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वोट जिसे भी चाहे दें, मतदान अवश्यक करें
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चंदौसी। किसान नेता कुशल चौधरी की पुण्य तिथि पर बुलाई गई भाकियू (अअ) की राष्ट्रीय पंचायत में लोक सभा चुनाव पर चर्चा की गई। सर्व सम्मति से निर्णय लिया गयाकि भाकियू (अअ) के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं पर यूनियन की ओर से कोई बाध्यता नहीं होगी, वह जिसे किसान हितैषी मानते हो, उसे स्वेच्छा से वोट दें। लेकिन मतदान अवश्य करें।
किसान नेता कुशल चौधरी की छठी पुण्य तिथि पर मुबारिकपुर गांव में भारतीय किसान यूनियन (अअ) की राष्ट्रीय पंचायत बुलाई गई। दिवंगत किसान नेता को श्रद्धासुमन अर्पित करने के बाद पंचायत में लोक सभा चुनाव पर चर्चा की गई। किसी ने कांग्रेस तो किसी ने भाजपा तो किसी ने सपा-बसपा गठबंधन व रालोद को किसान हितैषी बताया। यह भी राय रखी गई कि यूनियन की ओर एलान किया जाए कि कार्यकर्ता किसके पक्ष में मतदान करे। लेकिन सभी किसान नेता एक राय नहीं थे। राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी हरपाल सिंह ने कहाकि भाकियू वास्तव में अराजनीतिक है, कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों की भी अपनी अपनी पसंद होती है।
इसलिए किसी एक पार्टी के पक्ष में निर्णय देना शायद गलत होगा। इसलिए तय किया गया कि सभी कार्यकर्ता व पदाधिकारी स्वतंत्र रहेंगे, कोई भी किसी भी प्रत्याशी को अपनी इच्छा से मतदान कर सकेगा। लेकिन इतना जरूर है कि भाकियू (अअ) का हर कार्यकर्ता व पदाधिकारी मतदान में अवश्य भाग ले। क्योंकि मतदान करना हर भारतीय का संवैधानिक अधिकार है।
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किसान नेता कुशल चौधरी की छठी पुण्य तिथि पर मुबारिकपुर गांव में भारतीय किसान यूनियन (अअ) की राष्ट्रीय पंचायत बुलाई गई। दिवंगत किसान नेता को श्रद्धासुमन अर्पित करने के बाद पंचायत में लोक सभा चुनाव पर चर्चा की गई। किसी ने कांग्रेस तो किसी ने भाजपा तो किसी ने सपा-बसपा गठबंधन व रालोद को किसान हितैषी बताया। यह भी राय रखी गई कि यूनियन की ओर एलान किया जाए कि कार्यकर्ता किसके पक्ष में मतदान करे। लेकिन सभी किसान नेता एक राय नहीं थे। राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी हरपाल सिंह ने कहाकि भाकियू वास्तव में अराजनीतिक है, कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों की भी अपनी अपनी पसंद होती है।
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इसलिए किसी एक पार्टी के पक्ष में निर्णय देना शायद गलत होगा। इसलिए तय किया गया कि सभी कार्यकर्ता व पदाधिकारी स्वतंत्र रहेंगे, कोई भी किसी भी प्रत्याशी को अपनी इच्छा से मतदान कर सकेगा। लेकिन इतना जरूर है कि भाकियू (अअ) का हर कार्यकर्ता व पदाधिकारी मतदान में अवश्य भाग ले। क्योंकि मतदान करना हर भारतीय का संवैधानिक अधिकार है।
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