श्रेणी में आता है। इसलिए संभल जिले में खास सतर्कता बरती जा रही है। वैसे तो पूरा यूपी ही अलर्ट किया गया है। अधिकारियों से कहा गया है कि वे 30 नवंबर तक मुख्यालय न छोड़ें। साथ ही फैसले की प्रतिक्रिया के मद्देनजर निगरानी बनाए रखें। हालांकि अभी अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट फैसला सुरक्षित है लेकिन इस फैसले के आने से पहले प्रशासन एहतियाती सुरक्षा प्लान बनाने में जुट चुका है। क्योंकि जब से अयोध्या मामले पर सुनवाई हुई है तभी से लोगों की निगाह कोर्ट के फैसले पर टिकी हुई है।
आला अफसर शासन की गाइड लाइन के अनुरूप सुरक्षा व्यवस्था पर चिंतन-मनन में जुट गए। अयोध्या पर निर्णय आने से पहले दिवाली का त्योहार है। इसलिए भी प्रशासन ने चौकसी बढ़ाई है।
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जनपद के व्यस्त बाजारों के साथ-साथ बस स्टेशनों व रेलवे स्टेशनों, सार्वजनिक स्थलों पर निगरानी है। राजनीतिक गतिविधियों पर भी निगाह रखी जा रही है। अपर पुलिस अधीक्षक आलोक कुमार जायसवाल ने कहा कि जनपद में चेहल्लुम, धनतेरस और दिवाली को लेकर पहले ही एहतियाती सतर्कता बरती जा रही है। शासन की ओर से जो भी निर्देश दिए गए हैं उसके हिसाब से अयोध्या मामले में भी चौकसी है।
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सांप्रदायिक अतीत के चलते शासन की नजर में संभल जनपद संवेदनशील की श्रेणी में आता है। इसलिए संभल जिले में खास सतर्कता बरती जा रही है। वैसे तो पूरा यूपी ही अलर्ट किया गया है। अधिकारियों से कहा गया है कि वे 30 नवंबर तक मुख्यालय न छोड़ें। साथ ही फैसले की प्रतिक्रिया के मद्देनजर निगरानी बनाए रखें। हालांकि अभी अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट फैसला सुरक्षित है लेकिन इस फैसले के आने से पहले प्रशासन एहतियाती सुरक्षा प्लान बनाने में जुट चुका है। क्योंकि जब से अयोध्या मामले पर सुनवाई हुई है तभी से लोगों की निगाह कोर्ट के फैसले पर टिकी हुई है।
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आला अफसर शासन की गाइड लाइन के अनुरूप सुरक्षा व्यवस्था पर चिंतन-मनन में जुट गए। अयोध्या पर निर्णय आने से पहले दिवाली का त्योहार है। इसलिए भी प्रशासन ने चौकसी बढ़ाई है।
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जनपद के व्यस्त बाजारों के साथ-साथ बस स्टेशनों व रेलवे स्टेशनों, सार्वजनिक स्थलों पर निगरानी है। राजनीतिक गतिविधियों पर भी निगाह रखी जा रही है। अपर पुलिस अधीक्षक आलोक कुमार जायसवाल ने कहा कि जनपद में चेहल्लुम, धनतेरस और दिवाली को लेकर पहले ही एहतियाती सतर्कता बरती जा रही है। शासन की ओर से जो भी निर्देश दिए गए हैं उसके हिसाब से अयोध्या मामले में भी चौकसी है।