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जिले में अभी 43 मिनी सचिवालयों का नहीं हुआ निर्माण
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जिले में प्रदेश सरकार की सभी ग्रामों में बहुउद्देश्यीय मिनी सचिवालयों की योजना अभी पूरी तरह धरातल पर नहीं उतर पाई है। जनपद में कुल 670 ग्राम पंचायतें हैं। जिनमें 504 में तो मिनी सचिवालय संचालित हैं, लेकिन 123 मिनी सचिवालयों में बजट के अभाव में कंप्यूटर आदि सामान नहीं खरीदा गया है। इसके अलावा 43 ऐसी ग्राम पंचायतें हैं जिनमें मिनी सचिवालयों का निर्माण भी नहीं हुआ है।
जनपद की 670 ग्राम पंचायतों में मिनी सचिवालयों को संचालित करने के लिए नवंबर 2021 में पंचायत सहायकों की नियुक्ति कर दी थी। मिनी सचिवालय बनाने का उद्देश्य ग्रामीणों को पंचायत से जुड़े कार्य की जानकारी, सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने, ग्राम पंचायत स्तर की शिकायत दर्ज कराने, योजनाओं के लिए आवेदन करना सभी सुविधा एक ही स्थान पर दिलाना है। करीब पांच माह बाद अभी तक जिले में 43 मिनी सचिवालय का निर्माण नहीं हो पाया है। जो बजट व अन्य किसी कारण से नहीं हो पाया है। जिससे ग्रामीण परेशान हैं।
123 मिनी सचिवालय में नहीं पहुंचे कंप्यूटर व फर्नीचर
जिले में 123 ग्राम पंचायत ऐसी हैं, जहां मिनी सचिवालय तो बन कर तैयार हो गए हैं। लेकिन अभी तक वहां न तो कंप्यूटर खरीदे गए हैं और न ही फर्नीचर खरीदा गया है। केवल भवन बनकर तैयार हैं। पंचायत सहायक भी खाली बैठे हैं।
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मिनी सचिवालय में पूरी व्यवस्था, पंचायत सहायक कर रहे सर्वे का काम
बनियाखेड़ा ब्लाक की ग्राम पंचायत अकरौली में मिनी सचिवालय बनकर तैयार है। लैपटॉप कुर्सी आदि आ गई है। लेकिन मेज पर रखा लैपटॉप अभी भी बॉक्स के अंदर ही है। पंचायत सहायक मेनपाल ने बताया कि वह कुछ समय के लिए मिनी सचिवालय में बैठते हैं। इसके अलावा उन्हें ग्राम पंचायत में महिला-पुरुषों के आंकड़े, शिक्षितों के आंकड़े के लिए सर्वे किया जा रहा है। उसी कार्य में लगे हैं।
चार मिनी सचिवालयों के लिए नहीं मिली भूमि
मिनी सचिवालय के लिए असमोली ब्लॉक की सफातनगर, मछारी, जुनावई ब्लॉक की घोंसली मोहकम, गुन्नौर ब्लॉक की डरौली में अभी तक भूमि भी चिह्नित नहीं की जा सकी है। विभाग का दावा है कि इन ग्राम पंचायतों में सरकारी भूमि नहीं है। इस मामले में डीएम ने एसडीएम को पत्र लिखकर भूमि की व्यवस्था कराने के लिए कहा गया है।
इन पंचायतों में अधूरे मिले सचिवालय
ग्राम पंचायत फैजुल्लापुर, ग्राम पंचायत धर्मपुर कुइआं, ग्राम पंचायत अटबा, ग्राम पंचायत दारनी, ग्राम पंचायत शहवाजपुर, ग्राम पंचायत भगतपुर पहेली, गांव मल्हपुर भवानी, गांव मिठनपुर मौजा।
कुछ ग्राम पंचायतों में देरी से भूमि चिह्नित होने और बजट के कारण अभी निर्माण कार्य अधूरा है। बजट शासन से जारी हो चुका है। ग्राम पंचायतों को भेजा रहा है। 31 मई तक मिनी सचिवालयों का निर्माण पूरा कराकर संचालित करा दिया जाएगा। अन्य सभी जगह कार्य शुरू हो गया है। पंचायत सहायक सर्वे के कार्य में भी लगे हैं।
जाहिद हुसैन, जिला पंचायत राज अधिकारी, संभल
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जनपद की 670 ग्राम पंचायतों में मिनी सचिवालयों को संचालित करने के लिए नवंबर 2021 में पंचायत सहायकों की नियुक्ति कर दी थी। मिनी सचिवालय बनाने का उद्देश्य ग्रामीणों को पंचायत से जुड़े कार्य की जानकारी, सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने, ग्राम पंचायत स्तर की शिकायत दर्ज कराने, योजनाओं के लिए आवेदन करना सभी सुविधा एक ही स्थान पर दिलाना है। करीब पांच माह बाद अभी तक जिले में 43 मिनी सचिवालय का निर्माण नहीं हो पाया है। जो बजट व अन्य किसी कारण से नहीं हो पाया है। जिससे ग्रामीण परेशान हैं।
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123 मिनी सचिवालय में नहीं पहुंचे कंप्यूटर व फर्नीचर
जिले में 123 ग्राम पंचायत ऐसी हैं, जहां मिनी सचिवालय तो बन कर तैयार हो गए हैं। लेकिन अभी तक वहां न तो कंप्यूटर खरीदे गए हैं और न ही फर्नीचर खरीदा गया है। केवल भवन बनकर तैयार हैं। पंचायत सहायक भी खाली बैठे हैं।
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मिनी सचिवालय में पूरी व्यवस्था, पंचायत सहायक कर रहे सर्वे का काम
बनियाखेड़ा ब्लाक की ग्राम पंचायत अकरौली में मिनी सचिवालय बनकर तैयार है। लैपटॉप कुर्सी आदि आ गई है। लेकिन मेज पर रखा लैपटॉप अभी भी बॉक्स के अंदर ही है। पंचायत सहायक मेनपाल ने बताया कि वह कुछ समय के लिए मिनी सचिवालय में बैठते हैं। इसके अलावा उन्हें ग्राम पंचायत में महिला-पुरुषों के आंकड़े, शिक्षितों के आंकड़े के लिए सर्वे किया जा रहा है। उसी कार्य में लगे हैं।
चार मिनी सचिवालयों के लिए नहीं मिली भूमि
मिनी सचिवालय के लिए असमोली ब्लॉक की सफातनगर, मछारी, जुनावई ब्लॉक की घोंसली मोहकम, गुन्नौर ब्लॉक की डरौली में अभी तक भूमि भी चिह्नित नहीं की जा सकी है। विभाग का दावा है कि इन ग्राम पंचायतों में सरकारी भूमि नहीं है। इस मामले में डीएम ने एसडीएम को पत्र लिखकर भूमि की व्यवस्था कराने के लिए कहा गया है।
इन पंचायतों में अधूरे मिले सचिवालय
ग्राम पंचायत फैजुल्लापुर, ग्राम पंचायत धर्मपुर कुइआं, ग्राम पंचायत अटबा, ग्राम पंचायत दारनी, ग्राम पंचायत शहवाजपुर, ग्राम पंचायत भगतपुर पहेली, गांव मल्हपुर भवानी, गांव मिठनपुर मौजा।
कुछ ग्राम पंचायतों में देरी से भूमि चिह्नित होने और बजट के कारण अभी निर्माण कार्य अधूरा है। बजट शासन से जारी हो चुका है। ग्राम पंचायतों को भेजा रहा है। 31 मई तक मिनी सचिवालयों का निर्माण पूरा कराकर संचालित करा दिया जाएगा। अन्य सभी जगह कार्य शुरू हो गया है। पंचायत सहायक सर्वे के कार्य में भी लगे हैं।
जाहिद हुसैन, जिला पंचायत राज अधिकारी, संभल