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चार वर्ष बाद मंदिर पर लाउडस्पीकर बजेगा और कब्रिस्तान की बाउंड्रीवाल भी बनेगी
ब्यूरो/अमर उजाला संभल
Updated Sat, 08 Apr 2017 01:13 AM IST
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चुनाव में लाउडस्पीकर तेज बजा तो होगी कार्रवाई
- फोटो : demo
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जिले में अब तक अधिकतर ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें एक दूसरे के धार्मिक कार्यों पर आपत्ति की गई है। इसे लेकर विवाद भी हुए हैं। मारपीट से लेकर मुकदमे बाजी तक हुई, लेकिन अब माहौल बदल रहा है। लोग एक दूसरे की भावनाओं को समझते हुए समझदारी भरी पहल कर रहे हैं। ऐसी ही एक पहल असमोली थाना क्षेत्र के गांव बेला में हुई है। यहां के लोगों ने सौहार्द के लिए समझदारी दिखाई है। अमन के दुश्मनों को सबक सिखाने का मन बनाया है।
गांव बेला में शरारती तत्वों ने गुरुवार को रात कब्रिस्तान की चहारदीवारी को गिराकर बवाल की स्क्रिप्ट लिखी, लेकिन कामयाबी नहीं मिली, क्योंकि यहां के अमन पसंद लोगों ने एक दूसरे के धार्मिक कार्यों के लिए समझदारी दिखाने का निर्णय लिया।
बाउंड्रीवाल गिराने की जानकारी मिलने के बाद शुक्रवार की सुबह एसडीएम राशिद अली खां, सीओ बीपी सिंह बालियान के साथ असमोली थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। एसडीएम ने बैठाकर दोनों पक्षों की वार्ता कराई। वार्ता के दौरान तय हुआ कि ग्राम प्रधान कब्रिस्तान की चहारदीवारी बनवाएंगे। साथ ही मंदिर पर चार वर्ष से बंद पड़ा लाउडस्पीकर भी सुबह-शाम बजेगा और चामुंडा मंदिर की टूटी पड़ी चहारदीवारी भी सही होगी।
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इस मामले में गांव के लोगों ने कहा कि आपसी समझदारी से समाधान न किया गया होता, तो बलवा हो जाता। गांव के लोगों ने कहा कि हमें एक दूसरे की भावनाओं का सम्मान करते हुए मिलकर रहने की कला सीखनी होगी। यदि कोई विवाद सामने आए, तो उसका भी आपसी समझदारी से हल निकालना उचित होगा। इस पहल की अफसरों ने सराहना की।
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गांव बेला में शरारती तत्वों ने गुरुवार को रात कब्रिस्तान की चहारदीवारी को गिराकर बवाल की स्क्रिप्ट लिखी, लेकिन कामयाबी नहीं मिली, क्योंकि यहां के अमन पसंद लोगों ने एक दूसरे के धार्मिक कार्यों के लिए समझदारी दिखाने का निर्णय लिया।
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बाउंड्रीवाल गिराने की जानकारी मिलने के बाद शुक्रवार की सुबह एसडीएम राशिद अली खां, सीओ बीपी सिंह बालियान के साथ असमोली थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। एसडीएम ने बैठाकर दोनों पक्षों की वार्ता कराई। वार्ता के दौरान तय हुआ कि ग्राम प्रधान कब्रिस्तान की चहारदीवारी बनवाएंगे। साथ ही मंदिर पर चार वर्ष से बंद पड़ा लाउडस्पीकर भी सुबह-शाम बजेगा और चामुंडा मंदिर की टूटी पड़ी चहारदीवारी भी सही होगी।
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इस मामले में गांव के लोगों ने कहा कि आपसी समझदारी से समाधान न किया गया होता, तो बलवा हो जाता। गांव के लोगों ने कहा कि हमें एक दूसरे की भावनाओं का सम्मान करते हुए मिलकर रहने की कला सीखनी होगी। यदि कोई विवाद सामने आए, तो उसका भी आपसी समझदारी से हल निकालना उचित होगा। इस पहल की अफसरों ने सराहना की।