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गजरौला से बदायूं तक फर्राटा भरेंगे वाहन, दस मीटर चौड़ी सड़क बनेगी
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संभल। गजरौला से संभल-बहजोई होते हुए इस्लाम नगर के बार्डर तक मौजूदा सड़क को तोड़कर 10 मीटर चौड़ी सड़क बनाई जाएगी। इस पर 350 करोड़ रुपये खर्च होंगे। सड़क बनने में दो वर्ष लगेंगे लेकिन सड़क बनने के बाद गजरौला से लेकर बदायूं जिले तक वाहन फर्राटा भर सकेंगे।
लोक निर्माण विभाग ने विश्व बैंक पोषित परियोजना में सड़क निर्माण के लिए धनराशि मंजूर की है। सड़क का चयन पहले ही किया जा चुका था। सड़क के किनारे लगे पेड़ हटाए गए हैं। बिजली लाइनों के खंभे भी हटाए गए हैं ताकि सड़क निर्माण की बाधा को दूर किया जा सके। अब जल्दी ही सड़क का काम शुरू होने के आसार हैं। यह कार्य को दो वर्ष में पूरा किया जाना है। सड़क बनने से दिल्ली से संभल होकर बदायूं जाने वालों को लाभ मिलेगा। संभल से बहजोई और इस्लामनगर आने-जाने और गजरौला से संभल आने जाने में भी गड्ढों का सामना नहीं करना पड़ेगा। फिलहाल सड़क खराब है।
जगह-जगह गड्ढे हैं। वाहन खराब होने के साथ साथ हादसों का खतरा रहता है। सड़क खराब होने की वजह से तमाम वाहनों के चालकों ने अपना रास्ता बदला है। वर्ल्ड बैंक परियोजना में सड़क चौड़ी होने के साथ हॉट मिक्स के जरिए बनेगी, तब गजरौला से बदायूं तक के लिए रफ्तार भरने में कोई बाधा नहीं रहेगी। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता मानिक चंद ने बताया कि सड़क अगले महीने विश्व बैंक परियोजना में लोक निर्माण विभाग के विश्व बैंक खंड के पास चली जाएगी। इसे बनने में दो वर्ष लगेंगे। इसके पहले संभल डिवीजन अपने हिस्से में कुछ स्थानों पर सड़क को ठीक कराएगा ताकि यातायात में कोई बाधा न पड़े।
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गजरौला-संभल-बहजोई मार्ग की स्थिति है खराब
संभल। गजरौला से संभल और बहजोई होते हुए बदायूं तक गए मार्ग इस समय बेहद खराब स्थिति में है। विश्व बैंक परियोजना के लिए इस सड़क का चयन हुए तीन वर्ष हो गए पर काम शुरू नहीं हुआ। देरी का खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। सड़कों की खराबी का मुद्दा उठाने वाले सय्यद गुलजार अहमद का कहना है कि सड़क दो वर्ष से टूटी फूटी अवस्था में है। संभल से सैदनगली तक सड़क बेहद खराब है। यह हिस्सा संभल लोक निर्माण विभाग के अधीन है। सड़क निर्माण में देरी के लिए सरकारी तंत्र जिम्मेदार है। जब संभल से दिल्ली को जोड़ने इस सड़क को बनाने में इतनी देरी हो रही है तो गड्ढा मुक्त सड़कों के नारे की हकीकत आप खुद समझ सकते हैं।
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लोक निर्माण विभाग ने विश्व बैंक पोषित परियोजना में सड़क निर्माण के लिए धनराशि मंजूर की है। सड़क का चयन पहले ही किया जा चुका था। सड़क के किनारे लगे पेड़ हटाए गए हैं। बिजली लाइनों के खंभे भी हटाए गए हैं ताकि सड़क निर्माण की बाधा को दूर किया जा सके। अब जल्दी ही सड़क का काम शुरू होने के आसार हैं। यह कार्य को दो वर्ष में पूरा किया जाना है। सड़क बनने से दिल्ली से संभल होकर बदायूं जाने वालों को लाभ मिलेगा। संभल से बहजोई और इस्लामनगर आने-जाने और गजरौला से संभल आने जाने में भी गड्ढों का सामना नहीं करना पड़ेगा। फिलहाल सड़क खराब है।
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जगह-जगह गड्ढे हैं। वाहन खराब होने के साथ साथ हादसों का खतरा रहता है। सड़क खराब होने की वजह से तमाम वाहनों के चालकों ने अपना रास्ता बदला है। वर्ल्ड बैंक परियोजना में सड़क चौड़ी होने के साथ हॉट मिक्स के जरिए बनेगी, तब गजरौला से बदायूं तक के लिए रफ्तार भरने में कोई बाधा नहीं रहेगी। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता मानिक चंद ने बताया कि सड़क अगले महीने विश्व बैंक परियोजना में लोक निर्माण विभाग के विश्व बैंक खंड के पास चली जाएगी। इसे बनने में दो वर्ष लगेंगे। इसके पहले संभल डिवीजन अपने हिस्से में कुछ स्थानों पर सड़क को ठीक कराएगा ताकि यातायात में कोई बाधा न पड़े।
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गजरौला-संभल-बहजोई मार्ग की स्थिति है खराब
संभल। गजरौला से संभल और बहजोई होते हुए बदायूं तक गए मार्ग इस समय बेहद खराब स्थिति में है। विश्व बैंक परियोजना के लिए इस सड़क का चयन हुए तीन वर्ष हो गए पर काम शुरू नहीं हुआ। देरी का खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। सड़कों की खराबी का मुद्दा उठाने वाले सय्यद गुलजार अहमद का कहना है कि सड़क दो वर्ष से टूटी फूटी अवस्था में है। संभल से सैदनगली तक सड़क बेहद खराब है। यह हिस्सा संभल लोक निर्माण विभाग के अधीन है। सड़क निर्माण में देरी के लिए सरकारी तंत्र जिम्मेदार है। जब संभल से दिल्ली को जोड़ने इस सड़क को बनाने में इतनी देरी हो रही है तो गड्ढा मुक्त सड़कों के नारे की हकीकत आप खुद समझ सकते हैं।