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आरोपियोें की गिरफ्तारी को थाना घेरा, मंत्री के खिलाफ नारेबाजी
ब्यूरो/अमर उजाला, संभल
Updated Sat, 31 Dec 2016 01:16 AM IST
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उत्तर प्रदेश सरकार के खाद्य एवं औषधि प्रशासन मंत्री नवाब इकबाल महमूद के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। आरिफ के परिजनों का कहना था कि पुलिस कैबिनेट मंत्री के दबाव में है। इसीलिए आरोपियों की गिरफ्तारी में देरी हो रही है।
संभल के नखासा थाना क्षेत्र में 27 दिसबंर की रात तुर्तीपुर इल्हा निवासी आरिफ (23 वर्ष) पुत्र फारिक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्याकांड में फरहत हुसैन के साथ उसके दो बेटों गालिब और सालिम को नामजद किया गया था। हत्या के तत्काल बाद सालिम गिरफ्तार कर लिया गया था। फरहत और गालिब घर छोड़कर भाग गए थे। इन दोनों की गिरफ्तारी न होने को मुद्दा बनाते हुए शुक्रवार को आरिफ के परिजन और तमाम ग्रामीण नखासा थाने पहुंच गए। थाने के द्वार को घेर लिया और इसके बाद प्रदर्शन करने लगे। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों की गिरफ्तारी में हो रही देरी पर आक्रोश व्यक्त किया। परिजनों का कहना था कि आरोपियों को कैबिनेट मंत्री नवाब इकबाल महमूद का संरक्षण मिला हुआ। पुलिस मंत्री के दबाव में है और आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की जा रही है।
इस पर थाना के एसएसआई शमशाद अली ने उन्हें समझाने का प्रयास किया। लोग उनसे सवाल पूछ रहे थे कि नामजदगी के बाद भी गिरफ्तारी में देरी क्यों हो रही है? जब एसएसआई ने कहा कि प्रयास किए जा रहे हैं? दबिश दी जा रही है। जल्दी ही गिरफ्तारी होगी तो लोग इस जवाब से संतुष्ट नहीं हुए। लोगों का कहना था कि आरोपियों के घर तत्काल दबिश दी जाए। आक्रोश को देखते हुए तत्काल पुलिस टीम का गठन किया गया और गिरफ्तारी के लिए टीम रवाना हुई। गालिब और फरहत की तलाश में पुलिस टीम ने उनके घर में दबिश दी लेकिन दोनों भागे हुए थे। पुलिस टीम दबिश देकर लौट आई।
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इस बीच प्रदर्शनकारी लोग आक्रोश व्यक्त करते हुए अपने-अपने घरों को चले गए। दबिश के दौरान पुलिस ने आरोपियों के घर से दो बाइक तथा एक मारुति को कब्जे में लिया है। मारुति पर सपा का झंडा लगा हुआ था। पुलिस अब इन गाड़ियों के बारे में छानबीन कर रही है जिससे यह पता लग सके कि गाड़ियां किसकी हैं?
पुलिस किसी दबाव में नहीं, गिरफ्तारी होगी
संभल। पुलिस अधीक्षक बालेंदु भूषण ने कहा कि हत्याकांड में पुलिस किसी दबाव में नहीं है। हत्याकांड की विवेचना चल रही है। एक आरोपी हत्या के तत्काल बाद पकड़ा गया था। अब जो आरोपी बचे हैं उनके बारे में साक्ष्य के आधार पर पुलिस की कार्रवाई आगे बढ़ रही है। आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस निष्पक्ष होकर कार्रवाई करती है और आगे भी करती रहेगी।
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संभल के नखासा थाना क्षेत्र में 27 दिसबंर की रात तुर्तीपुर इल्हा निवासी आरिफ (23 वर्ष) पुत्र फारिक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्याकांड में फरहत हुसैन के साथ उसके दो बेटों गालिब और सालिम को नामजद किया गया था। हत्या के तत्काल बाद सालिम गिरफ्तार कर लिया गया था। फरहत और गालिब घर छोड़कर भाग गए थे। इन दोनों की गिरफ्तारी न होने को मुद्दा बनाते हुए शुक्रवार को आरिफ के परिजन और तमाम ग्रामीण नखासा थाने पहुंच गए। थाने के द्वार को घेर लिया और इसके बाद प्रदर्शन करने लगे। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों की गिरफ्तारी में हो रही देरी पर आक्रोश व्यक्त किया। परिजनों का कहना था कि आरोपियों को कैबिनेट मंत्री नवाब इकबाल महमूद का संरक्षण मिला हुआ। पुलिस मंत्री के दबाव में है और आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की जा रही है।
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इस पर थाना के एसएसआई शमशाद अली ने उन्हें समझाने का प्रयास किया। लोग उनसे सवाल पूछ रहे थे कि नामजदगी के बाद भी गिरफ्तारी में देरी क्यों हो रही है? जब एसएसआई ने कहा कि प्रयास किए जा रहे हैं? दबिश दी जा रही है। जल्दी ही गिरफ्तारी होगी तो लोग इस जवाब से संतुष्ट नहीं हुए। लोगों का कहना था कि आरोपियों के घर तत्काल दबिश दी जाए। आक्रोश को देखते हुए तत्काल पुलिस टीम का गठन किया गया और गिरफ्तारी के लिए टीम रवाना हुई। गालिब और फरहत की तलाश में पुलिस टीम ने उनके घर में दबिश दी लेकिन दोनों भागे हुए थे। पुलिस टीम दबिश देकर लौट आई।
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इस बीच प्रदर्शनकारी लोग आक्रोश व्यक्त करते हुए अपने-अपने घरों को चले गए। दबिश के दौरान पुलिस ने आरोपियों के घर से दो बाइक तथा एक मारुति को कब्जे में लिया है। मारुति पर सपा का झंडा लगा हुआ था। पुलिस अब इन गाड़ियों के बारे में छानबीन कर रही है जिससे यह पता लग सके कि गाड़ियां किसकी हैं?
पुलिस किसी दबाव में नहीं, गिरफ्तारी होगी
संभल। पुलिस अधीक्षक बालेंदु भूषण ने कहा कि हत्याकांड में पुलिस किसी दबाव में नहीं है। हत्याकांड की विवेचना चल रही है। एक आरोपी हत्या के तत्काल बाद पकड़ा गया था। अब जो आरोपी बचे हैं उनके बारे में साक्ष्य के आधार पर पुलिस की कार्रवाई आगे बढ़ रही है। आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस निष्पक्ष होकर कार्रवाई करती है और आगे भी करती रहेगी।