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ऋणमाफी की पात्रता जांच में 26,800 शिकायतें खारिज
ब्यूरो अमर उजाला / संभ्ाल
Updated Thu, 05 Apr 2018 01:08 AM IST
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ऋणमाफी योजना की पात्रता जांच में संभल जिले की 26800 शिकायतें खारिज हो गई हैं। कर्जमाफी के लिए 33881 शिकायतें दर्ज कराईं गईं थीं। इसमें 26,800 का निस्तारण हुआ है जबकि 7081 शिकायतें अभी जांच पड़ताल में उलझी हुईं हैं।
योगी सरकार की कर्जमाफी योजना का लाभ अभी तमाम किसानों को नहीं मिल सका। सरकार के आदेश पर ऑन लाइन और ऑफ लाइन शिकायतों का सिलसिला चल रहा है। शिकायतों का आंकड़ा दो-चार हजार नहीं बल्कि 33881 पहुुंच गया है। शिकायतकर्ता किसान योजना के लिए पात्र हैं या नहीं, इसकी जांच के लिए उनके आवेदन राजस्व विभाग और बैंकों को भेजे गए हैं।
दोहरी जांच के बाद पात्रता तय होगी। इसके बाद जिला स्तरीय बैंकर्स कमेटी धनराशि की डिमांड करेगी। अभी तक यह काम इसलिए नहीं हो सका क्योंकि शासन ने शिकायत करने की तिथि को बार बार बढ़ाया है। पहले 31 दिसंबर 2017 तक शिकायतें किए जाने का विकल्प था। इसके बाद यह तिथि 20 जनवरी की गई। जब 20 जनवरी आ गई तो शासन ने 10 मार्च और फिर इसके बाद 31 मार्च तक का समय दे दिया। किसानों की शिकायतों का सिलसिला नहीं थमा।
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एक किसान ने एक नहीं चार-चार, बार शिकायत अपलोड की हैं। ऑन लॉइन शिकायतों की संख्या 27,000 से अधिक हो गई जबकि शेष शिकायतें ऑफ लाइन आईं। शिकायतों के लिए 20 अप्रैल तक की तिथि दे गई है। इसके बाद ही पात्रता सूची को अंतिम रूप दिया जा सकेगा। अंतिम सूची के बाद ही शासन से धनराशि मांगी जाएगी। अब तक की जांच में 26800 किसानों की शिकायतें खारिज की जा चुकी हैं।
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योगी सरकार की कर्जमाफी योजना का लाभ अभी तमाम किसानों को नहीं मिल सका। सरकार के आदेश पर ऑन लाइन और ऑफ लाइन शिकायतों का सिलसिला चल रहा है। शिकायतों का आंकड़ा दो-चार हजार नहीं बल्कि 33881 पहुुंच गया है। शिकायतकर्ता किसान योजना के लिए पात्र हैं या नहीं, इसकी जांच के लिए उनके आवेदन राजस्व विभाग और बैंकों को भेजे गए हैं।
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दोहरी जांच के बाद पात्रता तय होगी। इसके बाद जिला स्तरीय बैंकर्स कमेटी धनराशि की डिमांड करेगी। अभी तक यह काम इसलिए नहीं हो सका क्योंकि शासन ने शिकायत करने की तिथि को बार बार बढ़ाया है। पहले 31 दिसंबर 2017 तक शिकायतें किए जाने का विकल्प था। इसके बाद यह तिथि 20 जनवरी की गई। जब 20 जनवरी आ गई तो शासन ने 10 मार्च और फिर इसके बाद 31 मार्च तक का समय दे दिया। किसानों की शिकायतों का सिलसिला नहीं थमा।
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एक किसान ने एक नहीं चार-चार, बार शिकायत अपलोड की हैं। ऑन लॉइन शिकायतों की संख्या 27,000 से अधिक हो गई जबकि शेष शिकायतें ऑफ लाइन आईं। शिकायतों के लिए 20 अप्रैल तक की तिथि दे गई है। इसके बाद ही पात्रता सूची को अंतिम रूप दिया जा सकेगा। अंतिम सूची के बाद ही शासन से धनराशि मांगी जाएगी। अब तक की जांच में 26800 किसानों की शिकायतें खारिज की जा चुकी हैं।