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40 हजार किसान नहीं भर सके घोषणा पत्र, दस दिसंबर अंतिम तारीख
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संभल। जिले में गन्ना विभाग से जुड़े करीब 1.04 लाख किसानों में से अब तक 40 हजार किसान गन्ने का ऑनलाइन घोषणा पत्र नहीं भर सके हैं। ऑनलाइन घोषणा पत्र भरने के लिए दस दिसंबर अंतिम तारीख है। ऐसे में पांच दिन शेष बचे हैं। यदि इस अवधि में किसानों ने घोषणा पत्र नहीं भरा तो गन्ने का सट्टा बंद हो सकता है। जिससे किसान अपना गन्ना शुगर मिलों को नहीं बेच पाएंगे।
जिले में करीब 54 हजार 355 हेक्टेअर में गन्ना की फसल का रकबा है। गन्ना विभाग से एक लाख चार हजार किसान जुड़े हैं। पेराई सत्र 2021-22 चल रहा है। जिले की असमोली, रजपुरा और मझावली शुगर मिल गन्ने की पेराई चल रही है। गन्ने के सर्वे के बाद किसानों को अपना घोषणा पत्र स्वयं ऑनलाइन भरना था, लेकिन चालीस हजार किसान अभी भी ऐसे बचे हुए हैं, जिन्होंने ऑनलाइन घोषणा पत्र नहीं भरा है। जबकि इसके लिए कई बार अंतिम तिथि को आगे बढ़ाया जा चुका है। पहले 30 सितंबर थी जिसे बढ़ाकर तीस नवंबर किया गया, लेकिन इस अवधि में किसानों ने अपना घोषणा पत्र ऑनलाइन भरा। एक बार फिर से अंतिम तिथि को बढ़ाकर दस दिसंबर किया गया है।
जिला गन्ना अधिकारी कुलदीप सिंह ने बताया कि दस दिसंबर तक जो किसान अपने अभिलेखों के साथ घोषणापत्र ऑनलाइन भर नहीं पाएंगे, उनके गन्ना सट्टे को बंद कर दिया जाएगा। वहीं किसानों को न उपज बढ़ोत्तरी का लाभ मिलेगा और न अतिरिक्त बोंड भरे जाएंगे। ऐसी स्थिति में किसान किसी भी शुगर मिल पर अपना गन्ना नहीं बेच पाएंगे और किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
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कई बार अंतिम तिथि को आगे बढ़ाया गया है। अब दस दिसंबर अंतिम तारीख है। इस अवधि में भी यदि किसानों ने अपना ऑनलाइन घोषणा पत्र नहीं भरा तो उन्हें न सिर्फ उपज बढ़ोत्तरी या अतिरिक्त बोंड का लाभ मिलेगा बल्कि सट्टा भी बंद हो सकता है। इसलिए किसान जल्दी से जल्दी घोषणा पत्र भरवाएं।
कुलदीप सिंह, जिला गन्ना अधिकारी, संभल
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जिले में करीब 54 हजार 355 हेक्टेअर में गन्ना की फसल का रकबा है। गन्ना विभाग से एक लाख चार हजार किसान जुड़े हैं। पेराई सत्र 2021-22 चल रहा है। जिले की असमोली, रजपुरा और मझावली शुगर मिल गन्ने की पेराई चल रही है। गन्ने के सर्वे के बाद किसानों को अपना घोषणा पत्र स्वयं ऑनलाइन भरना था, लेकिन चालीस हजार किसान अभी भी ऐसे बचे हुए हैं, जिन्होंने ऑनलाइन घोषणा पत्र नहीं भरा है। जबकि इसके लिए कई बार अंतिम तिथि को आगे बढ़ाया जा चुका है। पहले 30 सितंबर थी जिसे बढ़ाकर तीस नवंबर किया गया, लेकिन इस अवधि में किसानों ने अपना घोषणा पत्र ऑनलाइन भरा। एक बार फिर से अंतिम तिथि को बढ़ाकर दस दिसंबर किया गया है।
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जिला गन्ना अधिकारी कुलदीप सिंह ने बताया कि दस दिसंबर तक जो किसान अपने अभिलेखों के साथ घोषणापत्र ऑनलाइन भर नहीं पाएंगे, उनके गन्ना सट्टे को बंद कर दिया जाएगा। वहीं किसानों को न उपज बढ़ोत्तरी का लाभ मिलेगा और न अतिरिक्त बोंड भरे जाएंगे। ऐसी स्थिति में किसान किसी भी शुगर मिल पर अपना गन्ना नहीं बेच पाएंगे और किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
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कई बार अंतिम तिथि को आगे बढ़ाया गया है। अब दस दिसंबर अंतिम तारीख है। इस अवधि में भी यदि किसानों ने अपना ऑनलाइन घोषणा पत्र नहीं भरा तो उन्हें न सिर्फ उपज बढ़ोत्तरी या अतिरिक्त बोंड का लाभ मिलेगा बल्कि सट्टा भी बंद हो सकता है। इसलिए किसान जल्दी से जल्दी घोषणा पत्र भरवाएं।
कुलदीप सिंह, जिला गन्ना अधिकारी, संभल