{"_id":"6acaad2602938bca7e08aec6","slug":"accused-get-relief-due-to-weak-prosecution-in-insurance-embezzlement-case-sambhal-news-c-275-1-smbd1030-141718-2026-10-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sambhal News: बीमा गबन मामले में लचर पैरवी से आरोपियों को मिली राहत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sambhal News: बीमा गबन मामले में लचर पैरवी से आरोपियों को मिली राहत
विज्ञापन
संभल। प्रदेश के चर्चित बीमा धनराशि गबन मामले में लचर पैरवी के कारण आरोपियों को बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने करीब 11.89 करोड़ रुपये की कुर्क की गई संपत्ति को मुक्त करने का आदेश दिया है। पुलिस अब इस फैसले को चुनौती देने के लिए विधिक सलाह ले रही है।
इस मामले में संभल पुलिस ने पहले दमदार कार्रवाई की थी। तत्कालीन पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई और तत्कालीन अपर पुलिस अधीक्षक अनुकृति शर्मा ने गंभीर मामलों का खुलासा किया था। चार हत्या के अनसुलझे मामले भी उजागर किए गए थे। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने लखनऊ में मामला दर्ज किया था।
बैंक कर्मचारियों, बीमा कंपनी के मालिक और सरकारी कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने चार्जशीट कोर्ट तक पहुंचाने में मजबूत पैरवी की थी। हालांकि, हाईकोर्ट में यह पैरवी कमजोर पड़ गई। दो मुकदमों के वादी पहले ही आरोपियों से समझौता कर चुके हैं।
विज्ञापन
हाईकोर्ट ने वाराणसी के फुलवरिया स्थित ओंकारेश्वर मिश्रा के निर्माणाधीन तीन मंजिला मकान और स्कार्पियो को मुक्त करने का आदेश दिया है। इसके अलावा, 12 जनवरी को बबराला में सचिन शर्मा की करीब 9.18 करोड़ रुपये और गौरव शर्मा की करीब 1.44 करोड़ रुपये की संपत्ति पर हुई कुर्की भी निरस्त कर दी गई है। गैंगस्टर एक्ट के तहत इन तीनों मुख्य आरोपियों की कुल 11.89 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क करने का आदेश जिलाधिकारी न्यायालय ने दिया था। ये संपत्तियां जनवरी 2026 में संभल, वाराणसी और ग्रेटर नोएडा में कुर्क की गई थीं।
पुलिस की आगे की रणनीति
विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट अवधेश कुमार सिंह ने ओंकारेश्वर की अर्जी 3 सितंबर 2026 को स्वीकार की थी। अधिवक्ता नेत्रपाल यादव ने बताया कि कोर्ट ने जिलाधिकारी संभल के 7 मई 2026 के कुर्की आदेश को निरस्त किया है। पुलिस अधीक्षक विकास चंद्र त्रिपाठी ने कहा कि वे विधिक सलाहकारों से जानकारी ले रहे हैं। इसके आधार पर आगे की पैरवी की जाएगी। अन्य तीन मुकदमों के वादी भी समझौता करने के लिए प्रार्थना दे चुके हैं।
00000
रजपुरा थाने में दर्ज हुआ था गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा
यह गिरोह देश के 12 से अधिक राज्यों में सक्रिय था और 100 करोड़ से अधिक की बीमा धनराशि के गबन का मामला पुलिस ने उजागर किया था। संभल, मुरादाबाद, बदायूं, अमरोहा जिले में 25 से अधिक एफआईआर दर्ज की गई थीं। 67 आरोपियों को जेल जाना पड़ा। इसमें 47 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। गिरोह में आशा कार्यकर्ता, इन्वेस्टिगेशन एजेंसियां, बीमा कंपनियों और बैंक के कर्मचारी आरोपी पाए गए थे। 25 आरोपियों के खिलाफ रजपुरा थाने में गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा दर्ज किया गया था। तीन ही आरोपियों की संपत्तियां कुर्क की गई थीं। अन्य आरोपियों की संपत्तियां खंगाली जा रही थीं।
0000000
गिरोह के सरगना पकड़े गए थे तब खुला था पूरा राज
17 जनवरी 2025 को बीमा क्लेम हड़पने वाले गिरोह के सरगना वाराणसी के कैंट थाना क्षेत्र के फुलवरिया निवासी ओंकारेश्वर मिश्र और गुन्नौर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत बबराला निवासी अमित को रजपुरा थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया था। लाखों रुपये कार से बरामद किए गए थे। दोनों से पूछताछ की गई तो इस गिरोह का राजफाश हुआ था। आरोपियों ने बताया था कि उनकी गिरोह में निजी बैंक कर्मचारी, ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सचिव, आशा वर्कर, जनसेवा संचालक, बीमा कंपनी के इन्वेस्टिगेटर, बीमा कंपनी के मालिक भी शामिल हैं। इसके बाद परत दर परत राज खुलते चले गए और मामला 100 करोड़ के गबन तक पहुंच गया था।
0000000000000000
हत्या को हादसा बताकर क्लेम हड़प रहा था गिरोह
गिरोह ने हत्या को हादसा बताकर बीमा क्लेम का गबन किया था। इसके प्रमाण चार हत्या के मामले का खुलासा होने पर पुलिस को मिले थे। 31 जुलाई को बदायूं जिले के थाना बिसौली अंतर्गत गांव दिलवारी निवासी दरियाब (38) की गाड़ी से कुचलकर व हथौड़े से पीटकर हत्या की थी। 50 लाख रुपये से ज्यादा की अलग-अलग कंपनी में पॉलिसी कराई गई थीं। इसी तरह बदायूं जिले के ही थाना इस्लामनगर अंतर्गत मोहल्ला बमनपुरी निवासी दिव्यांग संजय की हत्या 20 जून 2024 को उसके छोटे भाई नवीन ने की थी। 95 लाख रुपये के बीमा क्लेम हड़पने के लिए यह वारदात अंजाम दी थी। तीसरी हत्या दिल्ली निवासी अमन (20) की 15 नवंबर 2023 को अमरोहा जिले के रहरा थाना क्षेत्र में की गई थी। रिश्ते के मामा ने गिरोह के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था। 2.70 करोड़ रुपये की अलग-अलग कंपनी में बीमा पॉलिसी कराई गई थीं। इसमें 20 लाख रुपये मिल भी गए थे। चौथी हत्या धनारी निवासी सलीम की 29 जुलाई 2022 को अमरोहा के रहरा थाना क्षेत्र में ही की गई थी। अमन की हत्या का राज खुला तो सलीम की भी हत्या का राज बाहर आ गया था। यह गिरोह जिन लोगों की हत्या करते थे उनका पहले बीमा कराते थे फिर खुद ही बीमा की किस्त जमा करते थे। फिर हत्या करते और हादसे में रिपोर्ट दर्ज कराते थे।
हम इस पूरे मामले में विधिक सलाह ले रहे हैं। उसके आधार पर कोर्ट का रूख करेंगे। पुलिस की चार्जशीट कोर्ट पहले ही जा चुकी है। कोर्ट से ही इस मामले को देखा जाएगा।
विकास चंद्र त्रिपाठी, एसपी, संभल।
विज्ञापन
इस मामले में संभल पुलिस ने पहले दमदार कार्रवाई की थी। तत्कालीन पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई और तत्कालीन अपर पुलिस अधीक्षक अनुकृति शर्मा ने गंभीर मामलों का खुलासा किया था। चार हत्या के अनसुलझे मामले भी उजागर किए गए थे। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने लखनऊ में मामला दर्ज किया था।
विज्ञापन
बैंक कर्मचारियों, बीमा कंपनी के मालिक और सरकारी कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने चार्जशीट कोर्ट तक पहुंचाने में मजबूत पैरवी की थी। हालांकि, हाईकोर्ट में यह पैरवी कमजोर पड़ गई। दो मुकदमों के वादी पहले ही आरोपियों से समझौता कर चुके हैं।
विज्ञापन
हाईकोर्ट ने वाराणसी के फुलवरिया स्थित ओंकारेश्वर मिश्रा के निर्माणाधीन तीन मंजिला मकान और स्कार्पियो को मुक्त करने का आदेश दिया है। इसके अलावा, 12 जनवरी को बबराला में सचिन शर्मा की करीब 9.18 करोड़ रुपये और गौरव शर्मा की करीब 1.44 करोड़ रुपये की संपत्ति पर हुई कुर्की भी निरस्त कर दी गई है। गैंगस्टर एक्ट के तहत इन तीनों मुख्य आरोपियों की कुल 11.89 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क करने का आदेश जिलाधिकारी न्यायालय ने दिया था। ये संपत्तियां जनवरी 2026 में संभल, वाराणसी और ग्रेटर नोएडा में कुर्क की गई थीं।
पुलिस की आगे की रणनीति
विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट अवधेश कुमार सिंह ने ओंकारेश्वर की अर्जी 3 सितंबर 2026 को स्वीकार की थी। अधिवक्ता नेत्रपाल यादव ने बताया कि कोर्ट ने जिलाधिकारी संभल के 7 मई 2026 के कुर्की आदेश को निरस्त किया है। पुलिस अधीक्षक विकास चंद्र त्रिपाठी ने कहा कि वे विधिक सलाहकारों से जानकारी ले रहे हैं। इसके आधार पर आगे की पैरवी की जाएगी। अन्य तीन मुकदमों के वादी भी समझौता करने के लिए प्रार्थना दे चुके हैं।
00000
रजपुरा थाने में दर्ज हुआ था गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा
यह गिरोह देश के 12 से अधिक राज्यों में सक्रिय था और 100 करोड़ से अधिक की बीमा धनराशि के गबन का मामला पुलिस ने उजागर किया था। संभल, मुरादाबाद, बदायूं, अमरोहा जिले में 25 से अधिक एफआईआर दर्ज की गई थीं। 67 आरोपियों को जेल जाना पड़ा। इसमें 47 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। गिरोह में आशा कार्यकर्ता, इन्वेस्टिगेशन एजेंसियां, बीमा कंपनियों और बैंक के कर्मचारी आरोपी पाए गए थे। 25 आरोपियों के खिलाफ रजपुरा थाने में गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा दर्ज किया गया था। तीन ही आरोपियों की संपत्तियां कुर्क की गई थीं। अन्य आरोपियों की संपत्तियां खंगाली जा रही थीं।
0000000
गिरोह के सरगना पकड़े गए थे तब खुला था पूरा राज
17 जनवरी 2025 को बीमा क्लेम हड़पने वाले गिरोह के सरगना वाराणसी के कैंट थाना क्षेत्र के फुलवरिया निवासी ओंकारेश्वर मिश्र और गुन्नौर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत बबराला निवासी अमित को रजपुरा थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया था। लाखों रुपये कार से बरामद किए गए थे। दोनों से पूछताछ की गई तो इस गिरोह का राजफाश हुआ था। आरोपियों ने बताया था कि उनकी गिरोह में निजी बैंक कर्मचारी, ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सचिव, आशा वर्कर, जनसेवा संचालक, बीमा कंपनी के इन्वेस्टिगेटर, बीमा कंपनी के मालिक भी शामिल हैं। इसके बाद परत दर परत राज खुलते चले गए और मामला 100 करोड़ के गबन तक पहुंच गया था।
0000000000000000
हत्या को हादसा बताकर क्लेम हड़प रहा था गिरोह
गिरोह ने हत्या को हादसा बताकर बीमा क्लेम का गबन किया था। इसके प्रमाण चार हत्या के मामले का खुलासा होने पर पुलिस को मिले थे। 31 जुलाई को बदायूं जिले के थाना बिसौली अंतर्गत गांव दिलवारी निवासी दरियाब (38) की गाड़ी से कुचलकर व हथौड़े से पीटकर हत्या की थी। 50 लाख रुपये से ज्यादा की अलग-अलग कंपनी में पॉलिसी कराई गई थीं। इसी तरह बदायूं जिले के ही थाना इस्लामनगर अंतर्गत मोहल्ला बमनपुरी निवासी दिव्यांग संजय की हत्या 20 जून 2024 को उसके छोटे भाई नवीन ने की थी। 95 लाख रुपये के बीमा क्लेम हड़पने के लिए यह वारदात अंजाम दी थी। तीसरी हत्या दिल्ली निवासी अमन (20) की 15 नवंबर 2023 को अमरोहा जिले के रहरा थाना क्षेत्र में की गई थी। रिश्ते के मामा ने गिरोह के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था। 2.70 करोड़ रुपये की अलग-अलग कंपनी में बीमा पॉलिसी कराई गई थीं। इसमें 20 लाख रुपये मिल भी गए थे। चौथी हत्या धनारी निवासी सलीम की 29 जुलाई 2022 को अमरोहा के रहरा थाना क्षेत्र में ही की गई थी। अमन की हत्या का राज खुला तो सलीम की भी हत्या का राज बाहर आ गया था। यह गिरोह जिन लोगों की हत्या करते थे उनका पहले बीमा कराते थे फिर खुद ही बीमा की किस्त जमा करते थे। फिर हत्या करते और हादसे में रिपोर्ट दर्ज कराते थे।
हम इस पूरे मामले में विधिक सलाह ले रहे हैं। उसके आधार पर कोर्ट का रूख करेंगे। पुलिस की चार्जशीट कोर्ट पहले ही जा चुकी है। कोर्ट से ही इस मामले को देखा जाएगा।
विकास चंद्र त्रिपाठी, एसपी, संभल।