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चौकीदार के नाम पर राजनीति न हो, सुविधाएं दे सरकार
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संभल। ग्रामीण अंचलों में सूचना और सुरक्षा का प्रथम सूत्र माने जाने वाले चौकीदार अचानक लोगों की जुबान पर आ गए हैं। इनकी चर्चा ग्रामीण क्षेत्रों में कम शहरी क्षेत्र में ज्यादा हो रही है। आखिर हो भी क्यों नही। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने नाम के आगे चौकीदार जो लिख लिया है। वहीं विपक्षी दल चौकीदार चोर बोलकर ताना देते हैं। ऐसे में चौकीदारों में खुशी और मायूसी दोनों है। चौकीदारों का कहना है कि यदि सरकार हमारे नाम को बड़ा बना रही है तो मानदेय और सुविधाएं भी दे जिससे परिवार का पालन पोषण हो सके। चौकीदार चोर कहने वाली बात पर वह मायूस हो गए। उन्होंने एक सुर में कहा कि राजनीति के चक्कर में चौकीदार जैसे मेहनती और ईमानदार व्यक्ति को बदनाम नहीं करना चाहिए। भाजपा के चौकीदार कैंपेन को लेकर ग्रामीण अंचलों में बसे चौकीदारों से संवाद किया। सभी सरकार से मिलने वाली सुविधाओं और मानदेय का रोना रोते नजर आए। चौकीदारों का कहना है कि सरकार नाम के साथ सुविधाएं और मानदेय बढ़ाए। जिससे परिवार का गुजार हो सके।
क्या बोले चौकीदार
-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने नाम के साथ चौकीदार लिखा है, यह खुशी की बात है लेकिन नाम को आगे बढ़ाने से बेहतर होता की वह गरीब चौकीदारों के लिए सुविधाएं देते। चौकीदार मेहनत करने के बाद भी परेशानी की जिंदगी बिताते हैं।
राजू, चौकीदार
-नाम का इस्तेमाल कर राजनीति हो सकती है। विपक्षी दल चोर कह रहे हैं। जबकि चौकीदार मेहनती और ईमानदार होता है। पुलिस के साथ रात में भी मेहनत करता है। लेकिन मानदेय के नाम पर मात्र 1500 रुपये दिए जाते हैं। वर्दी और डंडा तक नहीं मिलता।
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देवी सिंह, चौकीदार
-यह गर्व की बात है कि प्रधानमंत्री चौकीदार जैसा छोटा नाम अपने नाम के साथ जोड़ रहे हैं। लेकिन प्रधानमंत्री को चौकीदारों की बदहाली का भी संज्ञान लेना चाहिए। जिससे परिवार का पालन हो सके। सरकार की ओर से कोई सुविधा नहीं दी जाती। चौकीदारों का मानदेय बढ़ाया जाए और वर्दी दी जाए।
सखावत, चौकीदार
प्रधानमंत्री ने चौकीदारों को समाज के सामने इज्जत देने का काम किया है, लेकिन विपक्षी दल खुले मंच से चौकीदार चोर है बोल कर अपमानित करते हैं। यह चौकीदारों का अपमान है। गरीब चौकीदारों के नाम पर राजनीति बंद होनी चाहिए। अगर चौकीदारों के लिए कुछ करना है तो मानदेय और सुविधाएं दी जाएं।
रतनपाल सिंह, चौकीदार
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क्या बोले चौकीदार
-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने नाम के साथ चौकीदार लिखा है, यह खुशी की बात है लेकिन नाम को आगे बढ़ाने से बेहतर होता की वह गरीब चौकीदारों के लिए सुविधाएं देते। चौकीदार मेहनत करने के बाद भी परेशानी की जिंदगी बिताते हैं।
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राजू, चौकीदार
-नाम का इस्तेमाल कर राजनीति हो सकती है। विपक्षी दल चोर कह रहे हैं। जबकि चौकीदार मेहनती और ईमानदार होता है। पुलिस के साथ रात में भी मेहनत करता है। लेकिन मानदेय के नाम पर मात्र 1500 रुपये दिए जाते हैं। वर्दी और डंडा तक नहीं मिलता।
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देवी सिंह, चौकीदार
-यह गर्व की बात है कि प्रधानमंत्री चौकीदार जैसा छोटा नाम अपने नाम के साथ जोड़ रहे हैं। लेकिन प्रधानमंत्री को चौकीदारों की बदहाली का भी संज्ञान लेना चाहिए। जिससे परिवार का पालन हो सके। सरकार की ओर से कोई सुविधा नहीं दी जाती। चौकीदारों का मानदेय बढ़ाया जाए और वर्दी दी जाए।
सखावत, चौकीदार
प्रधानमंत्री ने चौकीदारों को समाज के सामने इज्जत देने का काम किया है, लेकिन विपक्षी दल खुले मंच से चौकीदार चोर है बोल कर अपमानित करते हैं। यह चौकीदारों का अपमान है। गरीब चौकीदारों के नाम पर राजनीति बंद होनी चाहिए। अगर चौकीदारों के लिए कुछ करना है तो मानदेय और सुविधाएं दी जाएं।
रतनपाल सिंह, चौकीदार