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अब बिलारी सीट को लेकर लामबंदी
ब्यूरो/अमर उजाला, संभल
Updated Sun, 01 Jan 2017 12:54 AM IST
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समाजवादी पार्टी
- फोटो : अमर उजाला
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वहीं, अंदरूनी तौर पर बिलारी के टिकट के लिए दिग्गजों में लामबंदी हो रही है।
पूर्व सांसद डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क के पौत्र जियाउर्रहमान बर्क को सपा के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव ने अपनी सूची में बिलारी से सपा का उम्मीदवार बनाया है। जबकि, सीएम की सूची में बिलारी के मौजूदा विधायक फहीम का नाम है। अब एक ही सीट पर दो उम्मीदवार आने की वजह से दिग्गजों के सियासी खेमों में लामबंदी हो रही है।
संभल के दीपासराय में डा. बर्क के घर से लेकर कई अन्य मोहल्लों में इसको लेकर चर्चा होती रही। जहां बर्क के समर्थक टिकट जियाउर्ररहमान का बरकरार रहने की उम्मीद लगाए हुए हैं, वहीं दूसरी उनके विरोधी इस बात से खुश हो रहे हैं कि सपा की सियासत में सीएम के प्रभावी होने का असर आएगा। आने वाले समय में हो सकता है कि फहीम ही उम्मीदवार हो जाएं। फहीम को सियासी तौर पर नगर विकास मंत्री आजम खां का करीबी माना जाता है, जबकि जियारउर्रहमान बर्क को उनके दादा पूर्व सांसद शफीकुर्रहमान बर्क की पैरवी पर उम्मीदवार बनाया गया है।
टिकट बचाने की जद्दोदहद में जुटे प्रत्याशी, दावेदार फिर सक्रिय ःसपाई राजनीति में जिले की चारो विधानसभा सीटों पर प्रत्याशी घोषित कर दिए गए थे, लेकिन चाचा-भतीजे की जंग के बीच जारी की गई सूची शायद अब अमान्य हो गई है। इससे एक ओर जहां सपा की आपसी खींचतान पर विराम लगने से पदाधिकारी व कार्यकर्ता राहत में हैं, वहीं प्रत्याशियों की बेचैनी फिर बढ़ गई है। सूची में शामिल होने से वंचित रह गए दावेदार एक बार फिर सक्रिय हो गए हैं।
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समाजवादी पार्टी के प्रदेश कार्यालय से संभल से नवाब इकबाल महमूद, चंदौसी से श्रीपाल दिवाकर, असमोली से पिंकी यादव व गुन्नौर से राम खिलाड़ी सिंह यादव तथा बिलारी से डा.शफीकुर्रहमान बर्क के पौत्र जियाउर्रहमान बर्क का टिकट घोषित किया है।
शनिवार को सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने अखिलेश यादव और प्रो.रामगोपाल यादव का सपा से निष्कासन रद करने के बाद सपा फिर से एक होती दिख रही है। प्रदेशाध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि अब दोबारा से मिलकर बैठकर प्रत्याशी तय किए जाएंगे। हालांकि संभल जिले में सिर्फ चंदौसी की सीट को लेकर ही असमंजस है। यहां प्रदेशाध्यक्ष की सूची में जहां श्रीपाल दिवाकर का नाम था, तो मुख्यमंत्री की सूची में विधायक लक्ष्मी गौतम अपना नाम होने की दावा कर रही हैं।
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पूर्व सांसद डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क के पौत्र जियाउर्रहमान बर्क को सपा के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव ने अपनी सूची में बिलारी से सपा का उम्मीदवार बनाया है। जबकि, सीएम की सूची में बिलारी के मौजूदा विधायक फहीम का नाम है। अब एक ही सीट पर दो उम्मीदवार आने की वजह से दिग्गजों के सियासी खेमों में लामबंदी हो रही है।
संभल के दीपासराय में डा. बर्क के घर से लेकर कई अन्य मोहल्लों में इसको लेकर चर्चा होती रही। जहां बर्क के समर्थक टिकट जियाउर्ररहमान का बरकरार रहने की उम्मीद लगाए हुए हैं, वहीं दूसरी उनके विरोधी इस बात से खुश हो रहे हैं कि सपा की सियासत में सीएम के प्रभावी होने का असर आएगा। आने वाले समय में हो सकता है कि फहीम ही उम्मीदवार हो जाएं। फहीम को सियासी तौर पर नगर विकास मंत्री आजम खां का करीबी माना जाता है, जबकि जियारउर्रहमान बर्क को उनके दादा पूर्व सांसद शफीकुर्रहमान बर्क की पैरवी पर उम्मीदवार बनाया गया है।
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टिकट बचाने की जद्दोदहद में जुटे प्रत्याशी, दावेदार फिर सक्रिय ःसपाई राजनीति में जिले की चारो विधानसभा सीटों पर प्रत्याशी घोषित कर दिए गए थे, लेकिन चाचा-भतीजे की जंग के बीच जारी की गई सूची शायद अब अमान्य हो गई है। इससे एक ओर जहां सपा की आपसी खींचतान पर विराम लगने से पदाधिकारी व कार्यकर्ता राहत में हैं, वहीं प्रत्याशियों की बेचैनी फिर बढ़ गई है। सूची में शामिल होने से वंचित रह गए दावेदार एक बार फिर सक्रिय हो गए हैं।
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समाजवादी पार्टी के प्रदेश कार्यालय से संभल से नवाब इकबाल महमूद, चंदौसी से श्रीपाल दिवाकर, असमोली से पिंकी यादव व गुन्नौर से राम खिलाड़ी सिंह यादव तथा बिलारी से डा.शफीकुर्रहमान बर्क के पौत्र जियाउर्रहमान बर्क का टिकट घोषित किया है।
शनिवार को सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने अखिलेश यादव और प्रो.रामगोपाल यादव का सपा से निष्कासन रद करने के बाद सपा फिर से एक होती दिख रही है। प्रदेशाध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि अब दोबारा से मिलकर बैठकर प्रत्याशी तय किए जाएंगे। हालांकि संभल जिले में सिर्फ चंदौसी की सीट को लेकर ही असमंजस है। यहां प्रदेशाध्यक्ष की सूची में जहां श्रीपाल दिवाकर का नाम था, तो मुख्यमंत्री की सूची में विधायक लक्ष्मी गौतम अपना नाम होने की दावा कर रही हैं।