{"_id":"5c71ab9ebdec224a3d3ff0db","slug":"11550953374-sambhal-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पतेई की गौशाला में भूख से मर गई गाय, प्रशासन ने दफनाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पतेई की गौशाला में भूख से मर गई गाय, प्रशासन ने दफनाया
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संभल। गोवंशीय पशु की मौत की सूचना पर तहसील प्रशासन दौड़ पड़ा। आनन फानन में पोस्टमार्टम कराया गया। जिसमें गोवंशीय पशु के भूखे पेट मरने की पुष्टि हुई है। ग्रामीणों में इससे रोष पनप गया। तहसील प्रशासन ने ग्रामीणों को समझा बुझा कर पशु को दफना दिया है। साथ ही आवारा पशुओं को चिन्हित करने के आदेश दिए हैं।
कोतवाली गुन्नौर क्षेत्र के गांव पतेई कायस्थ में शनिवार की सुबह गोवंशीय पशु मृत अवस्था में पड़ा मिला। इसकी सूचना ग्रामीणों ने अधिकारियों को दी। सूचना पर सक्रिय हुए अधिकारियों में हड़कंप मच गया। आनन फानन में उप जिलाधिकारी ओमवीर सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जांच पड़ताल शुरू कर दी। पशु चिकित्सकीय टीम को बुलाया गया। पोस्टमार्टम हुआ। जिसमें गोवंशीय पशु के भूखे होने की पुष्टि हुई। ग्रामीणों में रोष पनप गया। ग्रामीणों का कहना है कि जब सरकार ने अस्थाई गौशालाएं बना दी हैं तो पशुओं की मौत भूखे पेट क्यों हो रही है? दरअसल गांव पतेई कायस्थ में अस्थाई गौशाला बनी हुई है। गौशाला से कुछ दूरी पर ही गोवंशीय पशु का शव पड़ा मिला। जिससे ग्रामीणों ने लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए रोष जताया। ग्रामीणों की माने तो सरकारी फरमान जारी होने के बाद प्रशासन ने दिलचस्पी दिखाई थी। लेकिन पशुओं के चारे की व्यवस्था नहीं होने पर यह बदहाली फिर से शुरू हो गई है। जिससे पशु आवारा घूमने लगे हैं। चारा नहीं मिलने से इस पशु की मौत हुई है। यदि चारे की सही व्यवस्था प्रशासन ने नहीं की तो पशु बदहाल हो जाएंगे।
विज्ञापन
कोतवाली गुन्नौर क्षेत्र के गांव पतेई कायस्थ में शनिवार की सुबह गोवंशीय पशु मृत अवस्था में पड़ा मिला। इसकी सूचना ग्रामीणों ने अधिकारियों को दी। सूचना पर सक्रिय हुए अधिकारियों में हड़कंप मच गया। आनन फानन में उप जिलाधिकारी ओमवीर सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जांच पड़ताल शुरू कर दी। पशु चिकित्सकीय टीम को बुलाया गया। पोस्टमार्टम हुआ। जिसमें गोवंशीय पशु के भूखे होने की पुष्टि हुई। ग्रामीणों में रोष पनप गया। ग्रामीणों का कहना है कि जब सरकार ने अस्थाई गौशालाएं बना दी हैं तो पशुओं की मौत भूखे पेट क्यों हो रही है? दरअसल गांव पतेई कायस्थ में अस्थाई गौशाला बनी हुई है। गौशाला से कुछ दूरी पर ही गोवंशीय पशु का शव पड़ा मिला। जिससे ग्रामीणों ने लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए रोष जताया। ग्रामीणों की माने तो सरकारी फरमान जारी होने के बाद प्रशासन ने दिलचस्पी दिखाई थी। लेकिन पशुओं के चारे की व्यवस्था नहीं होने पर यह बदहाली फिर से शुरू हो गई है। जिससे पशु आवारा घूमने लगे हैं। चारा नहीं मिलने से इस पशु की मौत हुई है। यदि चारे की सही व्यवस्था प्रशासन ने नहीं की तो पशु बदहाल हो जाएंगे।
विज्ञापन